पर्युषण पर फिर इतिहास रचेंगे दक्षिण मुंबई के जैन संघ निकालेंगे...

पर्युषण पर फिर इतिहास रचेंगे दक्षिण मुंबई के जैन संघ निकालेंगे भव्य सामूहिक रथयात्रा, ५० हजार से ज्यादा लोग जुडेंगे

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मुंबई। दक्षिण मुंबई के जैन संघो ने पर्युषण के बाद ऐतिहासिक सामूहिक रथयात्रा निकालने का निर्णय लिया है। भगवान श्री महावीर जन्म कल्याणक समिति दक्षिण मुंबई द्वारा आयोजित मीटिंग में गुरु भगवंतों और तमाम जैन संघ एवं जैन संस्था के पदाधिकारियों की उपस्थिति में यह निर्णय लिया गया कि ये रथयात्रा ८ सितंबर को निकलेगी, जिसकी व्यूहरचना के लिए प्रार्थना समाज स्थित आदित्य एवेन्यु उपाश्रय में भगवान श्री महावीर जन्म कल्याणक समिति दक्षिण मुंबई द्वारा आयोजित बैठक हुई।

इस दौरान खचाखच भरे हॉल में सभी संघो की उपस्थिति में यह निर्णय लिया गया कि सामूहिक रथयात्रा को यादगार बनाया जाए और इतिहास में लोग इसको याद रखे। हाल ही में श्री महावीर जन्म कल्याणक समिति द्वारा भगवान श्री महावीर जन्म कल्याणक के अवसर पर दक्षिण मुंबई के समस्त जैन संघो ने पहली बार सामूहिक रथयात्रा निकाली थी, जो अत्यंत सफल रही। इस रथयात्रा को मिली हुई सफलता को देखकर ही आयोजको ने पर्युषण के बाद इससे भी भव्य रथयात्रा निकलने का फैसला किया है। आचार्य भगवंत श्री रत्नाकर सूरीश्वरजी ने जन समूह को संबोधित करते हुए कहा कि सामूहिक आयोजन का आनंद ही कुछ और है और आयोजन अनुशासन से हो, तो इसमें चार चांद लग जाते है। सबको साथ में मिलकर इस रथयात्रा का आयोजन करना है। उन्होंने पूर्व में निकली रथयात्रा का उदाहरण भी दिया। इसी तरह आचार्य भगवंत श्री कीर्ति यश सूरीश्वरजी महाराज ने कहा कि परमात्मा की रथयात्रा जब निकलती है, तब जैन एवं जैनेतरों को परमात्मा के दर्शन होते है और संघ का कल्याण होता है। रथयात्रा के रास्ते में समस्त जैन एवं जैनेतरों का मुंह मीठा कराना चाहिये। गच्छाधिपति आचार्य भगवंत श्री धर्मधुरंधर सूरीश्वरजी महाराज ने कहा कि आचार्य श्री हीरसूरीश्वरजी के समय में जब चंपा श्राविका की तपस्या की रथयात्रा निकल रही थी, तब सम्राट अकबर इस रथयात्रा को दख कर जैन धर्म से प्रभावित हुए थे और इस रथयात्रा से प्रतिबोध लेकर उन्होंने हिंसा का त्याग किया था। आचार्य भगवंत श्री राजहंस सूरीश्वरजी महाराज ने कहा कि हम सब को साथ मिलकर सामूहिक रथयात्रा का आयोजन करना है। यह आयोजन इस प्रकार का होना चाहिये कि जो सालों तक यादगार बना रहे और इस आयोजन को सालों तक आगे बढाना है। गच्छाधिपति आचार्य भगवंत रविशेखर सूरीश्वरजी महाराज ने भी इस आयोजन के महत्व को प्रकाशित किया। वालकेश्वर स्थित बाबू अमिचंद पन्नालाल देरासर में विराजमान अनुयोगा श्री लब्धीसागरजी महाराज ने कहा कि इस रथयात्रा का आयोजन अपने शासन की परंपरा है एवं कर्तव्य भी है। इस कर्तव्य का गाजेबाजे के साथ पालन होना चाहिए और हर एक श्रावक को इसमें सहयोग करना होगा।

बैठक में आचार्य भगवंत श्री महानंद सूरीश्वरजी, आचार्य भगवंत श्री विजय श्रीचंद सूरीश्वरजी, आचार्य भगवंत श्री रत्नबोधी सूरीश्वरजी, आचार्य भगवंत श्री निर्मलदर्शन सूरीश्वरजी, मुनिराज श्री चंद्रयश विजयजी, मुनिराज श्री राजसुंदर विजयजी, मुनिराज श्री विवेक विजयजी सहित अनेक गुरु भगवंतो की भी उपस्थिती थी। बैठक का जैन युवा मुकेश वर्धन ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि गुरु भगवंत इतनी दूर से विहार कर के बैठक में पधारे है, वो केवल जैन शासन एवं सब के कल्याण के लिए गुरु भगवंतों की भावना है कि जिन शासन के समस्त पंथ एकत्रित हो कर भव्य आयोजन करे, तो हम सबको मिलकर ऐसा करना है। यह आयोजन प्रभु आज्ञा के अनुसार ही होगा। ऐसा हम विश्वास देते है एवं यह सामूहिक रथयात्रा भव्य होगी, इसका भी विश्वास है और इसकी परंपरा हर साल शुरु रहे, ऐसा आशीर्वाद पूर्व की रथयात्रा में गुरुभगवंतों ने दिया था।

श्री सांचोर जैन ओसवाल संघ की ओर से लालचंद बोथरा ने बैठक में उपस्थित सब का स्वागत किया एवं सब का आभार माना। आये हुए सभी मेहमानों का श्री सांचोर जैन ओसवाल संघ द्वारा संघ पूजन किया गया। बैठक में जैन अग्रणी विधायक एवं मुंबई भाजपा अध्यक्ष मंगल प्रभात लोढ़ा ने मार्गदर्शन किया एवं तमाम सहयोग देने का विश्वास दिया। जैन श्रेष्ठी गिरीशभाई (गोडीजी तीर्थ), धवल कानुंगो, भंवरभाई कोठारी, वीरेन्द्र शाह, राकेशभाई, शांतीभाई संघवी, भंवरलाल मुथा, शांतिभाई दोशी, बाबूलाल बोहरा, नरेशभाई सेठ, कयवनभाई संघवी, हिमांशूभाई राजा, विनोदभाई अजबानी, शांतिलाल चंदन, पारसमल संघवी प्रफुलभाई चंदन, लालचंद कानंूगो, छगनलाल मेहता, मांगीलाल मेहता, ललितभाई संघवी, महेन्द्र अंगारा, वसंतभाई मणशाली, महेन्द्रभाई करबावाला, चंपालाल मुणोत, मांगीलाल हरण, घेवरचंदभाई, नितिनभाई, धनपत जैन, मुकेश कावेडी, राजू संघवी, शैलेष भाई चोवतिया, प्रवीणभाई अंगारा, विजयभाई संघवी, सोहनराज बुरड भी उपस्थित थे।

समिति के पृथ्वीराज कोठारी, गिरीशभाई, हितेशभाई, भरत भाई, मुकेश वर्धन, धवलचंद कानूगो, शांतिभाई, लालचंद, राजूभाई, शैलेष भाई आदि इस आयोजन को सफल बनाने में अभी से जुट गए है। आगामी रथयात्रा का शुभारंभ के लिए भी कई संघो ने अपने संघ से इसकी शुरुआत करने की भी विनंती की।