पाटण में जैन समाज की एकता के हुए दर्शन

पाटण में जैन समाज की एकता के हुए दर्शन

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पाटण। गुजरात के पाटण नगर में पर्युषण पर्व के संपन्न होने के बाद निकलने वाली रथयात्रा नगर के सभी संघ ने संयुक्त रूप में निकाली, रथयात्रा में नगीनभाई पौधशाला, सागर जैन उपाश्रय एवं त्रिस्तुतिक जैन उपाश्रय के तीनों संघ के परमात्मा के रथ एक साथ चले, जिससे तिथि ओर समुदाय से उठकर जैन एकता के दर्शन हुए, इस रथयात्रा में पंन्यास श्री मोक्षेश विजय जी महाराज आदि, (ऊंकार सुरी समुदाय), मुनिराज श्री चारित्ररत्न विजयजी महाराज (जयन्तसेन सुरी समुदाय), मुनिराज श्री ऋ षभचंद्र सागर जी महाराज (सागरानंद सुरी समुदाय), मुनिराज श्री रत्न सुंदर विजयजी महाराज (रामचंद्र सुरी समुदाय), मुनिराज श्री नयशेखर विजय जी महाराज (प्रेमसुरी समुदाय) आदि ठाणा जो अलग अलग समुदाय के होने के बाद भी सभी ने मिलकर निश्रा प्रदान की, रथयात्रा में विभिन्न समुदायों के साघ्वी भगवंत भी पधारें, रथयात्रा में पाटण नगर के सभी समुदाय के लोग उपस्थित रहे, इस एकता का प्रारंभ पीछले चातुर्मास में मुनिराज श्री चारित्र रत्न विजय जी महाराज की प्रेरणा से हुआ था जब मुनिराज श्री की निश्रा में त्रिस्तुतिक जैन संघ पाटण के द्वारा चैत्य परिपाटी का आयोजन था तब मुनिराज श्री ने प्रेरणा की थी के  पाटण में बिराजमान सभी समुदाय के साधु साध्वी भगवंत की निश्रा में ओर पाटण के सभी संघ के संयुक्त तत्वावधान में इस चैत्य परिपाटी का आयोजन किया जाये,उस समय एकता के माहौल के बीच भव्य चैत्य परिपाटी का सफल आयोजन रहा, उनके बाद अभी तक अनेक कार्यक्रम में पाटण श्रीसंघ की एकता के दर्शन हुए।