महिलाओं का सक्षम बनाने के लिए डिजिटल टेक्नॉलॉजी उपयुक्त

महिलाओं का सक्षम बनाने के लिए डिजिटल टेक्नॉलॉजी उपयुक्त

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मुंबई के केसी कॉलेज में जीतो द्वारा संपन्न हुए कार्यक्रम में अमृता फडणवीस को ‘पॉवर वूमन २०१८’ पुरस्कार प्रदान

मुंबई। अभी महिलाएं सभी क्षेत्रों में दिखाई देती है। उन्हें सक्षम बनाने हेतु डिजिटल टेक्नॉलॉजी बहुत उपयोगी साबित हो रही है। आज डिजिटल एजूकेशन और पानी महत्वपूर्ण विषय हैं। इसके बारे में जनजागृति करने का महत्वपूर्ण काम ‘जीतोÓ और डिजीटल वूमन वॉरियर्स कर रहा है। यह प्रतिपादन एक्सिस बैंक की उपाध्यक्षा और मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस की पत्नी अमृता फडणवीस ने किया।

अंतर्राष्ट्रीय जलदिवस के अवसर पर जैन इंटरनेशनल ट्रेड ऑर्गनाइजेशन ‘जीतो’ गोवालिया टैंक चैप्टर और डिजिटल वूमन वॉरियर्स के संयुक्त तत्वावधान में मुंबई के केसी कॉलेज में ‘पॉवर वुमन २०१८’ पुरस्कार समारोह संपन्न हुआ।

इसमें अमृता फडणवीस को ‘पाम्वर वमन २०१८’ पुरस्कार प्रदान किया गया। इस अवसर पर वे बोल रही थी। जीतो गोवालिया टैंक चेप्टर के चेयरमेन प्रवीण बच्छावत ने अपने स्वागत भाषण में सभी अतिथियों एवं देशभर से पधारी सभी जीतो लेडिज विंग पदाधिकारीयों का स्वागत किया।

समारोह में जीतो एपेक्स के प्रेसिडेंट शांतिलाल कवाड़, ट्रेजरार धीरज कोठारी,  भारत जैन महामंडल के राष्ट्रीय अध्यक्ष के. सी. जैन, ‘जीतो’ नेशनल विंग की अध्यक्षा शर्मिला ओसवाल, विंग की उपाध्यक्षा सुमन बच्छावत, कोकिला झवेरी, सहसचिव भरत शाह, डायरेक्टर इनचार्ज जीतो फाउंडेशन डे राजेश वर्धन, ओमप्रकाश कानुंगो, रंजन मेहता सहित सभी पदाधिकारी उपस्थित थे। प्रसिद्ध लेखिका गुंजन जैन, फिटनेस ब्लॉग लेखिका और डाइट स्पेशालिस्ट सपना व्यास, डा. रुपा शाह, फिल्म प्रोडयूसर सेजल शाह, उद्योजिका अमिता वोरा और एनडीए की प्रमुख स्मिता कुंद्रीकर को भी ‘पॉवर वूमन २०१८Ó पुरस्कार से सम्मानित किया गया। शर्मिला ओसवाल ने कहा, महिलाएं समाज का आधार स्तंभ होती हैं। हर अच्छे काम की शुरुआत महिलाओं से होती है। महिलाओं से होती है। महिलाओं के श्रम और शक्ति की सराहना करनेवाले इस समारोह में शामिल होकर मैं विशेष रुप से खुश हंू। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और नीति आयोग के अमिताभ कांत के मार्गदर्शन में शुरु किया गया भीम ऐप कैशलेस व्यवहार हेतु बहुत उपयोगी है।

महाराष्ट्र में अकाल पीडि़त गांवों के लिए ‘जीतो’ काम कर रहा है। चिखालसे, सांगिसे, पांगलोली ऐसे कई आदिवासी गांवो को गोद लेकर वहा पर पानी की समस्या हल की गई है। कार्यक्रम में पानी और उसका स्टॉक बनाने के महत्व पर प्रकाश डाला गया। उल्लेखनीय है कि भारत की महिलाओं को डिजीटल टेक्रॉलॉजी में कुशल बनाना और आर्थिक रुप से सक्षम बनाना डिजीटल वूमन वॉरियर्स का लक्ष्य है। ‘जीतोÓ गोवालिया टैंक चेप्टर के माध्यम से महिलाओं को डिजीटल टेक्नॉलॉजी के बारे में मार्गदर्शन को डिजीटल टैक्नॉलॉजी के बारे में मार्गदर्शन किया जाता है।