रुणवाल के दोहित्र आनंद ललवानी की टीम ने नासा का सैटलाइट बनाने...

रुणवाल के दोहित्र आनंद ललवानी की टीम ने नासा का सैटलाइट बनाने में मदद की

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पुणे। उद्योगपति सुभाषचंद्र रुणवाल के दोहित्र पुणे के 22 वर्षीय आनंद लालवानी उन 17 होनहार विद्यार्थियों में शामिल हैं, जिन्होंने नासा के सैटलाइट Equisat के लिए सोलर पावर और बैटरी सिस्टम का डिजाइन तैयार करने और सिस्टम को बनाने का में सफलता प्राप्त की है। इस सैटलाइट को नासा ने हाल ही में लॉन्च किया है। आनंद फिलहाल ब्राउन यूनिवर्सिटी में इंजिनियरिंग रिसर्च असिस्टेंट के रूप में काम कर रहे हैं और हाल ही में फिजिक्स में बीएससी (ऑनर्स) की डिग्री हासिल की है। वह ताऊ बेटा पाई सोसायटी के सदस्य भी है। उन्हें नासा के स्टूडेंट प्रोग्राम के लिए ‘ग्रुप लीडरÓ चुना गया था।

आनंद ने हमारे संवाददाता को बताया कि इस प्रॉजेक्ट के लिए विद्यार्थियों को नासा के एक विशेष प्रोग्राम ‘क्यूबसैट लॉन्च इनिशिएटिवÓ द्वारा फंडिंग की गई। 20 मई को भेजे गए सैटलाइट में इन विद्यार्थियों का बनाया एक 4 इंच क्यूब सैटलाइट भी है। लालवानी की अगुआई वाली पावर टीम ने न केवल सौर पैनलों को बनाया, बल्कि यह सुनिश्चित किया कि लॉन्च प्रक्रिया में उन्हें कोई भी हानि ना हो। विद्यार्थियों की इस टीम ने बैटरी-सोलर सिस्टम बनाने के साथ-साथ इसे सुरक्षित करने के लिए कोटिंग भी की। आनंद ने कहा, श्वक्तद्बस्ड्डह्ल विद्यार्थियों द्वारा विकसित किए गए सबसे किफायती  सैटलाइट्स में से एक है। इसकी औसत मूल्य 50 हजार से 1 लाख डॉलर है लेकिन हमारी टीम ने इसे 4 हजार डॉलर से कम में ही बना लिया। हमने 12 महीने तक इस पर काम किया। कठिनाइयाँ आई लेकिन हमने हिम्मत नहीं हारी और अंतत: हम इसमें सफल हो गए। ज्ञात रहे कि आनंद ललवानी विद्यार्थियों की टीम में चुने जाने वाले और टीम के नेतृत्व करनेवाले पहले भारतीय विद्यार्थी है।