राजस्थान मीटरगेज प्रवासी संघ द्वारा स्मारिका लोकार्पण एवं अभिनंदन समारोह का आयोजन

राजस्थान मीटरगेज प्रवासी संघ द्वारा स्मारिका लोकार्पण एवं अभिनंदन समारोह का आयोजन

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देश के विकास में राजस्थानियों का बहुत बड़ा योगदान – गहलोत

मुंबई। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव एवं राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा है कि देश के विकास में प्रवासी राजस्थानियों का बहुत बड़ा योगदान है। वे मुंबई में रेल विकास को समर्पित संस्था राजस्थान मीटरगेज प्रवासी संघ के चार दशक के रेल संघर्ष के इतिहास पर राजनीतिक विश्लेषक निरंजन परिहार द्वारा लिखित पुस्तक ‘संघर्ष यात्रा’ के लोकार्पण समारोह में बोल रहे थे। मुम्बई कांग्रेस के अध्यक्ष संजय निरुपम भी इस अवसर पर विशेष रूप से उपस्थित थे। निरूपम एवं गहलोत ने राजस्थान के रेल विकास हेतु मीटरगेज प्रवासी संघ के अध्यक्ष विमल रांका के 40 साल लंबे संघर्षपूर्ण योगदान की सराहना की।

कांग्रेस महासचिव गहलोत ने कहा कि यह गर्व की बात है कि राजस्थान के रेल विकास में राजस्थान मीटरगेज प्रवासी संघ का बहुत महत्वपूर्ण योगदान रहा है। अत्यंत गरिमामयी माहौल में आयोजित प्रवासी संघ की ‘संघर्ष यात्रा’ के लोकार्पण अवसर पर गहलोत ने संस्था की ओर से समाजसेवा के लिए इंदरभाई राणावत को ‘गोड़वाड़ भूषणÓ एवं बसंतीदेवी खीमावत को ‘पर्यावरण भूषण’ सम्मान प्रदान किया। समाजसेवी विमल बोराणा की अध्यक्षता में आयोजित इस समारोह मे भरत मेहता, रतनचंद ओसवाल, मृदुल डागा एवं चंपत मुत्ता भी विशिष्ट अतिथि के रूप में मंच पर उपस्थित थे। गहलोत ने इस अवसर पर कहा कि  यह गर्व की बात है कि देश के किसी भी कोने में रहकर भी राजस्थानी लोग जहां रहते हैं वहां के विकास के साथ अपने गांव में भी अस्पताल, स्कूल, गौशालाएं, धर्मशालाएं आदि  बनवाकर हमेशा से विकास में सहयोग करते रहे हैं। जो लोग अकाल और सूखे की स्थिति में राजस्थान छोडक़र बाहर चले गए, उन्हीं ने बाहर रहकर भी अकाल एवं हर विपदा में राजस्थान को सम्हाला, यह गर्व की बात है।

पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि देश भर में वे जहां भी जाते हैं, राजस्थानी समाज का प्यार उन्हें मिलता है और राजस्थान में जितना प्यार उन्हें मुख्यमंत्री पद पर रहते हुए मिला, उससे भी ज्यादा प्यार अब मिल रहा है। इस समारोह में उद्योग, व्यापार,  राजनीति, समाजसेवा आदि से जुड़े राजस्थानी समाज के कई जाने माने लोग उपस्थित थे।  कार्यक्रम का संचालन सुकन परमार ने किया। समारोह के आयोजन में कांति कितावत, जयंती परमार, नरेंद्र मांडोत, रमेश चोपड़ा, पारस जैन, प्रवीण गुंदेचा, सिद्धार्थ मुत्ता, विनेद लोढ़ा, मूलचंद जैन सहित सज्जन रांका की विशेष भूमिका रही।

योगी सभागार में आयोजित इस समारोह में मगनलाल मेहता, फतेचंद शाह, पोपटलाल सुंदेशा, बाबुलाल मंडलेचा, डा. ताराचंद जैन, पारस लुनिया, प्रवीण लुनिया, जुगराज पुनमिया, सोहनलाल पारेख, किरण चौपड़ा, जयंतिभाई एमके., मनोज शोभावत, पारस रांका, पुखराज राठौड, देवराज जैन, रमेश सी. जैन, वसंत रांका, मोतीलाल सेमलानी, हिम्मतसिंह राजपुरोहित सहित उद्योग, व्यापार,  राजनीति, समाजसेवा आदि से जुड़े राजस्थानी समाज के कई जाने माने लोग उपस्थित थे।