सेलम में दादा गुरू देव श्रीमद् विजय राजेन्द्रसूरी जिनालय की प्राण प्रतिष्ठा...

सेलम में दादा गुरू देव श्रीमद् विजय राजेन्द्रसूरी जिनालय की प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव संपन्न

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हस्तीमल अनोपचंदजी परमार ने लिया कायमी ध्वजा का लाभ

सेलम। सेलम नगर की धर्म नगरी में प्रभु आदिनाथ की छत्र छाया में दादा गुरू देव श्रीमद् विजय राजेन्द्रसूरी की प्राण प्रतिष्ठा का महामहोत्सव पूज्य म्राट राष्ट्रसंत आचार्य भगवंत श्रीमद् विजय जयन्तसेन सूरीश्वरजी म.सा. की समुदाय वर्तिनी प.पू.साध्वी श्रीआत्मदर्शना श्रीजी म.सा.आदि ठाणा 3 की पावन निश्रा में श्री राज राजेन्द्रसूरी जैन ट्रस्ट के तत्वावधान में बडे ही हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। इस दौरान मन्दिरजी के पुरे परिसर को विविध फुलों एवं तोरणों से सझाया गया था।

प्रथम दिन शुक्रवार रात भक्ति में श्री कृष्णगिरी शक्तीपिठाधिपती राष्ट्रसंत यतीवर्य प.पू. श्री वसंतविजय जी महाराज ने पूज्य गुरू देव के जीवनी को संगीत मय राग रागीणी के साथ जब प्रारंभ किया तो श्रोताओं ने झुम झुम कर अभिवादन किया। गुरू देव के गुणों का वर्णन करते हुए बातों ही बातों में मात पिता की सेवा पूजा व बच्चों में संस्कार जन्म के बाद नहीं मां के गर्भ में ही दे दिये जाये तो जीवन में कभी भी अंधकार की छाया नही आयेगी। अनेक प्रकार के दृष्टातों के माध्यम से पूज्य वसंत विजयजी महाराज ने पूज्य दादा गुरू देव की भक्ति में चार चांद लगा दिये। अंत में सभी को प्रतिष्ठा की शुभ कामना देते हुए महा मंगलिक प्रदान किया।

द्वितीय दिन शनिवार को हमारे संघ ने जो सपना देखा, फिर रुप रेखा बनी, योजना के स्वरूप कार्य प्रारंभ हुआ। प.पू साध्वीजी की पावन प्रेरणा और मार्ग दर्शन से कार्य परिपूर्ण हुआ। पूज्य सम्राट आचार्य भगवंत श्रीमद् विजय जयन्तसेन सूरीश्वज़ी के दिव्य आशीष से आज हमारा स्वप्न पूर्ण हुआ। अनेक नगरों से पधारे मेहमानों एवं सेलम नगर के सभी संघों की पावन उपस्थिती में प.पू साध्वीवर्या श्री आत्मदर्शऩाश्री जी आदि ठाणा 3 की निश्रा में दादा गुरु देव गादीशीन हुऐ।

पूज्य यतीवर्य श्री वसंतविजयजी ने आशीर्वाद दिया। लघु शान्तिस्नात्र पूजन हुआ, शाम भक्ती में आरती के चढावों का एक नया रिकार्ड हुआ। सेलम नगर का नाम इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया, सभी के मुख से एक ही बात, गुरू देव की महिमा अद्भुत है और आगे भी बनी रहेगी। कायमी अमर ध्वजा का लाभ वरिष्ठ समाज सेवी सांडेराव निवासी हस्तीमल अनोपचंदजी परमार (फर्म:अशोक टेक्स) ने लिया। तृतीय दिन रविवार को प्रात: नुतन गुरू मन्दिरजी का द्वार उद्घाटन के साथ प्रभु दर्शन, गुरू दर्शन-वंदन हुआ एवं सत्रभेदी पूजन का आयोजन हुआ। पूज्य गुरूदेव वसंत विजयजी एवं प.पू साध्वीजी श्री का काम्बली वोहराई गई। सभी ट्रस्ट मंडलों का कार्यकारिणी समितियोंका, मंडलोंका बहुमान कर साध्वीजी से महामंगलीक लेकर महामहोत्सव को समापन किया। ट्रस्ट के अध्यक्ष तेजराज ओस्तवाल ने सभी का आभार प्रकट किया। संघ के मंत्री ने सभी को धन्यवाद दिया।