श्री जैन सेवा संघ मुंबई द्वारा प्रतिभाओ का सम्मान

श्री जैन सेवा संघ मुंबई द्वारा प्रतिभाओ का सम्मान

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चौधरी, डा. सिंघवी, दुग्गड एवं सांवला  को जैन समाज रत्न से नवाजा

मुंबई। सामाजिक एवं धार्मिक कार्यो में प्रोत्साहन देने हेतु प्रतिवर्ष की भांति इस बार भी अग्रणी संस्था श्री जैन सेवा संघ, मुंबई द्वारा वीर सावरकर हॉल, शिवाजी पार्क, दादर मुंबई में विभिन्न क्षेत्रो में कार्यरत जैन अग्रणी प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि एंव अतिथियों द्वारा दिप प्रज्ज्वलीत कर किया गया।

राजस्थान हाईकोर्ट के जस्टिस संदीप मेहता के मुख्य अतिथ्य एवं महासचिव उगमराज लुणावत के संयोजन में संपन्न हुए इस समारोह में मुख्य वक्ता आचार्य श्री रुपचंदजी म.सा. एवं अतिथि विशेष श्री सुमतीलाल कर्नावट थे। इस भव्य समारोह में जिन विभुतियों को ‘जैन सेवा रत्न’ से सम्मानित किया गया उनमें साहित्य सेवा के लिए संपतराज चौधरी (नयी दिल्ली) एवं डा. सुषमा सिंघवी (जयपुर), प्रेक्षा ध्यान योग साधना के लिए पारसमल दुग्गड (मुंबई) एवं विशेष समाज सेवा के लिए हरकचंद सांवला (मुंबई) थे। संस्था अध्यक्ष पारसमल गोलचा ने अपने स्वागत भाषण में कहा कि श्री जैन सेवा संघ मुंबई के १०वें अभिनंदन समारोह में विभिन्न विभुतियों का जो सम्मान कर रहे हैं उसका एक ही ध्येय है कि समाज के लोग उन विभुतियों से सिखे कि वह समाज के प्रति अपने कर्तव्यो का निर्वाह करे और यह संदेश समाज तक पहुंचे। अभिनंदन पत्रों का वांचन अध्यक्ष पारसमल गोलचा, जनरल सेक्रेट्री उगमराज लुणावत, ट्रेजरार अशोक हुडिया एवं जाइंट सेक्रेट्री बसंत जैन ने किया। की-नोट स्पीकर एवं मुख्य वक्ता आचार्य श्री रुपचंदजी म.सा. ने अपने संबोधन में जैन एकता का आव्हान किया एवं भगवान महावीन के सत्य, अहिंसा एवं अपरिग्रह के सिद्धांतों पर चलने की प्रेरणा दी।

कार्यक्रम के प्रायोजक मोहन भंडारी, मेसर्स एम.जी.बी. अॅडवाइर्जस् प्रा. लि. मुंबई थे। संस्था द्वारा भंडारी परिवार का अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में शांतिलाल कवाड़, पारसमल गोलच्छा, उगमराज लुणावत, मांगीलाल जैन, नरेन्द्र हिरावत, गौतम मेहता, निहालचंद मुणोत, बसंत जैन, युगराज जैन, अशोक हुंडिया, पुष्प बोहरा, कांतिलाल मेहता प्रविण चौपड़ा, दुलीचंद भंडारी एवं सभी सदस्यों का सराहनीय योगदान रहा। आभार प्रकट महासचिव उमगराज लुणावत ने किया। कार्यक्रम का सफल संचालन आनंद खेतांग ने किया।