राष्ट्रसंत आचार्य श्री चन्द्राननसागर की पावन निश्रा में नाकोडा धाम में नव...

राष्ट्रसंत आचार्य श्री चन्द्राननसागर की पावन निश्रा में नाकोडा धाम में नव वर्ष पर महामांगलिक का भव्य आयोजन संपन्न

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विरार। नाकोड़ा धाम में प. पु. जाप-ध्यान-निष्ठ, महामंगलिक सम्राट, जन-जन आस्था के केंद्र राष्टसंत आचार्य गुरुदेव श्री चंद्राननसागर सूरीश्वरजी म.सा. का रिद्धि-सिद्धि समृद्धिदायक महामंगलकारी नूतन वर्ष महीने बेसते महीने का महामंगलिक का आयोजन नाकोडा धाम में पूज्य गुरुदेव के मुखारविन्द से हजारों भक्तों की उपस्तिथि में संपन्न हुआ। नाकोडा धाम में इस आधि, व्याधि निवारक, महाप्रभावी महामांगलिक को सुनने हजारों गुरु भक्त पूरे देश भर से आये। और गुरुदेव के मुखारविंद से महामांगलिक सुना। ज्ञात रहे कि इस महामंगलिक कि शुरुआत 35 वर्ष पुर्व दादा गुरुदेव दर्शन सागर सूरीश्वरजी म. सा. ने की थी। जो लगातार अखंड 35 वर्षो से जारी है। और इस मांगलिक का मूल उद्देश्य भक्तों के दु:ख दर्दो का निवारण करना है। और ये शत प्रतिशत सही है जो भी भक्त लगातार 9 मांगलिक, कोई 18 मांगलिक एवं कोई इससे ज्यादा भरता है उन सबकी इच्छा पूर्ण होती है। इसी कारण महामंगलिक को सुनने पूरे देश भर से भक्त आते है। इसके साथ ही गुरुदेव की निश्रा में विदुषी साध्वी कल्पिता श्रीजी म.सा., साध्वी चारुता श्रीजी म.सा. (बेन म.सा.) द्वारा भव्य तीन दिनों का कन्या शिविर भी नाकोडा धाम तीर्थ में संपन्न हुआ। जिसमे दो सौ से अधिक कन्याओं ने भाग लेकर जैन धर्म के साथ अपने जीवन के संस्कारों का निर्माण किया। इसके साथ ही विभिन्न आराधनाएं भी चल रही है। हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी गुरुदेव दिवाली से एक महीने पहले मौन साधना और अखंड जाप में चले जाते है।और दिवाली के दिन मौन साधना तोड़ते है। गुरुदेव का आर्शीवाद लेने, वासक्षेप डलवाने और मांगलिक सुनने के लिये पूरे देश भर से आये करीबन 3000 हजार गुरुभक्त दिवाली के दिन रात भर लाइन में गुरुदेव से आर्शीवाद लेने के लिए खड़े थे। गुरुदेव ने सभी भक्तों को आर्शीवाद दिया और वासक्षेप डाला। और सभी के लिये मंगल कामना की। प.पु. जिनशासन शणगार गच्छाधिपति दादा दर्शनसागर सूरीश्वरजी म.सा. की पाट परम्परा के अनुसार राष्ट्रसंत आचार्य श्री चन्द्राननसागर सूरीश्वरजी म.सा. के ऊपर मां सरस्वती की विशेष कृपा होने के कारण लाखों लोग आपके मांगलिक सुनने और दौड़े चले आते है। और यही कारण है।कि लाखों लोगों के ह्रदय परिवर्तित होते है। इस महामंगलिक को सुनने और गुरुदेव का आर्शीवाद लेने विशेष रूप से वरिष्ठ समाजसेवी कनकराज लोढा, इंदरमल राणावत, श्रीपाल जैन सिणधरी ग्रुप, नाकोडा धाम के सभी ट्रस्टी के साथ समाज के तमाम गणमान्य महानुभाव उपस्तिथ थे। इस मांगलिक के संपूर्ण लाभार्थी-मातुश्री श्रीमती छगनीबाई बख्तावरमलजी हीरालालजी पामेचा परिवार मोहन पामेचा (झालो की मंदार) थे। आयोजक परिवार के मोहन बी. जैन एवं परिवार को गुरुदेव ने आर्शिवाद प्रदान करते हुए कहा कि गुरुभक्त मोहन भाई का नाकोड़ा धाम से लंबे समय से जुड़ाव हैं। ज्ञात रहे कि हाल ही में पामेचा को दर्शन सागर अवार्ड से सम्मानित किया गया है। महामंगलिक में भक्ति की धूम युवा संगीतकार अभिषेक परमार भायंदर ने मचाई।