चुनाव संभालें या व्यापार?

चुनाव संभालें या व्यापार?

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Sidhraj Lodha

मुंबई। चुनाव की बिसात बिछ गई है। महाराष्ट्र में हर एक की जुबान पर चुनाव की चर्चा के अलावा बाकी बातें कम हैं। व्यापार की हालत लगातार कमजोर होती जा रही है। या यूं कहिए कि बहुत खराब होती जा रही है। लेकिन राजनीति ऐसी है कि वह हर किसी को अपनी तरफ खींच लेती है। इसीलिए हम सब कुछ भुला कर इस चुनाव में कौन जीतेगा और कौन जीतने की में जुटा हुआ है। इसी पर चर्चा करने में लगे हैं । मुंबई में राजस्थानी समाज के दो नेता प्रमुख रूप चुनाव मैदान में हैं। मुंबई भाजपा के अध्यक्ष मंगल प्रभात लोढ़ा और महाराष्ट्र विधानसभा के मुख्य सचेतक राज के पुरोहित। इन दोनों के अलावा मुंबई के बाहर देखें, तो भायंदर में नरेंद्र मेहता और विदर्भ में चैनसुख संचेती व बाकी महाराष्ट्र में राजेंद्र पाटनी जैसे नेता जैन समाज के उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं। इनमें से कौन जीतेगा और कौन हारेगा यह आने वाले समय पर निर्भर करेगा। लेकिन इतना तय है कि अगली विधानसभा में राजस्थानी समाज के कम से कम 5 से 6 चेहरे हमें दिखाई देंगे। हम इस बात पर खुश हो सकते हैं। इन विधायकों में जैन समाज के भी तीन- चार विधायक होंगे। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि हमारे व्यापार का क्या होगा। अर्थव्यवस्था अधमरी हो गई है और आगे अंधेरा दिखाई दे रहा है। लेकिन फिर भी हम अपने लोगों की जीत में जुटे हुए हैं। और एक सवाल यह भी है कि  आखिर उनकी इस जीत पर खुश होने वाले समाज के लिए ये राजनेता कितने काम आते हैं। इसलिए हम सबसे पहले अपना व्यापार संभालें, उसे मजबूत बनाएं और आगे बढ़ाएं क्योंकि हम अगर मजबूत होंगे तो राजनेता हमारे पीछे घूमेंगे।