जाते जाते आगजनी में सांचोर की दो बेटियों को लील गया यह...

जाते जाते आगजनी में सांचोर की दो बेटियों को लील गया यह साल

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मुंबई। बीतता साल जाते-जाते मारवाड़ी समाज को एक और दर्द दे गया। २०१७ के आखिरी सप्ताह की आधी रात मुंबई के कमला मिल्स कम्पाउंड में लगी आग ने तेजी से इतना विकराल रूप धारण कर लिया कि कई लोग काल के गाल में समा गए। सबसे दिल दहलानेवाली बात यह रही कि जन्मदिन का उत्सव मनाने गई सांचोर की खुशबू भंसाली एवं किंजल मेहता समेत कुल 15 लोगों की मौत हो गयी, जिससे जश्न का पूरा माहौल मातम में तब्दील हो गया। इस हादसे में जो जिंदा बच गए उन्हें ताउम्र के लिए एक ऐसे खौफनाक मंजर की याद दे गए जो आंखों से तो ओझल हो जाएगा मगर दिलों-दिमाग की गहराई में छिपा हमेशा उन्हें डराता रहेगा। दरअसल, सुरक्षा इंतजामों की अनदेखी के कारण इतने सारे लोगों की इस हादसे में मौत हुई है। भीड़ भरे इलाकों में इस तरह के संभावित हादसों को रोकने के लिए प्रशासन को तत्काल सख्त कदम उठाने चाहिए। रेस्टोरेंट में आग बुझाने के यंत्र नहीं थे। साथ ही इमरजेंसी दरवाजे के सामने सामान रखा हुआ था, जिसकी वजह से वो खुला नहीं। इसी कारण सभी लोगों की मौत दम घुटने से हुई। मारवाड़ी समाज मूलत: उत्सवधर्मी है, और आम तौर पर सार्वजनिक आयोजन होते रहते हैं। लेकिन अनजानी जगहों पर आयोजन से पहले उस स्थल के सुरक्षा मानदंडों के बारे में भी पूरी तरह जांच कर लेनी चाहिए, ताकि हादसों से बचा जा सके।