पावापुरी धाम एक धार्मिक मॉडल हैं: आचार्य पूर्णचन्द्र सूरी

पावापुरी धाम एक धार्मिक मॉडल हैं: आचार्य पूर्णचन्द्र सूरी

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सिरोही। वरिष्ठ जैनाचार्य श्री पूर्णचन्द्रसूरी, आचार्य श्री युगचन्द्रसूरी महाराज अपने साधु-साध्वीयों के साथ श्री पावापुरी तीर्थ जीव मैत्रीधाम मे पधारे ओर वहां पर परमात्मा शंखेश्वर पाश्र्वनाथ एवं महावीर स्वामी के दर्शन वंदन किए। आचार्य श्री पूर्णचन्द्रसूरी ने पावापुरी तीर्थ जीव मैत्री धाम परिसर का भ्रमण किया ओर वहां बने ‘व्यावच्च कक्षÓ मे उपलब्ध व्यावच्च सामग्री के प्रेजेन्टेशन को भी देखा। इस कक्ष मे साधु-साध्वीयों के उपयोग मे आने वाली सम्पूर्ण सामग्री उपलब्ध है मालगंाव से राणकपुर पैदल संघ की स्मृतियो को ताजा किया ओर के पी संघवी आर्ट गेलेरी मे रखी 108 हस्त पेंटिग्स का अवलोकन कर उसे एक अद्भुत आर्ट गेलेरी बताया।

उन्होंने विशाल गौशाला का भ्रमण कर वहां की जा रही सेवाओं व गौमाता के लालन पालन व उनके लिए उपलब्ध चिकित्सा, आहार, पानी एवं रखरखाव की जानकारी ली । आचार्य श्री ने आर्ट गेलेरी मे पावापुरी तीर्थ निर्माता स्व. बाबुकाका संघवी को जीवन फोटो प्रर्दशनी को देखने के बाद कहा कि बाबुकाका के सुकृत कार्य ओर यह तीर्थ व जीवमेत्री धाम राजस्थान के लिए एक अनुपम देन है जिसे कभी भी भुलाया नही जा सकता है। आचार्य ने जीवदया, पर्यावरण एवं धार्मिक क्षेत्र मे केपी संघवी परिवार के कार्यो व उदारता का अनुमोदन करते हुए कहा कि इस परिवार ने देश मे वो कार्य किया हे जो जन मानस के लिए एक रोल मॉडल है। आचार्य श्री विहार कर श्री जीरावला तीर्थ मे चातुर्मास प्रवेश करेगें।