उद्योगपति प्रकाश बी. जैन ने एस्टोनिया के सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री उर्वे पालों...

उद्योगपति प्रकाश बी. जैन ने एस्टोनिया के सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री उर्वे पालों के सम्मान में किया समारोह का आयोजन

SHARE

नई दिल्ली। रवांडा के माननीय कोन्सूलेट जनरल व जैन समाज के अग्रणी उद्योगपति प्रकाश बी. जैन (चेयरमैन, इन्सपिरा एंटरप्राईज) ने पिछले दिनों होटल ताज पैलेस, दिल्ली में एस्टोनिया गणराज्य के उद्यमी और सूचना प्रोद्योगिकी मंत्री उर्वे पालो के स्वागत में एक समारोह का आयोजन किया। इस अवसर पर विदेश मामलों के ज्वाईंट सेक्रेटरी महावीर सिंघवी के साथ रवांडा, जांबिया, एस्टोनिया, मिस्र, जिंबाब्वे, ट्यूनीशिया देशों के उच्चायुक्तों में भी हिस्सा लिया। इस अवसर पर माननीय मंत्री उर्वे पालो के साथ एक साक्षात्कार भी हुआ जिनमें उन्होंने भारत और एस्टोनिया के बीच बढ़ते रिश्तों की बात की।

आपको बता दें कि एस्टोनिया दुनियाभर में विडीयों कॉलिंग की सबसे उत्कृष्ट कम्प्यूटर व मोबाइल एप ‘स्काइप’ की जन्मभूमि है। स्कॉइप के माइक्रोसॉफ्ट द्वारा अधिग्रहण के बाद एस्टोनिया के काफी अन्य स्टार्टअप कंपनियों के विकास में भी मदद मिली है।

श्री पालो एस्टोनिया के तकनीकी विकास के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि एस्टोनिया में सरकार ने शुरु से ही ई-समाधानों पर ध्यान केन्द्रित किया है। सरकार ने निजी क्षेत्र के साथ जुडते हुए पूरे इको सिस्टम में एक नई उर्जा जोड दी थी। हमारे बैंक अब ई-प्रणाली में इस तरह लिप्त है कि हमने कई वर्षो पहले ही पूरी ‘चेक’ पीढी को छोड दिया और इंटरनेट बैंकिंग को अपना लिया था। आज हमारी 80 प्रतिशत आबादी रोज इंटरनेट का प्रयोग करती है। बेशक हमारी सबसे बडी कामयाबी ‘स्काइप’ ही है और इसके अधिग्रहण के साथ कई एस्टोनियानियों के आर्थिक रुप से विकास के लिए भी मदद मिली है। सूचना प्रोद्योगिकी हर व्यवसाय, हर सेक्टर में जरुरी है और एस्तोनिया में आप पाएंंगे कि स्टार्टअप कंपनियाँ सायबर सुरक्षा, स्मार्ट सीटी, ५जी, ड्रोन जैसे प्रोजेक्ट पर काम कर रही है। आइटी क्षेत्र में हमारी सफलता दर्शाती है कि कोई भी टेक्नोलॉजी छोटी नहीं होती।

उनसे भारत और भारत से एस्टोनिया की अपेक्षाओं के बारे पर सवाल पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि हम पारस्परिक लाभ के लिए सहयोग को बढ़ावा देने के लिए भारत के साथ एक दीर्घकालीन रिश्ते का विकास करना चाहते है। हम भारत के आईटी पेशेवरों को एस्टोनिया आने का निमंत्रण भी देते है। एक रिपोर्ट के अनुसार एस्टोनिया को तत्काल समय में कम से कम 7000 आइटी विशेषज्ञों की आवश्यकता है। यह दोनों देशों के लिए एक आदर्श स्थिति है, जिसमें हमें कुशल व मेहनती मानव संसाधन मिलेंगे और भारतीय युवाओं और विशेषज्ञों को आईटी नवाचारों से परिचित होने को अवसर मिलेंगे। हमने एस्टोनिया में ‘अध्ययन’ के इंतजाम किये हैं ताकि युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने में सहयोग मिले व संभवत: वहाँ रोजगार चुनने का भी प्रोत्साहन मिले।

स्टार्टअप कंपनियों के लिए ‘रेसिडेंसी प्रोग्राम’ के भी कार्यक्रम है जिससे वे इ-सिटीजन बन सकते है। इससे उन्हें हमारी सभी ई-सेवाओं का लाभ मिलेगा। फिलहाल हम 152  देशों के 30,000 इ-रेसीडेंट को सेवाएं दे रहें है जिसमें 1200 भारतीय है। यह स्टार्ट अप कंपनियों के लिए एक आदर्श स्थिति है जिससे उन्हें अपने व्यवसाय को वैश्विक स्तर पर ले जाने में आसानी होती है। एस्टोनिया के लिए भारत एक महत्वपूर्ण देश है। हम सरकारी अधिकारियों और उद्यमियों से मिल रहे है ताकि दोनों देशों के बीच ज्ञान और सेवाओं के आदान प्रदान के और भी मजबूत कर सकें। भारत की तुलना में एस्टोनिया एक छोटा देश है पर हमारे पास आईटी क्षेत्र में कई अवसर प्रदान करने की क्षमता है। हम नाटो, ओईसीडी और शेंगेन क्षेत्र जैसे वैश्विक गठजोड का हिस्सा भी है। हम ई-गवर्नेंस सोल्युशन के क्षेत्र में काफी आगे है। वर्ष 2000 से हमारी सभी सरकारी व्यवस्थाएं ऑन लाइन है। अंत में उन्होंन बताया कि हमारे सभी डोक्युमेंट इलेक्ट्रॉनिक रुप में उपलब्ध है और इसी डिजीटलकरण की वजह से हम हमारे जीडीपी का २ प्रतिशत बचा सकते है। माननीय पालो ने रवांडा के कोन्सूलेट जनरल प्रकाश बी. जैन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी बदौलत भारत में अपने विचार प्रकट करने का अवसर प्राप्त हुआ।