सूरत में आचार्य गुणरत्न सूरीश्वर महाराज एवं आचार्य रश्मीरत्न सूरीश्वर महाराज का...

सूरत में आचार्य गुणरत्न सूरीश्वर महाराज एवं आचार्य रश्मीरत्न सूरीश्वर महाराज का भव्य चातुर्मास प्रवेश

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सुरत। श्री अठवालाईन्स जैन श्वे. मू. पू. संघ शेठ श्री फुलचंद कल्याणचंद झवेरी पौषधशाला संघ में दिक्षा दानेश्वरी आचार्य गुणरत्न सूरीश्वर महाराज, प्रखर प्रवचनकार आचार्य रश्मिरत्न सूरीश्वर महाराज, पंन्यास हर्षरत्न विजय महाराज आदि ठाणा ५१ और गुरुमाता पूज्य प्रवर्तिनी पुण्यरेखाश्रीजी आदिठाण ७० का मंगलमयी चातुर्मास प्रवेश अत्यंत उल्लास के साथ हुआ है। गुरुदेव के स्वागत के लिए अठवालाइन्स का राजमार्ग मानव महेरामण से उमड पडा। स्वागत यात्रा पूर्ण होने के बाद प्रवचन एवं स्वागत समारोह का आयोजन हुआ। जिसमें संघ के अध्यक्ष जयंतीभाई एवं चीनुभाई शाह ने स्वागत किया।

आचार्य गुणरत्न सूरिश्वर महाराज, रश्मिरत्न सूरीश्वर महाराज ने अपने मंगला चरण प्रवचन में कहा की चातुर्मास भारतीय संस्कृति एवं जैन संस्कृति की धरोहर है। चातुर्मास आत्मा की वसंत ऋतु और आत्म जागृति का महान पर्व है। नव अलंकार से अपनी आत्मा को अलंकृत करने का यह पर्व है और आत्म अस्पताल का भव्य उ्दघाटन हुआ है। सुक्ष्म और सभी छोटे-बडे जीवो की रक्षा और अभयदान देने के लिए जैन समाज के चारो संप्रदायों के १६८५० से अधिक पूज्य साधु-साध्वीजी अपनी विहार यात्रा को विराम देकर एक ही स्थान में चार महिने के लिए स्थिरता करके धर्म लाभ देते है। व्याख्यान, जप-तप और त्याग एवं ज्ञान-संस्कार शिबिरों का शानदार आयोजन होता है। छोटी-बडी तपस्या बहुत होती है। इस मंगल प्रसंग पर आचार्य रविरत्न सूरीश्वर, आचार्य मुनीशरत्न सूरीजी,  दिक्षितरत्न विजय महाराज एवं सुश्रावक नरेन्द्रभाई कामदार गढडावाला ने अपने शब्दों से प्रासंगिक उद्बोधन करके चातुर्मास की सफलता के लिए शुभकामनाएं व्यक्त की।

गुरुपूजन का लाभ वाव निवासी रिखबचंद त्रिभोवनदासजी और कांबली के चढावा के लाभ संघवी मोहनलाल शंकरलालजी त्रोणी परिवार हस्ते शिरीनभाई, चिंतनभाई ने लिया। स्वागत समरोह पूर्ण होने के बाद श्रीफल की प्रभावना एवं स्वामी वात्सल्य का महान लाभ लिया गया और व्यवस्थिरुप से स्वागत कार्यक्रम संपन्न हुआ।