भायंदर वेस्ट पद्माावती नगर में तप धर्म का जय-जयकार धर्म साधना से...

भायंदर वेस्ट पद्माावती नगर में तप धर्म का जय-जयकार धर्म साधना से हुआ उद्योत

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भायंदर। वेस्ट पद्मावती नगर में चातुर्मास में बिराजित श्री सूरिमंत्र पाश्र्व पद्मावती महादेवी साधक सुप्रसिद्ध प्रवचनकार आचार्य श्री विजय प्रभाकर सूरीश्वरजी महाराज साहेब की पावन निश्रा में पर्वाधिराज श्री पर्युषण महापर्व की भव्यातिभव्य आराधना संपन्न हुई। पर्युषण के आठों दिन अष्टान्हिका एवं कल्पसूत्र के महान ग्रंथ का वांचन के साथ धर्मोपदेश आचार्यश्रीने दिया। हजारों श्रावक श्राविकाने तप-त्याग-दान एवं करुणा दया की भावना के साथ पर्युषण कल्प को मनाया। चातुर्मास की सर्वोच्च आराधना सिद्धिपत की महान तपश्चर्या श्री संघ के ४८ भाग्यशाली भाई बहनों ने करके तप धर्म को सर्वोच्च शिखर पर स्थापित कर जीवन धन्य बनाया। दि. ०३.०९.२०१९ के दिन रथयात्रा का सभी तपस्वीयों के साथ भव्य वरघोडा नगर के मुख्य मार्गो पर निकला। दि. ०४.०९.२०१९ को सभी तपस्वीयों का पारणा उत्सव हुआ। सैकड़ो की संख्या में ८ उपवास की तपश्चर्या ८ साल के बालक-बालिका से लेकर ७५ साल के श्रावक-श्राविकाओं ने अठ्ठाई तप किया। दि. ०५.०९.२०१९ को सिद्धितप का पारणा हुआ। पारणा पश्चात सभी तपस्वीओं का शाही सम्मान सुवर्ण गीनी एवं रौप्य गीनी से किया गया। सिद्धितप की आराधना के संपूर्ण लाभार्थी श्रीमती कीर्तिबेन राकेशभाई बाफना एवं श्रीमती प्रेमलताबेन भवरलालजी बाफना परिवार का श्री संघ एवं ट्रस्ट की ओर से शाही सम्मान के साथ अभिनंदन पत्र अर्पण किया गया।

चातुर्मास के मुख्य लाभार्थी श्रीमती लीलाबेन रतिलालजी रेड के पुत्र गगन कुमार ने अठ्ठाई तप-८ उपवास की तपश्चर्या करके जीवन धन्य बनाया। पर्युषण महापर्व की आराधना से जीवन में क्रोध की भावना द्वेष की भावना का सर्वथा त्याग करने के साथ प्रेम-दया और करुणा की भावना जगाने से ही ये आराधना सफल होगी। पद्मावती नगर १५० फीट रोडपर आज तक नहीं हुआ ऐसा धर्म का उद्योत एवं आनंद पूज्य आचार्यश्री विजय प्रभाकर सूरीश्वरजी महाराज के आगमन से हुआ। ज्ञानसार की सम्यग् ज्ञान वाणी का श्रवण से घर-घर में आनंद एवं खुशी का वातावरण सर्जित हुआ। सिद्धितप निमित दि. ०५.०९.२०१९ से दि. ०९.०९.२०१९ तक जिनभक्ति स्वरुप पंचान्हिका महोत्सव आयोजित किया गया।