भारत जैन महामंडल द्वारा विश्वमैत्री दिवस: क्षमापना समारोह सम्पन्न

भारत जैन महामंडल द्वारा विश्वमैत्री दिवस: क्षमापना समारोह सम्पन्न

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मुंबई। भारत जैन महामंडल एवं चारों सम्प्रदायों की प्रमुख संस्थाओं के संयुक्त तत्वावधान में मुंबई के उपनगर कांदिवली (पूर्व) स्थित तेरापंथ भवन में विश्वमैत्री दिवस: क्षमापना समारोह का भव्य आयोजन चारों सम्प्रदायों के पूज्य आचार्यश्री, मुनिवृंद एवं साध्वीवृंदो के पावन सानिध्य में विशाल उपस्थिति में सम्पन्न हुआ।

ज्योतिषाचार्य श्री हेमचंद्र सूरीश्वरजी के मंगलपाठ के पश्चात मुख्य अतिथि, स्वागताध्यक्ष, विशेष अतिथियों एवं महामंडल के पदाधिकारियों के दीप प्रज्वलन से समारोह का प्रारंभ हुआ। कन्या मंडल ने भावपूर्ण शैली में महामंत्र नवकार का पाठ प्रस्तुत किया। मंत्री युगराज जैन ने समारोह की जानकारी प्रस्तुत की।

स्वागताध्यक्ष दिलीप नाबेड़ा ने उपस्थित जन समुदाय का स्वागत करते हुए महामंडल के कार्यों की सराहना की और समग्र समाज को महामंडल से जुडक़र अपनी एकता का परिचय देने का आहवान किया। महामंत्री तरुण जैन ने भगवान महावीर द्वारा निर्देशित उदाहरणों से अपनी भावना व्यक्त की और आज के कार्यक्रम की उपयोगिता पर प्रकाश डाला।

राष्ट्रीय अध्यक्ष के. सी. जैन ने महामंडल की गतिविधियों की जानकारी देते हुए चारित्रात्माओं, अतिथियों एवं उपस्थित श्रावक-श्राविकाओं के प्रति धन्यवाद एवं कृतज्ञता व्यक्त की। उन्होंने महामंडल के प्रचार-प्रसार हेतु शाखाओं के विस्तार पर बल दिया तथा कहा कि केद्रीय कार्यालय द्वारा आयोजित विश्वमैत्री दिवस क्षमापना समारोह के दिन ही देशभर की शाखाओं के द्वारा भी इसी दिन यह पर्व मनाया जायें, इस हेतु कार्य करेंगे तथा इससे पर्व की महत्ता और भी बढ़ जायेगी। उन्होंने मुंबई महानगर या उपनगरों में जहां भी सम्भव हो जैन छात्रावास बनाने पर बल देते हुए सभी से सहयोग की अपील की। मुनिश्री प्रज्ञासागरजी एवं साध्वीश्री ने कहा कि जैन एकता के साथ श्रावक समाज में आध्यात्मिक उत्थान बहुत जरुरी है। युवा विभाग अध्यक्ष बी.सी. जैन ने कहा कि भारत सरकार के अल्पसंख्यक आयोग द्वारा प्राप्त होनेवाली सुविधाओं का लाभ जैन समाज को प्राप्त हो इसके लिए महामंडल हर कार्य में सहयोग करेगा। संवत्सरी एकीकरण हेतु विशेष रुप से युवावर्ग की भावनाओं का उन्होंने उल्लेख किया। महिला विभाग अध्यक्ष श्रीमती गीता जैन ने भी अपनी भावना व्यक्त की।

इस अवसर पर प्रत्येक सम्प्रदाय से एक-एक व्यक्ति को राष्ट्रीय स्तर पर दिये जानेवाले जैन समाजरत्न अलंकरण से सम्मानित किया गया। इस वर्ष सूरज बडज़ात्या, रसिकलाल धारीवाल, हीरालाल मालू एवं पदमश्री सुवालाल बाफना को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में चम्पालाल वर्धन, सुमतिलाल कर्णावट, रमेश एच. जैन, शिखरचंद पहाडिया, सुरेश जैन, बाबूलाल बाफना, सम्पत पाटनी, सुरेन्द्र दस्सानी, किशोर खाबिया, जवाहरभाई शाह, बिपिन मेहता, शांतिलाल जैन, घनश्याम मोदी, डी.यू. जैन, सी.सी. डांगी, प्रशांत झवेरी, नरेश परमार, पारस परमार, सिद्धराज लोढ़ा, मनोज जैन, सुमेर सुराणा, सी.एल. चौहान, मदन मुठलिया, सलिल लोढ़ा, राजकुमार चपलोत, गजेन्द्र भंडारी, मीरा-भाईंदर की नवनिर्वाचित महापौर श्रीमती डिंपल मेहता के अतिरिक्त बडी संख्या में गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। कार्यक्रम संचालन कवि युगराज जैन ने किया। लगभग तीन घंटे तक चला यह कार्यक्रम पूर्ण रुप से क्षमा एवं मैत्री को समर्पित था।