भारत निर्माण अवार्ड से सम्मानित हुआ, ‘सिद्धायतनÓ

भारत निर्माण अवार्ड से सम्मानित हुआ, ‘सिद्धायतनÓ

SHARE
bharat nirman award-siddhayatan
bharat nirman award-siddhayatan

कोलकाता। जैन धर्म के महान तीर्थस्थल श्री सम्मेद शिखरजी स्थित अध्यात्मिक आत्मसाधना केंद्र ‘सिद्धायतनÓ को आध्यात्मिक ज्ञानोदय के क्षेत्र में अभूतपूर्व योगदान के लिए प्रतिष्ठित भारत निर्माण अवार्ड कोलकाता महानगर की संस्था ने कलामंदिर प्रेक्षागृह में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में विभूषित किया। सिद्धायतन की ओर से यह अवार्ड ट्रस्टी श्रीमती सोनी जैन, विकास कासलीवाल एवं श्रीमती मनीषा जैन ने लिया। सिद्धायतन को यह अवार्ड उसकी अभिनव संरचना, कार्यशैली एवं अतुलनीय उद्देश्य के लिए प्रदान किया गया है। 25वें भारत निर्माण इंस्टिट्यूशन अवार्ड 2018 में सिद्धायतन के उद्देश्यों एवं उपलब्धियों पर भी प्रकाश डाला गया। कार्यक्रम में बताया गया है कि सिद्धायतन किस प्रकार समाज के लिए एक प्रमुख केंद्र बनकर उभर रहा है।

उल्लेखनीय है कि सिद्धायतन ने पिछले वर्ष, अक्टूबर, 2017 में अपनी यात्रा का शुभारम्भ किया था और मात्र 9 माह की अल्पावधि में इसने हजारों लोगों से नाता जोड़ा है तथा उनके जीवन को खुशनुमा बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। अनेक लोगों की सकारात्मक सोच एवं प्रयास से यह अध्यात्मिक आत्मसाधना केंद्र मूर्त रूप ले सका है। जैन साधुगण, आर्यिका जी, हमारे समाज के सभी सम्मानित सदस्यों और खासकर प्रबंधन दल के सदस्यों की सलाह एवं आशीष से यह संभव हुआ है। इस तरह का चैरिटेबल होम भारत में अपनी तरह का पहला है, जिसमें समाज के सभी उम्र वर्ग के श्रावक-श्राविकाओं खासकर वरिष्ठ नागरिकों के लिए धर्म और साधना की हर सुविधा का ध्यान रखा गया है। इसके साथ ही इसका निर्माण सम्मेद शिखर जी की पावन धरती पर एवं पार्श्वनाथ की पवित्र पहाडिय़ों की तलहटी में होना, इसे और उत्तम बनाता है। यह आध्यात्मिक केंद्र 2.75 एकड़ क्षेत्रफल में फैला है तथा इसमें 155 अपार्टमेंट हैं। जिनालय के साथ विद्वानों से चर्चा हेतु कई हॉल हैं। यहां स्थित अनुसंधान केंद्र, पुस्कालय एवं कम्प्यूटर केंद्र का उपयोग कर ज्ञान एवं धर्म मार्ग पर आगे बढ़ सकते हैं। साथ ही यहां स्थित हॉल में भजन, विधान, परिचर्चा एवं प्रवचन कर सकते हैं। इस परिसर में गेम्स हाल, चैस गार्डन, बच्चों के लिये पार्क, बैडमिंटन कोर्ट, मिनी थिएटर, जिम जैसी कई सुविधाएं हैं। इसके साथ ही ‘सिद्धायतनÓ परिसर, में भक्तामर ध्यान केंद्र एवं श्री 1008 आदिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर की स्थापना करने जा रहा है। यह भक्तामर ध्यान केंद्र विश्व का अद्वितीय भक्तामर ध्यान केंद्र होगा। आधुनिक टेक्नोलॉजी के उपयोग से यह केंद्र विश्व में एक सराहनीय और अनूठा प्रयास होगा। भक्तामर ध्यान केंद्र एवं आदिनाथ मंदिर की स्थापना से श्री सम्मेद शिखरजी में धर्म प्रभावना में वृद्धि होगी एवं धार्मिक गतिविधियों को एक नया आयाम मिलेगा। ये दोनों केंद्र ही समस्त जैन समाज के हित में स्थापित किए जा रहे हैं।