अनोप मंडल की औकात क्या है ?

अनोप मंडल की औकात क्या है ?

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-सिद्धराज लोढ़ा

वैसे, तो अनोप मंडल को बहुत कम लोग जानते हैं। लोग उसकी गतिविधियों से भी वाकिफ नहीं है और यह क्या होता है, यह भी किसी को पता नहीं है। जैन समाज के ही 95 फीसदी लोगों को पता तक नहीं है कि अनोप मंडल क्या है और उसकी गतिविधियां क्या है। असल में देखा जाए, तो अनोप मंडल की ना तो कोई सामाजिक औकात नहीं है, ना कोई राजनीतिक हैसियत और ना ही कोई सांस्कृतिक शक्ति। लेकिन फिर भी जैन समाज के कुछ उत्साही एवं सक्रिय लोगों द्वारा एक बार फिर से अनोप मंडल के बारे में अभियान शुरू करने के संकेत मिले हैं। मगर हमारा मानना है कि इस तरह के संगठनों की जितनी चर्चा होगी, उतनी ही उनकी ताकत बढ़ेगी। जैन समाज को समझदार कौम माना जाता है, सो अनोप मंडल के बारे में उसे अलग तरीके से सोचना चाहिए।

मारवाड़ के सिरोही एवं पाली जिलों के कुछ हिस्सों में अनोप मंडल नामक एक सामाजिक विद्वेष फैलाने वाले संगठन की गतिविधियों पर रोक लगाने की जरूरत प्रतिपादित की जा रही है। करीब 110 साल पहले अनोपदास की लिखी जगतहितकारिणी पुस्तक के विचार को लेकर अनोप मंडल के अनुयायी जैन समाज के विरोध में प्रचार करते रहे हैं। लेकिन असल बात यह है कि अनोप मंडल को बड़ा किसने बनाया। आज भी जो लोग जानते ही नहीं, उनमें से हजारों लोगों को शताब्दी गौरव में प्रकाशित इस खबर से ही अनोप मंडल के बारे में जानकारी मिल रही होगी। शताब्दी गौरव की अपील है कि जिस संगठन की कोई औकात ही नहीं है, उसकी चर्चा करके उसे हैसियत प्रदान करने की कोशिश भी जैन समाज को नहीं करनी चाहिए। समाज के जो लोग अनोप मंडल की बात करके खुद की सक्रियता साबित करने की कोशिश कर रहे हैं, उनसे निवेदन है कि अवहेलना ही सबसे बड़ा हथियार है। अनोप मंडल वैसे भी सवा सौ साल से जैन समाज के बारे में विद्वेष फैलाता रहा है, क्या फर्क पड़ गया। जैन समाज तो यूं ही लगातार विकसित हो रहा है।