सालरीया / Salariya

सालरीया / Salariya

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राजस्थान के पाली जिले में मेगा हाईवे क्र. ६७ पर नाडोल से १० कि.मी. दूर जवाली जाने वाली सड़क पर जवाली रेलवे स्टेशन से मात्र ४ कि.मी. दूर स्थित सालरीया में १४-१५ जैन परिवार बसे हुए थे। घुमटबंद जैन मंदिर में मूलनायक श्री चंद्रप्रभु स्वामी प्रतिष्ठित थे। जैन तीर्थ सर्वसंग्रह के अनुसार, श्री नथमलजी सेराजी सालरीया निवासी ने धाखाबंध जैन मंदिर का निर्माण करवारकर वि.सं. १९५४ में मूलनायक श्री चंद्रप्रभु स्वामी की एक पाषाण प्रतिमा प्रतिष्ठित करवाई व व्यवस्था हेतु श्री संघ को सौंप दिया। पूर्व में यहा ३५ जैन थे और एक उपाश्रय व एक धर्मशाला थी। मेरी गोडवाड यात्रा पुस्तक अनुसार, भी ७० वर्ष पहले श्री चंद्रप्रभुजी का मंदिर व ८ घर विद्यमान थे।

धीरे-धीरे गांव खाली होने लगा और ज्यादातर परिवार रानी स्टेशन जाकर बस गये। बाद में प्रतिमा भी रानी ले गये और वहीं प्रतिष्ठित कर दी। श्री मांगीलालजी, श्री दीपचंदजी, श्री परतोबा परिवार रानी जाकर बसे है। गांव का दौरा करने पर ज्ञात हुआ कि बाजार में पहले जहां जैन मंदिर था वहां अब गांव वालों हेतु पानी की टंकी बन गई है। कुछ दिन पहले तक मंदिर के टूटे अवशेष विद्यमान थे। गोडवाड क्षेत्र का गांव सालरीया भी वरकाणा सभा का मेंबर रहा है।