जयप्रभ विजयजी (जेपी महाराज) की निश्रा में योग दिवस पर जैन योग

जयप्रभ विजयजी (जेपी महाराज) की निश्रा में योग दिवस पर जैन योग

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मुंबई। जैन समाज के क्रांतिकारी संत जयप्रभ विजयजी जी महाराज के मार्गदर्शन में अतंरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर भायखला के सेठ मोतीशा आदिश्वरजी जैन मंदिर में जैन योग का आयोजन किया गया। जिसमें बड़ी संख्या में जैन समाज के लोग शामिल हुए। इसमें नमस्कार महामंत्र आधारित ‘पंचपरमेष्ठि नमस्कार महायोगÓ कराया गया। इस अवसर पर संत जयप्रभ विजयजी जी महाराज ने जीवन में योग का महत्व बताते हुआ कहा कि जो मिटाए शरीर के रोग, उसका नाम है योग। जो मिला दे आत्मा से परमात्मा, उसका नाम है ध्यान और जो भूला दे सारे संसार को उसका नाम है साधना। उन्होंने कहा कि प्रतिदिन योग और ध्यान से मनयोग का शुद्धिकरण होता है। वचन का शुद्धिकरण होता है और काया का स्थिरीकरण होता है। इन तीनों से जीवन उज्जवल होता है। भक्तियोग से मुक्ति की ओर बढ़ा जा सकता है। ज्ञानयोग से अंहकार से मुक्त हुआ जा सकता है। मन की शांति चाहिए तो इनके साध ध्यान जरूरी है।