सादड़ी स्नेह सम्मेल– २०१८ जब माटी ने दिल से पुकारा तो खिल...

सादड़ी स्नेह सम्मेल– २०१८ जब माटी ने दिल से पुकारा तो खिल उठा सादड़ी

SHARE
Sadri Sneh Sammelan
Sadri Sneh Sammelan

गोड़वाड़ के सिरमौर कहे जाने वाले सादडी के लिए बीते साल के आखिरी तीन दिन सबसे महत्वपूर्ण थे। सन २०१८ के दिसंबर महीने की २९, ३० एवं ३१ तारीख को पूरा सादड़ी खुशियों से खिल उठा था। यह अवसर था, सादड़ी जैन संघ का स्नेह सम्मेलन और नाम था – उड़ान। श्री सादडी जैन संघ, सादड़ी (राणकपूर) द्वारा यह तीन दिवसीय सम्मेलन हर दो साल में आयोजित किया जाता है, जिसमें पूरे गोड़वाड ही नहीं मारवाड़ के गांव गांव में होने वाले स्नेह सम्मेलनों से कुछ खास, कुछ अलग और कुछ अभिनव आयोजन होते है। जो हर साल अन्य गावों के लिए नई मिसाल और नई परंपरा का अध्याय लिखते है। इस बार इस स्नेह सम्मेलन में सादड़ी निवासी देश के जाने माने उद्योगपति सेलो ग्रुप के प्रबंध निदेशक प्रदीप राठौड को ‘स्टार ऑफ सादडीÓ सम्मान से विभूषित किया गया तो, युवा पीढी के कई नव उद्यमियों को अपने गांव से जुड़े रहने कि नई पे्ररणा मिली।

माना जाता है कि राजस्थान में मारवाड़ का महत्व बहुत बड़ा है, उसी तरह से मारवाड़ में गोडवाड़ का महत्व है। और यह भी मान्यता है कि गोड़वाड में सादडी सबसे महत्वपूर्ण है। उसी सादड़ी का इस बार का स्नेह सम्मेलन सफलता के इतिहास में एक नया अध्याय लिख गया। भारत भर में हर इलाकें में रहने वाले सादड़ी निवासी को अपने पैतृक गांव पहुंचे ही थे, विदेश से भी कई सादडी निवासी इस सम्मेलन में पहुंचे थे। कहा जा सकता है कि अपनी माटी में पुकारा तो देश-विदेश हर जगह से सादड़ी निवासी खींचे चले आये और अपने भूमिपूत्रों की उपस्थिति से सादड़ी खिल उठा। अपने गांव के अपने घर में अपनों से मिलने का आनंद किसी सपने के पूरे होने जैसा होता है। इस अविस्मरणीय आयोजन के संयोजन समिति के सेक्रेटरी रमेश रांका के मुताबिक सादडी निवासीयों ने इस बार यहअनुभव किया कि अपनी मातृभूमि में आकर सबके साथ मिल बैठकर कुछ पल गुजारने का आनंद अलग ही होता है। संयोजन समिति के अध्यक्ष खुबीलाल राठौड के अनुसार इस तीन दिवसीय सम्मेलन के पहले दिन २९ दिसंबर को सुबह उद्घाटन समारोह संपन्न हुआ जिसमें न्यायाधिपति जिनेन्द्रकुमार रांका और अल्पसंख्यक आयोग के सदस्य सुनील सिंघी विशेष रुप से उपस्थित थे। सादडी जैन समाज के सभी समुदायों और सभी पंथों के लोगों की उपस्थिति में आयोजित उद्घाटन समारोह के बाद रंगोली, पेंटिंग, सिल्वर कॅटेगरी लाभार्थी बहुमान समारोह, महिलाओं के लिए स्मार्ट झोन एवं शक्ति नाटक मंचन हुआ। साथ ही दिन में सादड़ी प्रीमियर लीग (एसपीएल) की शुरुआत हुई। दूसरे दिन ३० दिसंबर को मैराथन दौड़, हिलींग हारमनी, गोल्ड एवं प्लैटिनम कॅटेगरी लाभार्थी सम्मान के साथ एसपीएल के आयोजन हुए एवं शाम को प्रसिद्ध टीवी कलाकार एवं कवि शैलेष लोढ़ा की उपस्थिति में हास्य कवि सम्मेलन हुआ। सम्मेलन के अंतिम दिन ३१ दिसंबर को एसपीएल का सेमी फायनल एवं फायनल मैच होने के साथ सबसे विशेष कार्यक्रम रहा मातृपितृ सम्मान को समर्पित ‘माँ-बाप को भूलना मतÓ आयोजन एवं सम्मेलन के डायमंड कॅटेगरी लाभार्थीयों का अभिनंदन। राणकपुर जी में अद्भूत आंगी के दर्शन एवं १०८ दीयों की जिनालय आरती सहित राणकपुरजी मंदिर को ४००८ दीयों से सुशोभित करने का अद्भूत दृश्य आने वाले कई सालों में लोगों के दिलों में अकित रहेगा। और फिर साल की आखिरी रात में शुरु हुआ नव वर्ष के स्वागत का अभिनव आयोजन जिसमें व्यास ब्रदर्स के कलाकारों ने संगीत की स्वर लहरियों पर ऐसी ताल बिखेरी की सादडी निवासीयों का मन मयूर झूम उठा। इस आयोजन की सबसे बेहतरीन प्रस्तुति थी देश के प्रसिद्ध गायक अनूप जलोटा का वह गीत, जिसमें सादडी की विरासत, इतिहास और परंपरा का अद्भूत आख्यान था। संपूर्ण आयोजन की व्यवस्था अव्वल थी तो आयोजकों की आत्मियता की आलम भी शानदार था। देश और दुनिया भर के सादडी निवासीयों को भावनात्मक रूप से जोडऩे वाला यह स्नेह सम्मेलन आयोजन समिति के सदस्यों खुबीलाल राठौड़, प्रदीप जी राठौड, फतेचंद एन रांका, रमेश एफ रांका, विमलचंद एम धोका, हेमंत पी. जैन, भरत सी. रांका, नवरतन पुनमिया, पप्पु वी. राका, विमल पामरेचा, पुष्पराज कावेडिया के संयोजन में संपन्न हुआ। इनके साथ सम्मेलन की सफलता में पोपटलाल सुंदेशा, विजयराज सी राठौड, सुभाष ओसवाल, दिलीप सी पालरेचा, रमेश बाफना, कांति मेहता, मनोज ढेलारियावोरा, अशोक ओ गुंगलिया, ललित बी. करबावाला, कांतिलाल एम. चंडालिया, भूपेश पी. बाफना, निमित पुनमिया, पुलकित बाफना, हितेश जैन, अमृत सोलंकी, गिरीश राठौड, जितेन्द्र गुर्जर, अशोक छाजेड, हसमुख राठौड, हेमंत गोयल आदि सम्मेलन समिति के सदस्यों का महत्वपूर्ण सहयोग रहा।

संगीता राठौड, भावना राठौड, सुरेखा पुनमिया, निधी पुनमिया, शोभा राठौड एवं कल्पेश नाहर द्वारा प्रस्तुत कार्यक्रम को सादडी निवासीयों की दिल खोलकर प्रशंसा मिली एवं सभी ने खुब वाहवाही बटोरी। पुणे के सरताज विजेता रहे। सादड़ी के लोग अपने नयेपन के साथ इतिहास के पन्नों पर हमेशा से नई इबारत लिखते रहे हैं। इस बार का सादड़ी का यह स्नेह सम्मेलन – ‘उड़ानÓ अपने पिछले सम्मेलनों के मुकाबले ज्यादा ऊँची उड़ान वाला रहा। अध्यक्ष घीसूलाल बदामिया ने अगला सम्मेलन २०२१ में होने की घोषणा की। सेके्रटरी रमेश एफ. रांका ने आभार व्यक्त किया।