अखिल भारतीय जैन कटारिया फाऊंडेशन का तृतीय सम्मेलन मोहनखेड़ा में संपन्न

अखिल भारतीय जैन कटारिया फाऊंडेशन का तृतीय सम्मेलन मोहनखेड़ा में संपन्न

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मोहनखेडा। अखिल भारतीय जैन कटारिया फाऊंडेशन का तृतीय सम्मेलन मोहनखेड़ा तीर्थ में राजस्थान सरकार के गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया के मुख्य आतिथ्य में संपन्न हुआ। मंच पर श्री कटारिया के साथ अध्यक्ष प्रकाशचंद संघवी कटारिया, केवलचंद कटारिया, अशोक कटारिया, बाबुलाल संघवी, जयंतिलाल संघवी, ताराचंद संघवी, रविन्द्र कटारिया, घेवरचंद कटारिया, दिपचंद संघवी, मफतराज संघवी, सौभागमल कटारिया, गोरखचंद, माणकचंद, कमल कटारिया, अमृतलाल संघवी, चंपालाल, नेमीचंद, अशोककुमार, महावीर, हीरालाल, ललित, धर्मेन्द्र आदि बिराजमान थे। कार्यक्रम का संचालन राजेन्द्र कटारिया ने किया। संघवी अमृतलाल पी. कटारिया ने हमारे संवाददाता को बताया कि प्रथम सत्र का शुभारंभ सौ. ललिता कटारिया एवं निर्मला कटारिया ने नवकार मंत्र एवं कटारिया परिवार की कुलदेवी आशापुरी माता कि आरती एवं अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन कर हुआ। आचार्य श्री ऋषभचंद विजयजी म.सा. ने मंगलपाठ सुनाकर आर्शिवाद दिया। सभी उपस्थित मेहमानों का स्वागत अध्यक्ष प्रकाशचंद कटारिया ने किया। उन्होंने अपने दो साल का लेखा जोखा प्रस्तुत किया। केवलचंद, अशोककुमार, घेवरचंद, बाबुलाल, रविन्द्र कटारिया ने अपने विचार रखे। गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया ने कहा कि मैंने आज से पहले इतनी भारी संख्या में कटारिया परिवार को एक जगह पर नहीं देखा। उन्होंने कहा कि आप जो भी कार्य कर रहे हो वो अच्छा है, लेकिन शिक्षा पर ज्यादा जोर दे, जो शिक्षित होता है वो जीवन में कभी निराश नही होता। रतलाम कटारिया संघ द्वारा प्रकाशित डायरेक्टरी का विमोचन एवं आल इण्डिया जैन कटारिया फाऊंडेशन की वेबसाईट का उद्घाटन भी गृहमंत्री ने किया। केवलचंद कटारिया ने अगले दो वर्षो के अध्यक्ष हेतु संघवी प्रकाशाचंद कटारिया (रत्नमणी अहमदाबाद) के नाम का प्रस्ताव रखा जिसका सभी ने हर्षध्वनी से अनुमोदन किया। संघवी प्रकाशाचंद एवं लाभार्थी परिवार का सम्मान शाल, साफा, स्मृतिचिन्ह एवं अभिनंदन पत्र देकर किया। साथ ही मुख्य अतिथि गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया एवं सभी अंतिथियों का सम्मान संस्था द्वारा किया गया। द्वितीय सत्र का संचालन संदिप कटारिया ने किया। साजन शाह ने संस्कारों के सिचंन पर अपने विचार रखे। अमरेश मेहता ने नवकार महामंत्र, उव्वहसगरहम स्त्रोत्र एवं भक्तामर स्त्रोत्र के उच्चारण से जीवन के हर संकटों से केसे मुक्ति पाई जाती है उस पर विस्तार से समझाया। तृतीय सत्र में बी2बी के आठ अलग-अलग डिवीजन किए गए जिसमें सभी ने अपना विजिटिंग कार्ड एक दूसरे को देते हुए एक दूसरे के सहयोग का आश्वासन दिया। रात्री में भक्ति संध्या और दादा भगवान एवं गुरु राजेन्द्र सूरी की आरती हुई। चतुर्थ सत्र में उपस्थित सभी ने अपना अपना परिचय दिया। मुनि श्री चंद्रविजयजी म.सा. ने कहा कि कटारिया का मतलब होता है क-कर्मयोगी बनो, टा – किसी को टारगेट ना करे, रि – रितीरिवाज के अंदर रहो, या – यात्रा करें और कराये। इस दौरान राष्ट्रीय कमेटी का भी गठन किया गया। आगामी ३ वर्षो के अधिवेशन के लाभार्थीयों की घोषणा की गई। जिसमें २०१९-२० के लाभार्थी सोभागमल कटारिया, अहमदाबाद, २०२१-२२ के लाभार्थी केवलचंद कटारिया, पूना एवं २०२३-२४ के लाभार्थी महेन्द्र कटारिया – सिल्वासा थे।