गच्छाधिपति आचार्य श्री नित्यानंद सूरीश्वरजी का लुधियाना में भव्य चातुर्मास प्रवेश

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    लुधियाना। विश्व की प्रसिद्ध औद्योगिक नगरी लुधियाना में पंजाब केसरी विजय वल्लभ सूरि समुदाय के वर्तमान गच्छाधिपति आचार्य श्रीमद् विजय नित्यानंद सूरीश्वर जी म.सा., समुदाय वडील तप केसरी आचार्य श्रीमद् विजय वसंत सूरीश्वर जी म.सा., ज्ञान प्रभाकर आचार्य श्रीमद् विजय जयानंद सूरीश्वर जी म.सा. आदि ठाणा-11, शासन रत्ना विदुषी साध्वी प्रगुणा श्री जी म.सा. आदि ठाणा-4 का भव्यतिभव्य चातुर्मासिक प्रवेश अपूर्व उत्साह के साथ धूमधाम से सम्पन्न हुआ।

    इस अवसर पर स्थानकवासी परंपरा के साधु पीयूष मुनि जी म.सा. एवम साध्वी मण्डल की गरिमामयी उपस्थिति भी रही। प्रवेश का शंखनाद लुधियाना के सुविख्यात घंटाघर चौक से हुआ। जहाँ हजारों की संख्या में गुरुभक्त इस ऐतिहासिक पल को संजोने हेतु देश के हर कोने से पधारे हुए थे। 22 वर्षो पश्चात हुए इस चातुर्मासिक प्रवेश के शुभारंभ से मानो पूरा लुधियाना ठहर सा गया था। हर तरफ गुरुभक्तों का सैलाब ही दिखाई दे रहा था। गुरुदेव श्री जी के सार्वजनिक अभिनंदन एवम स्वागत के अवसर पर पेरासुट एवं हेलिकॉप्टर द्वारा पुष्प वर्षा की जा रही थी।

    महासभा अध्यक्ष, मंत्री, महामंत्री एवम चातुर्मासिक कोर कमेटी के सभी सदस्यों ने वर्तमान वल्लभ का भावपूर्वक स्वागत किया। राष्ट्रपति सम्मान से सम्मानित सुविख्यात ओम आचार्य ने अपने चिर-परिचित अंदाज में कुशल मंच संचालन कर अदभुत समा बांध दिया। तत्पश्चात गुरुदेव के 51वे संयम वर्ष पर 51 झांकियों का काफिला प्रारम्भ हुआ, जिसमें जिनधर्म, आत्म-वल्लभ-समुद्र-इंद्र-नित्यानंद पाट परंपरा एवम अन्य सामाजिक विषयों को बहुत ही सुंदर तरीके से प्रस्तुत किया हुआ था। मंगल कलश लिए महिला मंडल की महिलाये, हाथों में धर्म ध्वजा लिए जैन स्कूल के बालक बालिकाएं, डांडिया एवम ढोल नृत्य करते युवक एवम विभिन्न प्रदेशों से आये बैंड सभी गुरुदेव के स्वागत हेतु आतुर थे।

    झांकियों के पश्चात जय जयकारों के साथ गुरुदेव श्री जी का नगर प्रवेश प्रारम्भ हुआ। युवा वर्ग का उत्साह देखते ही बन रहा था जैसे बरसो के इंतज़ार पश्चात शबरी के घर राम आ रहे हो। उनके उत्साह से इंद्रदेव भी अभिभूत हो अपना आशीष बरसा रहे थे, चौड़ा बाजार मन्दिरजी, पुराना बाजार मन्दिर जी, दाल बाजार मन्दिर जी में दर्शन वन्दन करते हुए गुरुदेव दरेसी स्थित जैन स्कूल के प्रांगण में पहुंचे।