खारला ‘खारडा’ / Kharla

खारला ‘खारडा’ / Kharla

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राजस्थान के पाली जिले के गोडवाड़ क्षेत्र में जोधपुर उदयपुर मेगा हाईवे क्र.६७ (एस.एच.६७) पर स्थित है खारडा। सोमेसर रेलवे स्टेशन से मात्र १७ कि.मी. और रानी स्टेशन से २५ कि.मी. दूर खारडा नदी के किनारे बसे इस प्रगतिशील गांव खारडा का अपने आप में विशिष्ट स्थान है।

जैन तीर्थ सर्वसंग्रह ग्रंथ से प्राप्त जानकारी के अनुसार, श्री संघ खारला ने सर्वप्रथम वि. सं. १९८० में धाखाबंध जिनालय का निर्माण करवाकर मूलनायक श्री १७वें तीर्थंकर प्रभु श्री कुंथुनाथजी सह पाषाण की ४ और धातु की २ प्रतिमाएं प्रतिष्ठित करवाई। यहां पूर्व में १२० जैन और एक उपाश्रय था। आ. श्री यतींद्रसूरिज लिखित मेरी गोडवाड यात्रा के अनुसार, ७० वर्ष पूर्व मूलनायक श्री शांतिनाथ जिनमंदिर, एक उपाश्रय, एक धर्मशाला व ओसवाल जैनों के २८ घर विद्यमान थे।

समय बीतता गया और धीरे-धीरे मंदिर जीर्ण होने लगा। श्री संघ ने मिलकर जीर्णोद्धार का निर्णय लिया और कार्य प्रारंभ हुआ। एक-एक पत्थर के घडऩ के साथ जिनालय नया रूप लेने लगा। आरस पत्थर से निर्मित सुंदर एवं शिल्पकला की दृष्टि से मनमोहक यह मंदिर अपने आप में शांति का संदेश लेकर आया।

वीर नि.सं. २५०४, शाके १८९९, वि.सं. २०३४, वैशाख कृ. ७, मई १९७८ को, श्वेतवर्णी, २१ इंची, पद्मासनस्थ मूलनायक श्री शांतिनाथ प्रभु की मनभावन प्रतिमा सह अन्य जिनबिंबों, यक्ष-यक्षिणी आदि प्रतिमाओं की मंगल प्रतिष्ठा, प्रतिष्ठा शिरोमणि आ. श्री पद्मसूरिजी आ.ठा. की पावन निश्रा में महोत्सवपूर्वक संपन्न हुई। प्रतिवर्ष वैशाख सुदि ६ को श्री घेवरचंदजी अमीचंदजी मरलेचा परिवार ध्वजा चढाता है।

श्री रामचंदजी उमाजी बरलोटा परिवार से पांच धर्मप्रेमियों ने दीक्षा लेकर कुल व नगर का नाम रोशन किया है। श्री जगदर्शन विजयजी व श्री निर्मलदर्शन विजयजी (रामचंद्रसूरि समुदाय) तथा सा. श्री मुक्तिधराश्रीजी, श्री मेरूधराश्रीजी, श्री सौम्यप्रभाश्रीजी (भुवनभानु समुदाय) की जन्मभूमि खारला है। जगप्रसिद्ध ब्रांड माहिम हलवा वाला’ के श्री घेवरचंदजी वरदाजी बलदोटा भी यहीं के निवासी है।

गांव में ६० जैन परिवारों की लगभग ३०० जनसंख्या है। ३५०० पूरे गांव की जनसंख्या है। ८वीं तक स्कूल, अस्पताल, दूरसंचार, ढारियांबांध से सिंचाई आदि जैसी सुविधाएं उपलब्ध है। होली यहां का मुख्य त्योहार है। जैनों के अलावा ८ अजैन हिंदू मंदिर है। श्री हनुमानजी मंदिर के सामने लोकप्रिय वेरा (बावड़ी) है, जहां से पूरे गांव को पीने का पानी प्राप्त होता है। अंतिम क्रिया स्थल, डाकघर, शीतल प्याऊ आदि जैन समाज की देन है।

मार्गदर्शन : यह सोमेसर रेलवे स्टेशन से १७ कि.मी., रानी से २५ कि.मी. व नाडोल से ६ कि.मी. दूर है। जोधपुर हवाई अड्डा यहां से १२० कि.मी. दूर स्थित है। यहां के लिये सरकारी व प्रायवेट बस, टैक्सी तथा ऑटों की सुविधा प्राप्त होती है।

सुविधाएं : मंदिर के सामने चुन्नीबाई जैन उपाश्रय है और पास ही में जैन न्याति नोहरा है। धर्मशाला व १०० बिस्तर के पूरे सेट उपलब्ध है। भोजनशाला की उत्तम व्यवस्था है।

पेढी : श्री शांतिनाथ जैन संघ पेढी

मुख्य बाजार, मु.पो. खारला-३०६६०३, तह.देसुरी, जिला-पाली, राजस्थान

पेढी संपर् : पुजारी : प्रतापजी – ०९००१९६३५६८

ट्रस्टी : श्री रमेशजी मरलेचा – पनवेल – ०९८२०९७७७५९

श्री कांतिलालजी बलदोटा – ०८१०८५१५७७३