मोहनखेड़ा महातीर्थ: राजस्थान के गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया ने कहा संस्कार के लिये...

मोहनखेड़ा महातीर्थ: राजस्थान के गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया ने कहा संस्कार के लिये मंदिर से ज्यादा जरूरी है विद्यालय

SHARE
click to enlarge

राजगढ। हमारा जैन समाज शिक्षा के क्षेत्र में ६० बरसों से बहुत पीछे है। हमारे सभी गुरू भगवंतों ने अब शिक्षा के क्षेत्र की ओर अपना रूख किया है। हम १०० करोड़ रूपये का मंदिर बनाते है तो उसमें कुछ लोगों को ही संस्कारित कर पाते है। वर्तमान समय की मांग है की बच्चों को शिक्षा के साथ संस्कार भी दे। यहीं हमारी वास्तविक पूंजी भी है। संस्कारित बच्चे हमारे देश की जिम्मेदारियोंको निभाने में आगे आयेंगे और हम एक सभ्य व सुसंस्कारिता समाज की रचना कर पायेंगे। संस्कारों के लिये मंदिर से ज्यादा शिक्षा के मंदिर की आवश्यकता है।

उक्त प्रेरणादायी विचार राजस्थान के गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया ने श्री मोहनखेड़ा महातीर्थ परिसर में बने श्री गुरू राजेन्द्र इंटरनेशनल स्कूल के शुभारंभ अवसर पर व्यक्त किये। उन्होंने कहा कि ज्योतिष सम्राट मुनिप्रवर श्री ऋषभचंद्र विजयजी की सतत् मेहनत का परिणाम इस विशालकाय स्कूल के रूप में देखने को मिल रहा है।

इन्होंने दी निश्रा, हुआ बहुमान: मुनिप्रवर श्री ऋषभचंद्र विजयजी, मुनिराज पीयूषचंद्र विजयजी, श्री रजतचंद्र विजयजी, श्री प्रीतियशविजयजी व साध्वीश्री रश्मिरेखा श्रीजी, विराग्य यशा श्रीजी आदि ठाणा की निश्रा में उक्त कार्यक्रम हुआ। इसमे सभी अतिथियों, शिक्षकों, पालक व बच्चों को मंगलचारण का श्रवण कराने के बाद कार्यक्रम की शुरूआत हुई। नवप्रवेशित विद्यार्थियों ने माँ सरस्वती की वंदना की। स्वागत भाषण श्री आदिनाथ राजेन्द्र जैन श्वेताम्बर पेढी ट्रस्ट के मैनेजिंग ट्रस्टी सुजानमल सेठ ने दिया। कार्यक्रम में आये कटारिया, मप्र के ऊर्जा मंत्री पारस जैन, राज्यसभा सांसद मेघराज जैन का बहुमान किया गया।

५८ वर्षो बाद सपना साकार: मुनिप्रवर श्री ऋषभचंद्र विजयजी ने कहा कि इस स्कूल का स्वप्र मैने नहीं देखा था। इसकी कल्पना अर्धशताब्दी समारोह के समय आचार्यदेवेश श्रीम्दविजय यतीन्द्रसूरिश्वरजी ने की थी। हमारे गुरूदेव कविरत्न आचार्यदेवेश श्रीमद्विजयजी विद्याचंद्र सूरीश्वरजी ने १९७९ में ट्रस्ट विधान में संशोधन करते हुए श्री मोहनखेड़ा तीर्थ में अस्पताल व शिक्षा के लिये विद्यालय बनाने के निर्देश दिये थे। इसके बाद आचार्यश्री रवीन्द्रसूरिश्वरजी के समक्ष मैने जब श्री मोहनखेड़ा महातीर्थ को शिक्षा का केन्द्र बनाने की बात रखी, तब उन्होंने सहर्ष स्वीकृति प्रदान की। ट्रस्ट मंडल ने भी भरपूर सहयोग दिया। हमारी कल्पना है कि भारतीय संस्कृति के अनुरूप बच्चों का भविष्य सुधरें। उनका जीवन निर्माण हो। समाज के सभ्रांत परिवारों के बच्चें संस्कारित नहीं होंगे तो वह संस्कारों से वंचित रह जायेंगे। इस स्कूल की नीवं १६ अप्रैल २०१५ करे रखी थी। मात्र १४ महीनों में आर्किटेक्ट नितिन श्रीमाली व ठेकेदार कमल यादव ने एक लाख स्क्वेयर वर्ग फुट में इस परिसर का निर्माण किया। हमारे सपनों को साकार करने के लिये सीबी गोयनका व शैलेष शाह को जिम्मेदारी सौंपी गई है।

छात्र-छात्राओं के लिये बनेंगे हॉस्टल : मुनिप्रवर श्री विद्यार्थी ने कहा कि वर्तमान में यहां पर २०५ बच्चों को प्रवेश किया गया है। आने वाले वर्ष में यहां ९०० बच्चों को संस्कारित किया जायेगा। इस परिसर में ५०० बच्चों व बालिकाओं के लिये हॉस्टल बनाना प्रस्तावित है। स्कूल के निर्माण एवं संचालन में हमारे मैनेजिंग ट्रस्टी से व प्रकाश रांका ने महत्वपूर्ण योगदान किया।

जिम्मेदारी निभाने का करेंगे पूरा प्रयास : समापन पर प्राचार्य मानवेद्र काननूगो ने सभी को विश्वास दिलाते हुए कहा कि स्कूल प्रबंधन द्वारा उन्हें जो जिम्मेदारी दी गई है, उसे पूरी तरह निभाने का प्रयास करेंगे। विधायक वेलसिंह भूरिया ने कहा कि मेरे विधानसभा क्षेत्र में आज शिक्षा जगत की बहुत बड़ी सौगात मिली है। संचालन शिक्षिका शैली झामर ने किया। अंत में अतिथियों ने स्कूल के मुख्य द्वार पर फीता काटकर स्कूल का शुभारंभ किया। माँ सरस्वती का पूजन भी किया। इसके बाद भीनमाल निवासी बाबूलाल मिश्रीमल वर्धन परिवार मुंबई ने साधार्मिक वात्सल्य का आयोजन किया।