११ वर्षीय आरव मेहता की प्रथम किताब को मिला अच्छा प्रतिसाद

११ वर्षीय आरव मेहता की प्रथम किताब को मिला अच्छा प्रतिसाद

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मुंबई। प्रतिभाए किसी परिचय की मोहताज नहीं होती हैं वे अपनी सफलता का रास्ता स्वयं चुन लेती हैं एसी ही प्रतिभा का नाम हैं सुमेरपूर निवासी आरव धनिश मेहता। जिन्होंने अपनी कौशलता से परिवार ही नहीं समग्र जैन समाज का नाम पूरे देश में रोशन किया है।

डी. वाय. पाटील अंतराष्ट्रीय स्कूल मुंबई के छात्र, ११ वर्षीय आरव मेहता ने अपनी पहली किड्स फैंटसी नोवेल (बच्चो के लिए एक काल्पनिक कहानी) ‘स्टक इन स्पेस’ द्वारा प्रकाशन की दुनिया में अपना कदम रखा हैं। पांचवी कक्षा में पढऩे वाले आरव ने अपने परिवारजनों और शिक्षकों के सहयोग व आशिर्वाद से जेक नामक एक बच्चे की पृथ्वी से चांद की यात्रा पर इस कहानी को लिखा है। सौहार्द, साहस और दृढ निश्चय जैसे गुणो द्वारा बुराई पर अच्छाई की इस कहानी को बहुत अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है। लेखन के अलावा आरव मेहता को गणित में रुचि और महारत के लिए कई प्रतिस्पर्धात्मक परीक्षाओं में स्वर्ण ट्रोफी, पदक और छात्रवृत्ति से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आरव FIDE रेटेड शतरंज के खिलाडी है और लंदन रेपिडप्ले, मिडल सेक्स हंड्रेड्स चैस (लंदन), आयलंड ऑफ ल रीन्स टूर्नामेंट, कान्स (फ्रान्स) और वर्जिनीया कॉमन वेल्थ चेस किड्स (अमरिका) में भी प्रथम स्थान प्राप्त कर चुके है।

बौद्धिक ही नहीं, बल्कि शारीरीक खेल व स्पर्धाओं जैसे ५०मी, १००मी, ३००मी, और रिले रेस में भी अंडर १० और अंडर -१२ की श्रेणी में कई ईनाम और सर्वश्रेष्ठ खिलाडी के भी पुरस्कार जीत चके है।

साथ ही हिंदी और अंग्रेजी में भी अपने वक्तृत्व कौशल के लिए मेडल्स जीत चुके है। हर वर्ष अपनी स्कूल में ‘स्पेल बी प्रतिस्पर्धा में गोल्ड मेडल जीता है। ट्रिनीटो स्कूल लंदन द्वारा गिटार वादन में प्रमाणित है और तायक्वोंडो (एक तरह का मार्शल आर्ट) में भी स्थानीय और स्कूल टूर्नामेंट में इनाम जीत चुके है। इस बहुप्रतिभावन बालक और उनके परिवार को शताब्दी गौरव की ओर से हार्दिक बधाई।