धर्मप्रेमी तिलोकचंदजी मुठलिया पंचतत्व में विलीन

धर्मप्रेमी तिलोकचंदजी मुठलिया पंचतत्व में विलीन

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मुंबई। रानीगांव खार निवासी धर्ममप्रेमी वरिष्ठ समाजसेवी श्री तिलोकचंदजी हजारीमलजी मुठलिया का गत दिनों मुंबई में दु:खद निधन हो गया। वे ८९ वर्ष के थे। वे अपने पिछे भरा पूरा परिवार छोडकर गये है। उनकी अंतिम यात्रा एवं पिपल्स स्कुल, खार में आयोजित प्रार्थना सभा में सैकड़ो लोगों ने भावभीनी श्रद्धांजलि देते हुए उनके आत्मशांति के लिए प्रार्थना की। ओलंपिया गेम्स एण्ड टॉयज् लिमिटेक के संंस्थापक श्री मुठलिया का जीवन सादगी से भरा था। उन्होंने धर्म कर्म के क्षेत्र में अभूतपूर्व सहयोग दिया। प्रसिद्ध तीर्थ रमणीया में सभागृह का निर्माण, वरकाणा, विद्यावाडी एवं उम्मेदपूर में छात्रवृत्ति शुरु की जो आज भी जारी है। अपने पैतृक रानी गांव की अभूतपूर्व पत्ता निर्देशिका का प्रकाशन करवाया। इसके साथ ही रानीगांव में नि:शुल्य पशु शल्य चिकित्सा का आयोजन, वरकाणा में पोष दसम पर अठ्ठम तप की आराधना करवाई। बामणवाडा में चैत्रमास की ओली करवाई। वरकाणा में नवनिर्मित धर्मशाला में एक हॉल का लाभ लिया। पिछले चार सालों से निरंतर रानीगांव से पच्चीस से तीस किलोमीटर के दायरे में जैन समाज के सभी साधू साध्वीयों को चिकित्सा सेवा प्रदान करवाई। रानीगांव के आसपास १५ आंगणवाडीयों को गोद लिया। शताब्दी गौरव परिवार की ओर से दिव्यात्मा को भावभीनी श्रद्धांजलि।