श्री शंखेश्वर तीर्थ / Shree Shankeshvar Tirth: Tirth is in the center...

    श्री शंखेश्वर तीर्थ / Shree Shankeshvar Tirth: Tirth is in the center of the village of Shankheshvar. Mulnayak, nearly 182 cm high, is a white-colored idol of Bhagawan Shankheshvar Parshva in the Padmasana posture.

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    श्री शंखेश्वर तीर्थ / Shree Shankeshvar Tirth

    मूलनायक : श्री शंखेश्वर पार्श्वनाथ भगवान, श्वेतवर्ण, पद्मासनस्थ।
    मार्गदर्शन : सामी से २५ कि.मी. दूर, हारीज से ४० कि.मी. दूर स्थित यह तीर्थ शंखेश्वर गांव के मध्य स्थित है। पंच सार गांव यहां से ८ कि.मी. है। मेहसाना यहां से ९४ कि.मी. दूर पड़ता है। तारंगा हिल से १३८ कि.मी., पाटण से ६७ कि.मी., महुडी से १३८ कि.मी. दूर है।
    परिचय : भारत के महत्वपूर्ण तीर्थ स्थानों में इसकी गणना की जाती है। इस तीर्थ का इतिहास श्री नेमिनाथ भगवान के समय का है। यह अत्यंत चमत्कारिक स्थल है। विक्रम संवत् ११५८ में महाराजा सिद्धराज जयसिह के महामंत्री सज्जनशाह ने यहां की यात्रा की और इस मंदिर का जीर्णोद्धार कर भव्य मंदिर का निर्माण किया। यहां का बावन जिनालय मंदिर भव्य है तथा उसके चारों ओर परकोटा है। यहां प्रति वर्ष चैत्र पूर्णिमा, कार्तिक पूर्णिमा और पौष वदी दशमी को बड़ा मेला लगता है। इस मंदिर से कुछ दूरी पर भव्य आगम मंदिर का निर्माण हुआ है। जैन धर्मग्रंथों को आगम कहते हैं। इन ग्रंथों की संख्या ४५ है। शंखेश्वर आगम मंदिर के नजदीक ही १०८ पार्श्वनाथ पभु प्रतिमाओं का भव्य जिन मंदिर निर्माण हुआ है। जिसे भक्ति विहार महाप्रासाद कहते हैं। यह मंदिर ८४ हजार चौरस फुट भूमि पर फैला हुआ है। १०८ शिखर्युक्त यह मंदिर बहुत ही सुंदर है। यहां पर पद्मावती शांतिपीठ आदि अनेक मंदिर दर्शनीय है।
    ठहरने की व्यवस्था : मंदिर के पास ही धर्मशाला, पेढ़ी और अन्य इमारतें हैं। इसके अलावा यहां अन्य छह धर्मशालाएं हैं। मंदिर के नजदीक ही जैन भोजनालय है। जहां पर अल्प मूल्य में अच्छा भोजन मिलता है।