विद्यावाड़ी में घमासान

विद्यावाड़ी में घमासान

SHARE

विद्यावाड़ी के चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो गई है। पूरे गोड़वाड़ में यही चर्चा है कि अगला अध्यक्ष कौन बनेगा। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही है कि विद्यावाड़ी को सिर्फ संचालित करना है या एक अंतर्राष्ट्रीय संस्थान के रूप मे दुनिया के दिलों में प्रतिष्ठित करना है। आज विद्यावाड़ी पूरे देश में प्रसिद्ध वनस्थली के मुकाबले का शैक्षणिक संस्थान तो बन ही जाता।

सभी की भावना है कि नई कार्यसमिति का मुखिया कोई प्रगतिशील विचारों वाला व्यक्ति होना चाहिए। युवा पीढ़ी विचार से लेकर तकनीक के मामले में संस्था को नए आयाम देने में समर्थ है। तो वरिष्ठ एवं समाज के बुजुर्ग लोगों का वर्चस्व अब तक इसे विकसीत करता रहा है। इस बार का चुनाव प्रगतिशील विचारवाले नए जमाने के लोगों और पुराने पीढ़ी के बीच है। जवाली निवासी गोड़वाड़ के विख्यात समाजसेवी स्वर्गीय मूलचंद जी शाह के पुत्र माणेक शाह और सादड़ी निवासी वरिष्ठ समाजसेवी पोपट सुंदेशा के बीच हैं। माणेक शाह नई पीढ़ी के प्रतिनिधि के रूप में हमारे सामने हैं, तो पोपट सुंदेशा परंपरागत विचारों वाली पीढ़ी के प्रतिनिधि। माणेक शाह का कहना है कि विद्यावाड़ी हमारे शैक्षणिक संस्थानों की शान है। इस प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्था को अब नए जमाने में नई पीढ़ी के हाथों शैक्षणिक विकास के रास्तों को नए तरीके से गढऩे की जरूरत है। इसीलिए इस बार विद्यावाड़ी की सेवा के लिए उन्होंने मन बनाया है। माणेक शाह मुंबई विश्वविद्यालय के सीनेट के सदस्य रहे हैं एवं ३० साल से तुलसी मानस विद्यालय एवं जूनियर कॉलेज के टे्रजरार और प्रबंधक भी है। बॉम्बे स्कोटिश स्कूल माहिम में भी पीटीए के १० साल सदस्य रहे है एवं विद्यावाडी में भी पिछले ३ वर्षों से सहसचिव के रुप में शिक्षा के विकास व उसके बढ़ते अंतर्राष्ट्रीय महत्व को समझते हैं। वे व्यवसाय के साथ समाजसेवा एवं शैक्षणिक कार्य में भी सफल रहे हैं। माणेक शाह युवा पीढ़ी के आइकॉन के रूप में मूलचंद जी शाह परिवार की सेवा व विकास की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए विद्यावाड़ी को विकास के नए आयाम देने का उनका सपना है।

इसी तरह से विद्यावाड़ी के अध्यक्ष के लिए उम्मीदवार के रूप में सादड़ी निवासी वरिष्ठ समाजसेवी पोपट सुंदेशा भी गोड़वाड़ के जाने माने वरिष्ठ चेहरे के रूप में हमारे सामने हमेशा से समाज सेवा के कार्यों में संलग्न रहे हैं एवं विद्यावाडी के दो बार अध्यक्ष भी रह चुके है। उनके नेतृत्व में विद्यावाडी ने कई क्षेत्र में बेहतर विकास किया है। पोपट सुंदेशा की टीम में प्रगतिशील युवाओं की टीम भी शामिल है। उनके कार्यकाल में विद्यावाडी को युनिवर्सिटी का दर्जा हासिल हुआ है। सुंदेशा का परिवार शिक्षा, चिकित्सा, संस्कृति, धर्म एवं जीवदया के क्षेत्र में हमेशा से अग्रणी रहा है। करीब ७० साल के पोपट सुंदेशा का कहना है कि वे समाज के विद्यावाड़ी को नये नजरिये से विकसित करके नयी प्रतिष्ठा दिलाने के लिए सक्षम हैं। हालांकि समाज हमेशा से नई पीढ़ी के आगे लाने एवं अच्छे कार्यों में अग्रणी भूमिका निभाने की बात करता है, लेकिन बुजुर्गों एवं अनुभवी लोगों के सम्मान की खातिर नई पीढ़ी को अगली बार के लिए इंतजार करना पड़ता है। समाज में हमेशा से काम करने वाले लोग सम्मान का पात्र रहे हैं। हमारे धार्मिक, सामाजिक, जीवदया एवं सेवा के अन्य संस्थानों सहित शैक्षणिक संस्थानों में भी कर्मठ, सक्रिय एवं काम करने वाले लोगों को  महत्व मिलता रहा है। समाज में सारे अग्रणी लोग ही हमेशा से संस्थाओं का संचालन करते रहे हैं। विद्यावाड़ी के नाम से मशहूर मारवाड़ की प्रतिष्ठित, प्रसिद्ध और प्रगतिशील कही जानेवाली शैक्षणिक संस्था श्री मरुधर महिला शिक्षण संघ का इस बार का चुनाव निश्चित रूप से विकास के नई दिशा देने वाला चुनाव है। इस बार के चुनाव से यह विश्वास जगा है कि माणेक शाह या पोपट सुंदेशा में से कोई भी अध्यक्ष बनेगा तो उन्हें नई सोच और नई दृष्टि से काम करना होगा। तभी वैश्विक विकास के सफल रास्तेपर अग्रसर होकर आनेवाले कुछ सालों में विद्यावाड़ी विश्व स्तरीय शैक्षणिक केंद्र के रूप में हमारे सामने होगी।