नाकोड़ा दरबार मंडल (लालबाग) मुंबई द्वारा 16वां पार्श्र्वभैरव महाभक्ति आयोजन

नाकोड़ा दरबार मंडल (लालबाग) मुंबई द्वारा 16वां पार्श्र्वभैरव महाभक्ति आयोजन

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मुंबई। नाकोड़ा दरबार मंडल (लालबाग) मुंबई द्वारा आयोजित 16वीं पार्श्र्वभैरव महाभक्ति, गुरूदेव परम पूज्य राष्ट्रसंत चन्द्रानन सागरसूरीजी की पावन निश्रा में हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुई। अद्भूत, अनुपम, अविस्मरणीय नाकोड़ा दरबार (लालबाग) मुंबई  द्वारा आयोजित पार्श्र्वभैरव महाभक्ति के आयोजन ने सारे सारे रेकॉर्ड तोड दिये। भक्ती में लगभग 6500 से 7000 भक्तगणों की उपस्थिति रही। नाकोड़ा दरबार मंडल दिन ब दिन नये आयाम स्थापित करते जा रहा है।

किसी ने यूँ हीं नहीं कहा है कि…..

नशा दौलत का हो या फिर शोहरत का, चूर कर देता हैं। मगर नशा ‘भैरूजी की भक्ति’ का हो तो मशहूर कर देता है।

नाकोड़ा दरबार मंडल के संस्थापक अध्यक्ष मनोजभाई शोभावत एवं नाकोड़ा दरबार मंडल के तमाम सदस्यों की मेहनत रंग लायी। इतने दिनों से ,नित नये माध्यमों (मैसेज, पत्रिका विडियो इत्यादि) से जिस प्रकार पार्श्व भैरव भक्ति  के महाकुंभ की तैयारियाँ चल रही थी। भक्तों को आमंत्रित किया जा रहा था।ठिक उससे कही बढक़र अतिसुंदर भक्ति संपन्न हुई वो कई वर्षों तक याद की जाएगी।

गीत-संगीत, संचालन,भोजन-आयोजन सब कुछ इतना शानदार था कि भक्तों के मुँह से एक शब्द में कहें तो, ‘वाह!Ó क्या बात है? भक्ति हो तो ऐसी इस महाभक्ति के बारे में लिखने जाए तो शब्द बौने साबित होंगे। प्रथम नवकार मंत्र से शुरुआत राष्ट्रसंत परम् पूज्य आचार्य श्री चन्द्राननसागर सूरीश्वरजी महाराज साहेब एवं मुनिराज परम् पूज्य श्री मननचंद्र सागरजी महाराज साहेब आदि ठाणा द्वारा प्रदत मांगलिक के बाद भक्ति की शुभ शुरूआत हुई। मंच संचालक भरत जी कोठारी और भक्ति संगीतकार वैभव बाघमार का संयोजन देखने लायक था। जहाँ भरतजी कोठारी अपनी विशिष्ट शैली से मंच संचालन कर रहे थे। वही वैभव बाघमार के एक से बढकर एक नये पुराने भक्ति के तराने भक्तों का मन मोह रहे थे। मंगलाचरण के साथ शुरू भक्ति में ‘रूमक झुमक मारा भैरूजी पधारोÓ जैसे सदाबहार गीत तो  ‘ओ भैरूजी थोरो भक्त बनु मैं’,  ‘मेरे मन मे पारसनाथ, तेरे मन मे पारसनाथ’ …….तो ‘ओ मारा नाकोडा रा नाथ’  जैसे नये गीतो ने अलग ही शमा बाँधा। कहना पडेगा युवा संगीतकार वैभव बाघमार की आवाज में एक जादू है। जो भक्तों को भक्ति में झूमने पर मजबूर कर देती है।

संपूर्ण श्री पार्श्र्व भैरव महाभक्ति -2018 के लाभार्थी परिवार श्रीमती मदनबेन ज्योतिचंदजी  तेलिसरा खोड़ (राज.) भांडुप /मुम्बई थे श्रीमान दिनेशजी ज्योतिचंदजी तेलिसरा ने यह आदेश 4 वर्ष पूर्व लिया था । इस भक्ति का पूरे परिवार ने भक्ति भाव से आनंद लिया। इस भक्ति के मुख्य अतिथि समाजसेवी शा किरणराजजी मांगीलालजी लोढा, खैरवा (राज) मुंबई थे, जिनका बहुमान नाकोडा दरबार के कार्यकर्ता द्वारा किया गया। विशेष अतिथि समाजसेवी शा. कान्तिलालजी पुखराजजी शाह तखतगढ़ (राज.) मुम्बई थे,जिनका भी बहुमान नाकोडा दरबार के कार्यकर्ताओं द्वारा किया गया था।

श्री पार्श्र्व भैरव प्रसादी बुक का विमोचन श्री ज्योतिचंद्रजी बस्तिमलजी तेलिसरा, खोड़ (राज.) भांडुप मुम्बई द्वारा किया गया था। भक्ति में एक और आकर्षण था। बेटी और बहु पर प्रदीपजी ढालावत द्वारा लिखा और वैभव बाघमार द्वारा गाया ‘बेटी मेरी अभिमान मेरा, बहु मेरी बहुमान मेराÓ गीत का लॉन्च हुआ।

ये कहे तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी की इस प्रकार का पार्श्र्वभैरव की महाभक्ति का आयोजन मुंबई में  ही नही अपितु पूरे भारत मे अपने आप मे विशाल और इकलौता आयोजन है। जिस प्रकार से पिछले कई वर्षों से भायखला की पावन पुण्यधरा पर नाकोड़ा दरबार (मंडल) लालबाग, मुम्बई ने जिस तरह इतिहास रचकर धर्म प्रभावना मे अभिवृद्धि की है। और शासन सेवा कर रहे है उसके पीछे नाकोडा दरबार के संस्थापक अध्यक्ष मनोजभाई शोभावत की दूरदृष्टी गहरी सोच परमार्थ की भावना का परिचायक है। जिन्होने अपने सेवा समर्पण भाव से युवाओं को इस भक्ति भाव और शासन सेवा से जोडने का कार्य किया है।

कार्यकर्ताओ का उल्लेख करे तो नवरतन धोका, भंवर छाजेड़, भरत कोठारी और नाकोडा दरबार के तमाम युवा सदस्यों के योगदान अभूतपूर्व रहा। भक्ति में कई संघो के गणमान्य व्यक्ति, आमंत्रित भक्ति मंडल तथा कई गणमान्य व्यक्तियो की उपस्तिथि भी उल्लेखनीय रही जिसमे प्रदीप ढालावत, मोतीलाल सेमलानी, रणवीर गेमावत, अमृतलाल कटारिया, किरणभाई शाह, घेवरचंद जैन, धर्मेश रांका, जयेशभाई वालकेश्वर, जयन्तिलाल सरदारमलजी, उज्जैन शाखा: अध्यक्ष सुनील जैन, उद्योगपति मदनलाल मुठलिया, नाकोडा पूर्णिमा मण्डल उदयपुर के नितिन नागौरी, गौरव जरावीय, नाकोडा पूर्णिमा मण्डल रतलाम के मुकेश कोठारी, कुलदीप जैन, प्रवीण के. साकरिया, विकास एम. मेहता, संजय के. चौहान, सुशील डी. पोरवाल, रमणीक फागनिया, हितेश एस. फागनिया, रमेश जे. मुठलिया की शताब्दी गौरव के संपादक राकेश लोढा उपस्थिति रही। आगामी श्री पार्श्र्व भैरव महाभक्ति का लाभ शा. फुटरमलजी, भगवानचंदजी सुरजमलजी जैन, जालौर मुम्बई ने लिया। साथ ही नाकोड़ा दरबार के बारे मे एक और सविशेष बात की नाकोड़ा  दरबार भक्ति के अलावा कई समाज हित के सतकार्यो को भी लगन और तत्परता के साथ करता है। मंडल द्वारा धार्मिक पाठशाला, नोट बुक वितरण, संघोत्सव का आयोजन, मानवसेवा, जीवदया, साधर्मिभक्ति आदि कई कार्य भी नाकोड़ा दरबार मंडल कर रहा है।