बलवना / Balwana

बलवना / Balwana

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वीरभूमि राजस्थान प्रान्त के पाली जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग क्र १४ पर स्थित एशिया की दूसरी बड़ी अनाज मंडी सुमेरपुर से ११ कि.मी. और जवाईबांध (एरणपुरा) रेलवे स्टेशन से मात्र २ कि.मी. दूर बिसलपुर-बीजापुर जानेवाली सड़क पर स्थित जवाईबांध की तलहटी में यहीं से निकलने वाली जवाई नदी के किनारे बसा है एक छोटा सा गाँव – ‘बलवना’ |

यद्यपि इसकी प्राचीनता का कोई विशेष प्रमाण प्राप्त नहीं हुआ है तथापि जैन तीर्थ सर्वसंग्रह ग्रंथ के अनुसार, यहाँ पर श्री संघ द्वारा वि. सं. १९६० में शिखरबद्ध छोटे से मंदिर में मुलनायक श्री धर्मनाथ प्रभु सह पाषाण की ३ व धातु की ३ प्रतिमाएं स्थापित की गयी| पहले यहाँ ५० जैनी और एक धर्मशाला थी|

गाँव के बुजुर्गो के अनुसार भी पहले यहाँ एक छोटा सा मंदिर था, जिसमे प्राचीन मुलनायक श्री धर्मनाथजी की प्रतिमा स्थापित थी और भक्त उसी की सेवा, पूजा-अर्चना करते थे| वर्तमान में यह प्रतिमा नूतन प्रतिष्ठा के समय मंदिर के पीछे भाग में स्थापित की गयी| प्राचीन मंदिर के जीर्ण-शीर्ण हो जाने पर योग्य मार्गदर्शन से श्री संघ ने आमूलचुल संपूर्ण जीर्णोद्धार का विचार करके निर्माण प्रारंभ किया| श्वेत पाषाण से निर्मित भव्य शिखरबंध एवं कलात्मक जिनमन्दिर में कम्पिल नगरी के राजा १३वे तीर्थंकर मुलनायक श्री विमलनाथ प्रभु की श्वेतवर्णी, २१ इंची, पद्मासनस्थ मनमोहक प्रतिमा सह श्री शंखेश्वर पार्श्वनाथ, श्री महावीर स्वामी, श्री संभवनाथ आदि नूतन जिनबिम्बो और यक्ष-यक्षिणी प्रतिमाओ की अंजनशलाका प्रतिष्ठा करके वीर नि. सं. २४९९ शाके १८९४, वि. सं. २०२९ के द्वि. वैशाख शुक्ल ६, गुरुवार, मई १९७३ के शुभ मुहूर्त में प्रतिमाओं को गदिनाशिन किया गया| यह प्रतिष्ठा महामहोत्सव पूर्वक गोडवाड जोजावर रत्न, प्रतिष्ठा शिरोमणि आ. श्री जिनेन्द्रसुरिजी आ. ठा. की पावन निश्रा में हर्षोल्लास से संपन्न हुई थी|

प्रतिवर्ष जेठ सु. १० को श्री मोहनराजजी दलिचंदजी और सागरमलजी हजारीमलजी परिवार ध्वजा चढाते है| आ. श्री के हाथो संभवत: यह अंतिम प्रतिष्ठा महोत्सव रहा, क्योंकि इस प्रतिष्ठा के बाद वि.सं. २०२९, जेठ वदी 5, मंगलवार, दि. २२ जून १९७३ को स्वर्गवासी हो गए|

आ. श्री पद्मसूरिजी के सदुपदेश से नवनिर्मित  श्रीमती शणगारीबाई प्रेमचंदजी वोतावत जैन श्वे. भवन का उद्धघाटन वि. सं. २०५२, मार्गशीर्ष वदी, १२, रविवार, दि. १९.११.१९९५ को संपन्न हुआ| यहाँ जैनों की कुल ५० घर (हौती) है और २०० के करीब जनसँख्या है| जवाईबांध यहाँ से मात्र 3 कि.मी. दूर है, जिसके संग्रहित जल से संपूर्ण पाली जिले की जरूरत पूरी की जाती है| प्रसिद्ध राता महावीरजी तीर्थ वाया बीजापुर २५ कि.मी. दूर है| २ कि.मी. दूर जवाईबांध स्टेशन पर दो जिनमन्दिर, धर्मशाला, भोजन की सुविधा है| डैम पर डाक बंगला और विश्रामगृह बने है|

मार्गदर्शन : सुमेरपुर हाइवे से ११ कि.मी. और जवाईबांध रेलवे स्टेशन से २ कि.मी. दूर स्थित बलवणा हेतु प्राइवेट बस, टैक्सी और ऑटो के साधन उपलब्ध है|

सुविधाये : मंदिर के ठीक पास वोतावत जैन भवन में कुछ कमरे और हाल बने हुए है| उपाश्रय और भोजनशाला की व्यवस्था है| मंदिर के सामने आराधना भवन बना है|

पेढ़ी : श्री विमलनाथ जैन श्वे. पेढी

जवाईबांध-बिसलपुर रोड, मु.पो. बलवणा, तह.बाली, जिला-पाली, राजस्थान

पेढी संपर्क : ०२९३३-२४४३७६, मुनीमजी : श्री ताराचंदजी

ट्रस्टी : श्री सागरमलजी चौहान – ०९८२०२८९९९४