राजस्थान मीटरगेज प्रवासी संघ रेल विकास के संघर्ष को सलाम

राजस्थान मीटरगेज प्रवासी संघ रेल विकास के संघर्ष को सलाम

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राजस्थान मीटरगेज प्रवासी संघ नहीं होता, तो आज भी हम मारवाड़ जाने के लिए ट्रेनों में धक्के खाते। आज हम लोग मुंबई और मारवाड़ के बीच इतनी सारी ट्रेनें देख रहे हैं, और अपने अपने गांवों के रेल्वे स्टेशनों से ट्रेन में मुंबई आने की इतनी सारी सुविधाएं पा रहे हैं, यह सब राजस्थान मीटरगेज प्रवासी संघ की कोशिशों का परिणाम है। इसलिए हमारे समाज में सबसे प्रतिष्ठित एवं सबसे सफल संस्था के रूप में प्रवासी संघ की ख्याति है। न केवल मारवाड़ बल्कि समूचे राजस्थान के लोगों के दिलों में इस संस्था के लिए बहुत सम्मान है। इस संस्था ने लगातार 40 सालों तक मेहनत करके रेलों को विकास के मामले में जो काम किया है, इसी की बदौलत आज लोग मारवाड़ के अपने गांव से ट्रेन में बैठते हैं और सीधे मुंबई पहुंच जाते हैं। सही है, कि राजस्थान मीटरगेज प्रवासी संघ अपनी मांगें नही रखता, तो रेल विकास के मामले में राजस्थान आज भी पिछड़ा हुआ ही रहता। राजस्थान मीटरगेज प्रवासी संघ के संघर्ष को सलाम कीजिए। यह संस्था धन्यवाद का पात्र है। संस्था के पदाधिकारी अभिनंदन के योग्य। क्योंकि मुंबई और मारवाड़ के बीच रेल सेवाओं और सुविधाओं के विकास और विस्तार के लिए अगर किसी ने सबसे ज्यादा संघर्ष किया है। वह पांच जून, 1979 का दिन था, जब बाली निवासी विमल रांका, लब्धिराज जैन एवं कांति सी जैन ने राजस्थान मीटरगेज प्रवासी संघ का गठन किया। संस्था का मूल उद्देश्य था- मुंबई और राजस्थान के बीच रेल यात्रा करनेवाले लोगों की यात्रा की समस्याओं को समाप्त करना। इसमें विभिन्न स्टेशनों का रिजर्वेशन कोटा बढाना, स्टेशनों का विकास कराना, विभिन्न ट्रेनों का मारवाड़ इलाके के स्टेशनों पर स्टॉपेज करवाना जैसे काम तो थे ही। लेकिन सबसे प्रमुख कार्य था, मुंबई से मारवाड़ के लिए सीधी ट्रेन चलवाना। पर, मीटरगेज रेल मार्ग को ब्रॉडग़ेज में तब्दील किए बिना सीधी रेल चलना संभव ही नहीं था। सो, दिल्ली अहमदाबाद रेलमार्ग को ब्रॉडग़ेज करवाकर सीधे मुंबई से जोडक़र नई गाडिय़ां चलवाने का काम पूरा होने के साथ बाद में इसमें डबल लाइन का काम भी जुड़ गया। हमारे इलाके में बिछ रही उस डबल लाइन के इलेक्ट्रिफिकेशन का काम भी अब प्रवासी संघ के लक्ष्य में जुड़ गया है।

कोई भी काम बिना संघर्ष के सफल नहीं होत। यह सब भी इतना आसान नहीं था। प्रवासी संघ ने पाली के सांसद रहे मूलचंद डागा का साथ लेकर अपना काम शुरू किया। फिर राजस्थान के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत के मार्गदर्शन में पिछले 35 सालों संस्था का काम विकसित हो रहा है। इस बीच पाली के सांसद रहे जस्टिस गुमानमल लोढ़ा, राजस्थान में मंत्री रहे ललित किशोर चतुर्वेदी, अजमेर के सांसद रहे रासासिंह रावत, बीकानेर के मनफूलसिंह भादू और बाड़मेर के बिरधीचंद जैन का भी सहयोग मिला। लेकिन इन सबसे सहयोग लेकर रेल विकास की इस मुहिम में असल में सबसे ज्यादा योगदान रहा संस्था के वर्तमान महामंत्री विमल रांका का, जिन्होंने अपने जीवन के पूरे 40 साल मारवाड़ में रेल सेवाओं के विकास में लगा दिए। ज्यादा स्पष्ट यह भी कहा जा सकता है कि अब 60 साल के हो रहे विमल रांका ने अपनी पूरा जीवन रेल सेवाओं के विकास में लगा दिया। रांका ने तो जैसे रेल विकास के इस काम को अपनी जिंदगी का मिशन ही बना लिया लगता है।

उपराष्ट्रपति के रूप में महामहिम बनकर भैरोंसिंह शेखावत जब पहली बार मुंबई आए थे, तो उन्होंने इस संस्था की तारीफ करते हुए कहा था कि रेल विकास में राजस्थान मीटरगेज प्रवासी संघ का सबसे बड़ा योगदान है। प्रवासी संघ के सचिव एवं मीडिया विशेषज्ञ निरंजन परिहार के मुताबिक मुंबई सहित देश भर में प्रवासी संघ के कुल 1008 सक्रिय सदस्य हैं,

महाराष्ट्र विधान सभा के मुख्य सचेतक एवं पूर्व मंत्री राज के. पुरोहित प्रवासी संघ के सक्रिय सहयोगी है। पुरोहित कहते है कि मैं राजस्थान मीटरगेज प्रवासी संघ के सभी पदाधिकारियों का आभार व्यक्त करता हूं क्योंकि उन्होंने पहले तो ब्रॉडग़ेज लाइन बनवाकर मुंबई से मारवाड़ को जोड़ा। फिर नई नई ट्रेनें चलवाकर मुंबई और मारवाड़ का सफर आसान किया। महाराष्ट्र बीजेपी के उपाध्यक्ष एवं वरिष्ठ विधायक मंगलप्रभात लोढ़ा के अनुसार राजस्थान से ट्रेन में मुंबई आने की इतनी सारी सुविधाएं प्रवासी संघ की कोशिशों का परिणाम है। राजस्थान मीटरगेज प्रवासी संघ के अध्यक्ष चंपत मुत्ता कहते हैं कि अमदाबाद से उदयपुर और मारवाड़ से उदयपुर के पहाड़ी रेलमार्ग को ब्रॉडग़ेज में परिवर्तन, स्टेशनों का विकास एवं अमदाबाद-मारवाड़-दिल्ली रेलमार्ग के डबल लाइन का काम पूरा होते ही उसका इलेक्ट्रीफिकेशन होने के साथ ही देश के सभी बड़े शहरों से ज्यादा ट्रेनें चलवाकर राजस्थान को जोडऩा सबसे बड़ा मुद्दा है। वैसे तो साफ लगता है प्रवासी संघ का काम लगातार बढ़ता ही जा रहा है। स्वर्गीय उपराष्ट्रपति महामहिम भैरोंसिह शेखावत ने कोई यूं ही नही कहा था कि राजस्थान मीटरगेज प्रवासी संघ के अलावा प्रदेश के रेल विकास का श्रेय किसी और को नहीं दिया जा सकता। शेखावत की बात सही थी, इसीलिए, राजस्थान मीटरगेज प्रवासी संघ का बहुत बहुत वंदन, बहुत बहुत अभिनंदन।