नाकोड़ा दरबार (मंडल) लालबाग मुम्बई का पुरा हुआ ख्वाब, १५वीं पार्श्वभैरव महाभक्ति...

नाकोड़ा दरबार (मंडल) लालबाग मुम्बई का पुरा हुआ ख्वाब, १५वीं पार्श्वभैरव महाभक्ति पर भायखला में उमड़ा भक्ति में भक्तों का सैलाब

SHARE

नाकोड़ा दरबार (मंडल) लालबाग मुम्बई द्वारा आयोजित १५वीं महाभैरव भक्ति शेठ मोतीशा जैन मंदीर भायखल्ला मे मनोजभाई शोभावत के प्रबल व अनुशासीत नेतृत्व मे विशाल जन समुदाय की मानद उपस्थिती व मेवाड श्वेताम्बर मुर्तिपूजक जैन संघ के अध्यक्ष समासेवी मोहनलाल बी पामेचा व जीरावला प्राश्र्वनाथ तीर्थ के महामंत्री संघवी प्रकाश सिरोडी के विशेष आतिथ्य मे सफलतापूर्वक सम्पन्न हुई।फलों की नगरी बैंगलुरु के संगीत सम्राट बिपीन पोरवाल (बेंगलुरु) की गायकी का जादू उपस्थित हजारों श्रोताओं के सर चढ़ कर बोला।

Nakoda Darbar1

आज की भक्ति मे संगीतकार नरेन्द्र वाणीगोता, जितेन्द्र कोठारी, संजय रांका, गीतकार-लेखक-कवि प्रदिप ढ़ालावत, सुरेन्द्र मुणोत, अमृत टी संघवी, भायखल्ला मंदिर के चेयरमेन किरणराज लोढा, ट्रस्टी घेवरचंद जैन, समाजसेवी अमृत कटारीया, विधायक राज के पुरोहित, आगामी भक्ति के लाभार्थी दिनेशकुमार ज्योतीचंदजी तलेसरा, मामा बिपीनभाई, शताब्दी गौरव के अखिल लोढ़ा, शंखेश्वर सुखधाम तीर्थ के धीरजभाईजैन, पोपट जैन, गजराज मेहता, इंदरमल जैन, रजनीकांत जैन, मदन पी. मुठलिया, धर्मेश रांका, गणपत कोठारी, सोहनराज परमार, मोती सेमलानी, वितराग पाठशाल के विक्की सर, भैरवभक्त राजुभाई रुपावत सहित कई प्रख्यात व विख्यात अतिविशिष्ठ गणमान्यो की उपस्थिती रही। नाकोडा दरबार मंडल के उपाध्यक्ष भरत कोठारी का भाईन्दर मे संचालीत नाकोड़ा दरबार जैन पाठशाला के स्वर्ण स्तम्भ के रुप मे शाल व माला पहनाकर स्वागत किया गया।

Nakoda Darbar4इस अवसर पर विशेष अतिथी जिरावला पाश्र्वनाथ तीर्थ के महामंत्री प्रकाश संघवी सिरोडी द्धारा गीतकार प्रदिप ढालावत व मनोजभाई शोभावत का  जिरावला की प्रतिष्ठा के प्रसार-प्रचार हेतु लिखे गऐ गीत व परिकल्पना के लिए एवं रिची शोभावत को व्हाटअप और सोश्यल मिडिया के द्वारा किये गए प्रचार एवं प्रसार हेतु चाँदी का स्मृतिचिन्ह, शाँल व माला देकर बहुमान किया।

नाकोड़ा दरबार (मंडल) अध्यक्ष मनोजभाई शोभावत उपाध्यक्ष भरत कोठारी, सचिव नवरत्न धोका, कोषाध्यक्ष भंवर छाजेड़, मुकेश राणावत ने अतिथि मोहनलाल पामेचा व संघवी प्रकाश का तीलक माला, श्रीफल, शाल व स्मृतिचिन्ह देकर बहुमान किया।

श्री पाश्र्वभैरव महाभक्ति के सम्पूर्ण लाभार्थी श्रीमती हंजाबाई जालमचंदजी कपूरचंदजी मुठलीया गुडा बालोतान परिवार के कुंदनमल, जयंतीलाल, रमेशकुमार, मंगलचंद (फर्म: अरिहंत ज्वेलर्स, आर. बी. ज्वेलर्स, एस.वी. गोल्ड, मुंबई) एवं परिवार के अन्य सदस्यों का मंडल द्वारा भव्य बहुमान किया गया। लाभार्थी परिवार के रमेश मुठलीया ने इस प्रसंग पर कहा कि आज की भक्ति मे भक्तो की विराट संख्या देखकर चित्त गदगद हो गया हमे खुशी है कि ऐसी परम भक्ति करवाने का सौभाग्य हमे मिला इस परिवार द्वारा भक्ति पश्चात भैरुजी की 108 दीपक की आरती का चढावा भी लिया गया। महाभक्ति का आगाज से लेकर अंजाम तक का सफर इतना मनभावक, मन को मोहीत करने वाला था कि महाराष्ट्र के भुतपूर्व मंत्री व विधायक राज के पुरोहित भी भक्ति मे खडे होकर झुमने के लिऐ मजबूर हो गऐ।

रिदम साऊण्ड़ व आवाज का सुन्दर तारतम्य प्रशंसनीय व अनुभोदनीय था।

नाकोड दरबार (लालबाग) के कोषाध्यक्ष भंवर छाजेड़ कार्यक्रम को सफल बनाने के लिऐ अंतिम दौर तक कार्य मे लिप्त नजर आऐ उनकी अथाह मेहनत एवं अध्यक्ष मनोजभाई की अनुशासनयुक्त सैद्धान्तीक कार्यप्रणाली अनुमोदनीय रही। कार्यक्रम दरम्यान सोने व चान्दी के पाँच सिक्के लक्की ड्रा के विजेता को लाभार्थी मुठलीया परिवार द्धारा प्रदान किऐ गऐ।भक्ति मे संगीतकार बिपीन पोरवाल व मंचसारथी भुषण ललितजी परमार का भी तीलक माला शाल व स्मृतिचिन्ह देकर स्वागत किया गया। भक्ति मे शेठ मोतीशा जैन मंदीर का व्याख्यायन हाल खचाखच भर गया था सेकड़ो लोग तीन घण्टे तक बाहर खडे रहकर भक्ति का आनंद लिया भक्ति पश्चात स्वामी वात्सलय रखा गया जिसमे सात हजार से अधिक भक्तो ने लाभ लिया उन्हे नाकोडा दरबार मंडल द्वारा पाँच रुपये की प्रभावना दी गई कुल मिलाकर यह आयोजन श्रेष्ठ व्यवस्थापन अनुशासन उपस्थिती व श्रेष्ठ गायकी के लिऐ आने वाले लम्बे समय तक याद रखा जाएगा।

Nakoda Darbarकार्यक्रम को सफल बनाने में नाकोड़ा दरबार के संस्थापक अध्यक्ष मनोज एम. शोभावत के नेतृत्व में उपाध्यक्ष भरत एन. कोठारी, सचिव नवरतन बी. धोका, सहसचिव राजेश एम. जैन, खजांची भंवर के. छाजेड, कार्यकारणी सदस्य अशोक जे. गांधी, कमलेश बी. जैन, सचीन एम. जैन, मुकेश सी. राणावत, संजय आर. रांका, भरत एस. मुठलिया, रणजीत सी. जैन एवं सदस्य भरत आर फागणीया, अरविंद के. जैन, हरीश आर. जैन, संजय जे. सोलंकी, घेवर के. छाजेड, नितेश एम. जैन, जितेन्द्र एम. जैन, अशोक टी. वडाला, भरत जे. ललवाणी का सराहनीय योगदान रहा।

Nakoda Darbar2Nakoda Darbar5Nakoda Darbar3