गच्छाधिपति आचार्य श्री रविशेखर सूरीश्वरजी महाराज की पावन निश्रा में तपस्वियों का...

गच्छाधिपति आचार्य श्री रविशेखर सूरीश्वरजी महाराज की पावन निश्रा में तपस्वियों का सामूहिक पच्चखाण का आयोजन

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मुंबई। गच्छाधिपति आचार्य श्री रविशेखर सूरीश्वरजी म.सा. की निश्रा में नेमानी वाडी, ठाकुरद्वार के प्रांगण में पं. ललित शेखर विजयजी म.सा. ने पर्वाधिराज महापर्व पर्युषण के सातवें दिन कल्पसूत्र जी के वाचन का सातवां और आठवां प्रवचन दिया। भगवान महावीर स्वामी ने दीक्षा पश्चात ४२ चातुर्मास किये, उनका विस्तृत वर्णन किया, फिर भगवान महावीर स्वामी से दूसरे सभी तीर्थंकरों के बीच के अंतराल का वर्णन किया। नेमिनाथ भगवान और पाश्र्वनाथ भगवान के जीवन चरित्र की भी संक्षिप्त व्याख्या की। लगभग १५० अठ्ठाई और उससे बड़ी तपस्या वाले तपस्वियों के सामूहिक पच्चखान का आयोजन किया गया। जिसमें सभी तपस्वी सुबह ९ बजे लाड नी वाडी में पधारे, वहां सभी तपस्वियों का कंकु तिलक और मोती माला से बहुमान किया गया। जिसके बाद सभी तपस्वियों और उनके रिश्तेदारों को नेमानी वाडी में प्रवेश कराया गया। जहां तपस्वियों के बैठने के लिए अलग से गद्दियों की व्यवस्था की गयी थी। गुरुदेव ने प्रवचन दौरान सभी तपस्वियों को सामूहिक पच्चखान दिया। किशन सिंघवी और कुणाल शाह के अनुसार प्रवचन दौरान तपस्वियों के कंकु तिलक, मोती माला, श्रीफल और तप प्रभावना से बहुमान करने के ४ चढ़ावों की बोलियां बोली गयी और बहुत श्रावक-श्राविकाओं ने भी तपस्वियों के बहुमान के लिए नकरा लिखाकर अपनी लक्ष्मी का सदुपयोग किया।

कार्यक्रम में ठाकुरद्वार संघ के पदाधिकारी और समर्पण ग्रुप के कार्यकर्ताओं के अलावा सैंकड़ो तपस्वी और श्रावक-श्राविकाएं उपस्थित रहे।