खिमेल में खिमावत परिवार द्वारा श्री वरवेश्वर महादेव मंदिर की प्रतिष्ठा सम्पन्न

खिमेल में खिमावत परिवार द्वारा श्री वरवेश्वर महादेव मंदिर की प्रतिष्ठा सम्पन्न

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खिमेल। मरुधर की मनोहर भूमी खिमेल में मातुश्री पिस्ताबाई स्व. बाबुलालजी खिमावत के जीवन सुकृत अनुमोदनार्थ गौशाला, प्याऊ और श्री वरवेश्वर महादेव मंदिरजी की प्रतिष्ठा धुमधाम से सम्पन्न हुई। १० से १२ मार्च तक हुए इस ऐतिहासिक महोत्सव को महामहोत्सव बना दिया खिमावत परिवार के सुभाषजी खिमावत ने। सरल, निष्ठावान और सेवा भावी सुभाष खिमावत अभी हाल के वर्षी में अपनी मातृभूमि खिमेल सहित आस पास के गांवों में शिक्षा, सामायिक एवं धार्मिक कार्यो में अपना अमूल्य योगदान दे रहे है।

अभी हाल ही में हुए इस यादगार प्रतिष्ठा महोत्सव में प्रथम दिन अरावली एक्प्रेस से लगभग ३०० यात्रियों को खिमेल के लिए प्रस्थान करवाया। टे्रन में मेहमानों की गई मेहमानवाजी से सभी ने मुक्त कंठ से प्रशंसा की। दूसरे दिन ११ मार्च को रानी से श्री वरवेश्वर महादेव मंदिर गये। उसी दिन गोशाला में पशु प्याऊ का उद्घाटन हुआ एवं पूरे गांव द्वारा सुभाषजी खिमावत परिवार का जोरदार बहुमान किया। अपने बहुमान से अभिभूत श्री सुभाषजी ने कहा कि मैं अपनी जन्मभूमि का कर्ज अदा कर रहा हूँ। आप लोगों ने जो दुलार और इतना मान सम्मान दिया उसका में आपका आभारी रहुंगा। उन्होंने कहा कि मेरे पिता की इच्छा थी कि हमें अपने गांव के प्रति हमेशा सेवा के कार्यो में तत्पर रहना चाहिए। शाम को विशाल भजन संध्या का आयोजन हुआ जिसमें गजेन्द्र राव एण्ड पार्टी जोधपुर, पिंकी गहलोत ने भजनों की ऐसा समा बांधा की पूरा पंडाल नाचने पर मजबूर हो गया। मंच का संचालन प्रवीण वैष्णव ने किया। १२ मार्च को भी वरवरेश्वर महादेव मंदिरजी की प्रतिष्ठा गगन भेदी नारों हर हर महादेव के साथ सम्पन्न हुई।

इस मंदिर में महादेवजी के अलावा गणेशजी, माताजी एवं हनुमानजी की मूर्ति भी स्थापित कि गई। आने वाले समय में श्री वरवेश्वर महादेव मंदिर गोडवाड के क्षेत्र में एक चमत्कारी तीर्थ होगा। इस पूरे महामहोत्सव के दौरान खिमावत परिवार द्वारा जो व्यवस्था की गई उसे आज भी लोग याद करते है और लम्बे समय तक याद करेंगे। मंदिरजी में आने जाने के लिए हर जगह से गाड़ीयों की व्यवस्था की गई थी। पुरे परिसर को दुलहन की तरह सजाया गया था। सब खान-पान की व्यवस्था लाजवाब थी। कुल मिलाकर ये प्रतिष्ठा महोत्सव बेहद यादगार, अलौकिक, अविस्मरणीय रहा जिसे वर्षो तक याद रखा जायेगा