जैन मंदिरों की सख्त सुरक्षा होनी चाहिए

जैन मंदिरों की सख्त सुरक्षा होनी चाहिए

SHARE
कहीं मूर्ति, तो कहीं भंडार उठाकर ले गए

मुंबई। देश भर के जैन मंदिरो में चोरी की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। इन मंदिरों की सुरक्षा के सख्त इंतजाम जरूरी है। राजस्थान, महाराष्ट्र एवं उत्तर प्रदेश सहित मुंबई में भी चोरी की कई घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन कई मंदिरों में खर्च कम करने के काम पर सुरक्षा के इंतजाम बहुत कमजोर हैं,। जिन्हें तत्काल सख्त करने की जरूरत है।

ताजा घटनाएं राजस्थान के नागौर व  चित्तौडग़ढ तथा उत्तर प्रदेश के रूडक़ी और बनारस की है। इसी साल जनवरी के दूसरे सप्ताह में नागौर के नकास दरवाजा स्थित जैन मंदिर से भगवान आदिनाथ की अष्ट धातू की मूर्ति चोरी हो गई। जो तीन दिन बाद झाडिय़ों में पड़ी मिली। कुछ युवकों ने इस मूर्ति को देखा तो उन्होंने कलक्ट्रेट जाकर कलेक्टर को वह मूर्ति सौंपी। चित्तौडग़ढ़ के ढुचा बाजार में स्थित पार्श्वनाथ जैन मंदिर को निशाना बनाते हुए कई दशकों पुरानी जैन तीर्थंकरों की दो सोने और दो अष्ट धातु से निर्मित प्रतिमाएं चोरी कर ली साथ ही मंदिर में रखे दान पात्र से 60 हजार की नकदी और पूजा की सामग्री ले गए। नया साल शुरू होते ही, महाराष्ट्र के जालना जिले के पाचोड़ स्थित आडूल गांव के जैन गली में स्थित एक अत्यंत पुराने दिगंबर जैन मंदिर में भगवान महावीर स्वामी की मूर्ति पर लगा छत्र, व भंडार से करीब 85 हजार की नगदी चुराकर चोर फरार हो गए। जनवरी के दूसरे सप्ताह में पहली रात को हरिद्वार के पास स्थित रुडक़ी के प्राचीन जैन मंदिर एवं बरवाना स्थित प्राचीन पार्श्वनाथ जैन मंदिर से भी चोर अष्टधातु की तीन प्राचीन मूर्तियां उठाकर ले गए।