अगाशी तीर्थधाम में जैनम् जयति शासनम् के जयघोष के साथ पूज्य आचार्य श्री विजय प्रभाकर सूरीश्वरजी महाराज का हुआ शानदार चातुर्मास प्रवेश

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    विरार। भारत में अप्रतिम और महाराष्ट्र में सर्वप्रथम श्री समवसरण महामंदिर अगाशी तीर्थ के प्रांगण में श्री शंखेश्वर पाश्र्वनाथ जैन ट्रस्ट एवं श्री पाश्र्वपद्मावती फाऊंडेशन युवक संघ के तत्वावधान में जिन शासन के महान ज्योतिर्धर भगवान महावीर स्वामी की पट्ट परंपरा के बेजोड संवाहक अगाशी तीर्थोद्धारक लब्धिधारी परम पूज्य आचार्य श्री विजय दक्ष सूरीश्वरजी महाराज के पट्टालंकार लोकप्रिय समकित सम्राट प्रसिद्ध प्रचवनकार ज्योतिष विशारद श्री पाश्र्व पद्मावती महादेवी के परम साधक पूज्य आचार्य श्री विजय प्रभाकर सूरीश्वरजी महाराज साहेब एवं शिष्यरत्नो पूज्य मुनिप्रवर श्री महापद्म विजयजी महाराज, पूज्य मुनिश्री श्रीपद्म विजयजी महाराज आदि ठाणा का ऐतिहासिक शानदार जानदार भव्य चातुर्मास मंगल प्रवेश हुआ। चातुर्मास प्रवेश पसंग पर भारत के विभिन्न राज्यों एवं शहरों से सैकड़ो की संख्या में गुरुभक्त महानुभावों ने पधारकर गुरुभक्ति का आदर्श रचा दिया।

    पूज्य आचार्य भगवंतश्री का भव्य सामैया का विहार अगाशी मैन रोड से होते हुए अगाशी के मुख्य मार्ग होकर श्री समवसरण महामंदिर परिसर में आगमन हुआ। पूरे परिसर में मानव मेहरामण उमड पड़ा। विविध महिला मंडल एवं कलशधारी बालिकाएं, बग्गी एवं घोडे सवारी से सामैया, शोभायात्रा का नजारा कोई अलग ही आभा प्रकाशित करता था। प्रवेश समारोह के अध्यक्ष स्थान पर विरार के जाने माने लोकनेता श्री हितेन्द्रभाई ठाकुर विधायक एवं मुख्य अतिथि के रुप में रुपेश जाधव, महापौर वसई-विरार एवं सन्माननिय अतिथि के रुप में कल्याण राजस्थान जैन संघ के अध्यक्ष प्रकाशभाई हीराचंदजी मुथा, हसमुखभाई बाफना, दिपक ज्योति टॉवर, पारसमल रांका – दादर, विजयराज परमार-दादर, नयनभाई ऐडवोकेट विरार, जयंतिलाल सेलमलजी-दादर, निर्मलभाई संचेती-दादर पधारे थे। सुबह प्रवेश पूर्व ही वसई-विरार के महापौर रुपेश जाधव ने पूज्यश्री का आगमन पर स्वागत किया। मंच संचालन सुप्रसिद्ध अनिल सालेचा ने किया। सालेचा ने अपने मन के भावों के द्वारा समग्र सभा को भावविभोर बनाया। भायंदर के नए युवा संगीतकार अभिषेक एल. परमार ने अपने साथी कलाकारों के साथ गुरु भक्ति की धूम मचाई।

    हितेन्द्रभाई ठाकुर ने अपने उद्बोधन में पूज्य आचार्य भगवंतश्री को वंदन करते हुए कहा हमारे ठाकुर परिवार पर गुरुदेव के आशिर्वाद पूज्य गुरुदेव के गुरुदेव के समय से हमारे पर है। समय-समय पर धर्म प्रेरणा से ही समाज के कार्य करने में हमें आशीष का बल मिलता है। धर्म एवं समाज की सेवा के कार्यों में मेरा साथ-सहयोग रहेगा। अगाशी तीर्थ धाम में विशाल मंदिर है। अब एक कॉलेज बने ऐसी मेरी गुरुदेव से और श्रीसंघ से विनति है। प्रकाशभाई मुथाने अपने वक्तव्य में कहा कल्याण पर गुरुदेवश्री दक्ष सूरीश्वरजी महराज की असीम कृपा एवं आशिर्वाद रहा है। ६० साल पूर्व हमारे कल्याण में श्री नमिनाथ भगवान के जिनालय की प्रतिष्ठा गुरुदेव श्री दक्ष सूरीश्वरजी महाराज के कर कमलों द्वारा हुई थी। प्रतिष्ठा के बाद कल्याण जैन संघ के जाहोजहाली अविरत बनी है। आज कल्याण में छोटे-बड़े १४ जिनालय है। दक्ष गुरुदेव के शिष्य आचार्य श्री विजय प्रभाकर सूरीश्वरजी महाराज की भी उसी तरह श्री संघ पर सदा कृपा-आशीवा्रद बरस रहे है। हमारे श्री संघ के सदा के धर्म प्रेरक गुरुदेव श्री है। आज शिक्षा और मेडिकल के प्रति समाज को विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। पूज्य गुरुदेवश्री का गुरुपूजन एवं कांबली ओढ़ाने का यादगार चढावा बोली लेकर बोहरा परिवार (विश्व मंगल ग्रुप) मुंबई ने लिया।

    पूज्य गुरुदेवश्री ने प्रवचन में कहा आज चातुर्मास प्रवेश हुआ। आज से अपने आत्मा के घर में प्रवेश करना है। इधर-उधर न भटकते हुए स्थिर बनकर ये चातुर्मास के चार महिना आत्मा के उत्थान प्रगती के लिए धर्म साधना करनी है। जरुरतमंद को सहाय पहुंचाना है। सदाचारमय जीवन जीने का है। तप-र्ध को करके देह को शुद्ध करना है। और सिद्धी के शिखरों को छुकर सफलता प्राप्त करनी है। ऐसे भावों को जगाना है। विचारों को उन्नत बनाना है। विचारों से अपने दैनिक प्रवृत्ति आचार में परिवर्तन आता है। तन-मन-धन को शुद्ध करने का अवसर ये चातुर्मास है। सात्विक ऊर्जा प्रदान करनेवाला चातुर्मास है। नीति-नियम के साथ अपने धर्म का परीपालन करके सभी को गौरवशाली बनना है। ये चातुर्मास प्रवेश का आज का आप सभी को संदेश है। समय-समय पर इस पावन भूमि पर आके धर्मलाभ प्राप्त करते रहो और जीवन की दिशा के बदल दो दशा अपने आप शानदार बनेगी।

    दि. २.९.२०१८ रविवार के दिन श्री समवसरण महामंदिर परिसर के पीछे विशाल ग्राऊंड में राज राजेश्वरी भगवती श्री पद्मावती महादेवी का अति भव्य शास्त्रोवत विधिविधान युक्त महापूजन का आयोजन होगा। १०८ भाग्यशाली महानुभावों इस महापूजन में लाभ लेंगे। इन्द्र-पूरी समान दैदीप्यमान वाराणशी नगरी रचाई जाएगी। उसमें इन्द्र-इन्द्राणी बनकर सभी पुण्यवंतों भगवान श्री पाश्र्वनाथ दादा एवं सर्व मनोरथ पूर्ण करनेवाली भगवंती श्री पद्मावती महादेवी का साक्षात प्रभाव अलौकिक है। भक्तों की भावना माँ पद्मावतीजी की कृपा से तत्काल फलती है। महापूजन में लाभ लेने हेतु वेहला ते पेहला के अनूसार भाग्यशालीयों का नाम लिखा जायेगा। विशेष संपर्क के लिए मो. नं. ९३२४३२६७७२/ ९५४५७१२०६९ मोतीलालजी से संपर्क कीजिए।

    चातुर्मास प्रवेश प्रसंग पर कई धार्मिक राजकीय अग्रणी महानुभावों ने पधार कर प्रवेशोत्सव को भव्यातिभव्य बनाया। श्री शंखेश्वर पाश्र्वनाथ जैन ट्रस्ट के ट्रस्ट मंडल ने पधारे हुए सकल श्री संघ का आभार व्यक्त किया। श्री संघ पूजन एवं स्वामी वात्सल्य के द्वारा चातुर्मास नगर प्रवेश शासन प्रभावक संपन्न हुआ।