राजस्थान देश में भ्रष्ट आरोपियों के खिलाफ सबसे आगे: कटारिया

राजस्थान देश में भ्रष्ट आरोपियों के खिलाफ सबसे आगे: कटारिया

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कटारिया ने सरकार के चार साल पूरे होने पर पुलिस विभाग की उपलब्धियों के बारे में जानकारी दी

जयपुर। राजस्थान के गृहमंत्री गुलाब चन्द कटारिया का कहना है कि प्रदेश में अकेला पुलिस विभाग ही ऐसा है जो खराब काम करने वाले करीब ढाई सौ लोगों को हर साल नौकरी से बर्खास्त करता है। कटारिया ने सरकार के चार साल पूरे होने पर पुलिस विभाग की उपलब्धियों के बारे में मीडिया को जानकारी देते हुए दावा किया कि पिछले तीन सालों में प्रदेश में अपराधों के ग्राफ में कमी आई है। उन्होंने बताया कि भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्ती के कारण अदालत से दोषियों को सजा दिलाने में प्रदेश का देशभर में पहला स्थान है और अभियोजन मंजूरी के मामले में देश में चौथे स्थान पर हैं। संजय लीला भंसाली की पद्मावती फिल्म के बारे में पूछे गए सवाल के जवाब में गृहमंत्री ने कहा कि जिस फिल्म को सुप्रीम कोर्ट और सेंसर बोर्ड ने ही पास नहीं किया वह राजस्थान में कैसे चल सकती है।

उन्होंने बताया कि अपराधियों को पेशी पर लाने ले जाने की परेशानी से बचने के लिए प्रदेश की नौ केन्द्रीय जेलों और पन्द्रह जिला जेलों को वीडियो कॉन्फ्ऱेंसिंग के लिए कोर्ट से जोड़ा जा चुका है। पहली बार प्रदेश की सभी जेलों में डॉक्टर की व्यवस्था कर बन्दियों के स्वास्थ्य की जांच की जा रही है वहीं जेलों में उद्यमिता विकास के लिए बनी चीजों की बिक्री से पौने आठ करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं। उन्होंने कहा पुलिस नफरी के मामले में राजस्थान काफी पिछड़ा हुआ है। देश में प्रति एक लाख पर एक सौ पैंतालीस की नफरी औसतन है वहीं राजस्थान में एक सौ तेरह ही है। साइबर क्राइम को रोकने के सम्बन्ध में सवाल के जवाब में उन्होंने कहा सभी सात संभागों में इस विभाग को सशक्त करने के लिए मुख्यमंत्री ने पर्याप्त बजट दिया है लेकिन आईटी के नौजवान इस क्षेत्र में नहीं मिल रहे हैं। इसलिए पुलिस के ही योग्य कर्मचारियों को ही एंटी साइबर क्राइम तकनीक का प्रशिक्षण दिलाया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि पुलिस हिरासत व जेलों से अपराधियों के फरार होने के मामले में पिछली कांग्रेस सरकार के दौरान 95 बन्दी फरार हुए थे जिनमें से 5 को छोडक़र सभी को पकड़ लिया जबकि इस सरकार के कार्यकाल में मात्र 16 अपराधी फरार हुए जिनमें से एक मिलना ही बाकी है। कटारिया ने बताया कि आपदा प्रबन्धन के तहत एक लाख पैंसठ हजार किसानों को छह हजार एक सौ सोलह करोड़ रुपये की सहायता का ऑनलाइन भुगतान किया गया जो अब तक सभी वर्षों में दी गई कुल सहायता से भी ज्यादा है।

उन्होंने बताया कि पिछले दो सालों में विभिन्न जिलों में डेढ़ हजार बाढ़ पीडि़तों की एयरलिफ्ट कर जान बचाई। इसके अलावा 13 हजार लोगों को शिविरों रखकर राहत पहुंचाई।