डायलाना में मेहता परिवार की सेवा का नया अध्याय

डायलाना में मेहता परिवार की सेवा का नया अध्याय

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नगर प्रवेश द्वार, आयुर्वेदिक हॉस्पिटल, पोस्ट ऑफिस का लोकार्पण

डायलाना। मनुज कितना भी बड़ा क्यों ना हो अगर वो अपने गांव व जन्मभूमि के प्रति वफादार नहीं है तो उसका अस्तित्व कुछ भी नही है, और जो व्यक्ति अपने गांव व जन्मभूमि के लिए सदैव तैय्यार व तत्पर रहता है,गांव की जन्मभूमि उसे अपने आंलम्बन मे लेकर स्वंयम् पर गर्व करके इतराती है।

कर्मभूमि मुम्बई मे अर्थोपार्जन कर स्वंयम् को सफलता के चरमोत्कर्ष शिखर पर आरुढ़ करने वाले युवा उधमी, समाजसेवी कांतीलाल मेहता एक ऐसी शख्सियत है जिन्होनें अपने गांव की माटी की सौंधी खुशबू दिल से आत्मसात कर गांव के प्रति अपने कर्ज का फर्ज निर्वाहन कर कई जनोपयोगी कार्य अपने पुरुषार्थ से अर्जित लक्ष्मी का सदुपयोग कर करवाऐ।

राजस्थान पाली जिला अन्तर्गत डायलाणा कला के अपने पेतृक गांव मे कांतीलाल मेहता ने अपने नुतन निर्माणाधीन गृह-प्रवेश के साथ-साथ र्स्वगस्थ माता-पिता के स्मर्णाथ गरीबो की तिमारदारी व रुग्णता को दूर करने के लिए स्वद्रव्य से आयुर्वेदिक अस्पताल, डाकघर एवं गांव के प्रवेशद्वार का निर्माण करवाकर अतुलनीय व अनुमोदनीय सत्कर्म किया है, इन सेवा उपक्रमों का लोकार्पण हांल ही मे प. पूज्य जैनाचार्य आचार्य श्रीमद् अरविन्द सागरजी म. सा. की पावन निश्रा मे आयोजित तीन दिवसीय कार्यक्रम के दरम्यान राजस्थान के स्वास्थ्य मंत्री कालीचरण सर्राफ के करकमलों द्वारा गांव के व आसपास के छत्तीस कौम के लोगों की मानद उपस्थिति मे हर्षोल्लास से सम्पन्न हुआ।

इस अवसर पर आयोजित वृहद समारोह मे पाली के वर्तमान सांसद व केन्द्र मे राज्यमंत्री पी. पी. चौधरी पाली के पूर्व सांसद पुष्पकुमार जैन, विधायक केशाराम चौधरी सहित कई अन्य अतिविशिष्ट गणमान्यो की उपस्थिति प्रमुख रही। तीन दिवसीय समारोह दरम्यान पुरे गांव को दुल्हन की तरह सजाया गया व जैन मंदिर मे धार्मिक अनुष्ठान के तहत मुंबई से आमंत्रित 18000 से ज्यादा स्वद्रव्य से परमात्मा की अंगरचना करने वाले धर्मनिष्ठ धर्मालु अमृतलाल पुनमिया द्वारा एतिहासिक केशर अभिषेक व महापुजा का आयोजन सम्पन्न करवाया जिसमे सम्मीलीत भविजन भक्ति से भावविभोर हो गऐ, रात्रीभक्ति मे कुमारपाल राजा की 108 दीपक की महा आरती पुरे राजदरबार के समावेश सहित गाजे बाजे के साथ कांन्तीभाई के नुतन गृह से जैन मंदिर मे आकर संगीत की स्वरलहरियों के साथ सैकड़ो भक्तो की उपस्थिति मे सम्पन्न हुआ। तीन दिनो तक संगीत की स्वरलहरीयों से सुरो की सरिता बहाई सुप्रसिद्ध जैन संगीत सम्राट अनील गेमावत ने तो मंच का धुआंधार संचालन मंचसारथी भुषण ललित परमार ने किया, दोनो की जोरदार जुगलबंदी ने तीन दिनो तक लोगों को भक्तिभाव से सराबौर कर दिया। तीन दिवसीय समारोह के पहले दिन गुरु भगवंतो का सामैय्या, धर्मसभा, गृहप्रवेश व रात्री भक्ति, दुसरे दिन महापुजा, केशर अभिषेक, कुमारपाल महाराजा की आरती, रात्रीभक्ति का भव्य कार्यक्रम तथा तिसरे व अंतिम दिन लोकार्पण समारोह जिसमें आसपास के बारह गांवो को न्योता देकर फलेचुंदरी जिसमे आठ दस हजार लोगो ने शिरकत की, इस दिन पुरे लाव-लश्कर,के साथ गुरुभगवंत, गांववासियों व लाभार्थी मेहता परिवार के संग गांव मे जुलुस के रुप मे पधारकर वाक्षेप डालकर मेहता परिवार की अनुमोदना की ततपश्चात उद्घाटनकर्ता स्वास्थ्य मंत्री कालीचरण सर्राफ, सांसद व केन्द्र मे राज्यमंत्री पी पी चौधरी, विधायक केशारामजी चौधरी, पूर्व सांसद पुष्प जैन ने सार्वजनिक उपक्रमों का लोकार्पण कर गांव को सुपूर्द किया।

इस अवसर पर बनाऐ गऐ भव्य डोम मे विशाल मंच बनाया गया जहा सर्वप्रथम संगीतकार अनिल गेमावत ने नवकार मंत्र से कार्यक्रम का शुभारंभ किया। तत्पश्चात आचार्य अरविंद सागर सुरिश्वरजी महाराज ने अपने प्रवचन मे कहां कि मानवता के कानन मे जो मानव मानवीय सुकृत्यों से अपना जीवन चरितार्थ करते है वे ही सच्चे समाजवीर कहलाते है, लक्ष्मी तो बहूत लोग कमाते है पर उसका जो सदुपयोग करना जानते है वे विरले समाज, धर्म, गांव, गुरु व परमात्मा के चहेते बन जाते है, उद्घाटनकर्ता स्वास्थ्य मंत्री कालीचरण सराफ ने अपने उद्बोधन मे कहां कि मेहता परिवार ने अपनी जन्मभूमि पर एक नही तीन-तीन सार्वजनिक जनपयोगी उपक्रमों का निर्माण करवाकर अपनी दरिया दिली व गांव के प्रति अपने प्रेम का उत्कृष्ट उदाहरण पेश किया है, मंत्री महोदय ने गांववासियों को आश्वस्त किया कि वे शिघ्र्रता शिघ्र प्रशासन द्धारा पुख्ता सुविधाएं अस्पताल व डाकघर मे उपलब्ध करवाऐगे। सांसद पी.पी. चौधरी, पूर्व सांसद पुष्प जैन विधायक केशाराम चौधरी सहित अन्य मंचासीन मेहमानों ने भी अपने उद्बोधन मे सिल्वर एम्पोरियम, मुम्बई के युवाउधमी, भामाशाह कान्तीलाल मेहता के सुकृत्य की सराहना की।

मेहता परिवार द्धारा गुरुदेव को कांबली,व अतिथियों को साफा, शाल, माला व स्मृतिचिन्ह देकर सम्मानीत किया गया, संगीतकार अनील गेमावत, अंगरचनाकार अमृत पुनमिया व मंच संचालक ललित परमार का भी बहूमान किया गया, गांव के जैन संघ, छत्तीसकौम व गांव की ग्राम पंचायत द्वारा कान्तीलाल मेहता व उनके परिवार का भव्य बहूमान स्वागत किया गया। ज्ञातव्व हो कि इस समारोह मे शिरकत करने के लिए मुम्बई, पुना, सुरत, चेन्नई, बेंगलोर व राजस्थान से श्री मेहता के आमंत्रण पर कई स्वजन, प्रियजन व मित्रगण पधारे। इस मोके पर सम्पूर्ण डायलाणा कला का जैन समाज उपस्थित हुआ ल गांव की एकता का परिचय दिया श्री मेहता ने जैन समाज के प्रत्येक घर मे चांदी की अष्टप्रकारी फ्रेम लोणी के रुप मे भेट की व छत्तीसकोम मे मिठाईयां भी बांटी। समारोह मे मुम्बई से विशेष रूप से शताब्दी गौरव के संपादक राकेश लोढ़ा ने अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई।

मंचसारथी भुषण ललित परमार के धाराप्रवाह संचालन ने लोगों को लम्बे समय तक बांधे रखा।