श्री पाश्र्वनाथ जैन विद्यालय वरकाणा की सभा सम्पन्न

श्री पाश्र्वनाथ जैन विद्यालय वरकाणा की सभा सम्पन्न

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मुबई। श्री पाश्र्वनाथ जैन विद्यालय वरकाणा कार्यकारिणी की सभा अध्यक्ष खुबीलाल राठौड की अध्यक्षता में मुंबई में कृष्णा पेलेस, ग्रांट रोड, मुंबई में संपन्न हुई। कार्यक्रम का शुभारंभ माँ शारदा व वल्लभ गुरुदेव के चित्र पर पुष्प अर्पित कर किया गया। संस्था मंत्री रमेश जैन ने साधारण सभा की बैठक की कार्यवाही की जानकारी दी जिसे सर्व सम्मति से पुष्टी की गई। सहसचिव सुकन परमार ने हमारे संवाददाता को जानकारी देते हुए बताया कि शिक्षा के स्तर को उच्चस्तर पर उठाने की भावी योजना पर गहन चिन्तन किया। भोजनशाला में अनावश्यक खर्चे समाप्त कर सुधार करने व सुचारुरुप से चलाने कि योजना को अंतिम रुप दिया गया।

संस्था के नियमों के अनुसार प्रबंध समितियों के गठन को अंतिम रुप दिया गया। संविधान संशोधन नये कोर्स प्रारंभ करने – संस्था का वार्षिकोत्सव भव्यता से मनाने पर गहन चिंतन करके संस्था की गतिविधियों को सक्रिय करने पर विशेष जोर दिया गया।

जैन समाज को भारत सरकार ने अल्पसंख्यक का दर्जा प्रदान किया है अत: हमारी संस्थाओं को भी अल्पसंख्यक स्टेटस की एकीकृत प्रदान करने के औपचारिकता को क्रियान्वित करने का निर्णय लिया संस्था के प्रांगण में क्रिडास्थल के निर्माण कि आवश्यकता को रेखांकित किया गया। जिसे घीसूलाल बदामीया ने प्लान व बजट बनाकर प्रस्तुत करने को कहा जिससे इसे अंतिम रुप दिया जा सके। मंत्री महोदय ने बसो की स्थिति प्रतिकुल होने के कारण नई बस की व्यवस्था पर ध्यान केंद्रित किया मगनलाल मेहता ने बस की स्विकृति प्रदान की। जिसका सभी सदस्यों ने करतल ध्वनी से स्वागत किया। कोषाध्यक्ष रुपचंद बलदोटा ने संस्था का आय-व्यय का ब्योरा पेश किया व आय के स्त्रोत बढाने की आवश्यकता को प्रमुखता देने का निवेदन किया। वरकाणा भवन विरार छात्रावास में छात्रो की घटती संख्या को मद्दनजर रखते हुए उस भवन से शिक्षा मंदिर प्रारंभ करने के लिए प्ले ग्रुप से ५ तक का छात्र के लिए श्रीमती कुसुम जैन द्वारा प्रेजेन्टेशन प्रस्तुत किया व छात्र छात्राओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए अलग अलग कोर्स योग भौगोलिक परिस्थित कृषी खेलकुद जैसे अनेक विषय के माध्यम से सर्वागिन विकास कि शुुरुआत करने का निर्णय लिया गया। वरकाणा के भूतपूर्व छात्रों के सम्मेलन कि आवश्यकता को लंबे समय से मेहसुस किया जा रहा था अत: इसके माध्यम से समाज को एक मंच पर लाकर समाज व शासन कि आजकी स्थिति पर कुछ बदलाव के साथ संगठन को दिशा प्रदान कर सके अत: कपुर बलदोटा को संयोजक कि जिम्मेदारी देकर आगे बढऩे का निर्णय लिया गया। अंत में भोजन पश्चात समारोह को विराम दिया गया।