नाड़ोल में मुनि श्री विश्वोदय कीर्तीसागर (VK) म.सा. का भव्यातिभव्य चातुर्मास प्रवेश

नाड़ोल में मुनि श्री विश्वोदय कीर्तीसागर (VK) म.सा. का भव्यातिभव्य चातुर्मास प्रवेश

SHARE

नाड़ोल। जैन श्वेतांबर देवस्थान पेढ़ी नाड़ोल के तत्वाधान में मणिभद्रवीर के अजोड उपासक प्रवचन प्रभावक प.पू. मुनिवर्य विश्वोदय कीर्तीसागर (VK) म.सा., श्री शंखेश्वर पाश्र्वनाथ तीर्थधाम स्थापिका, प्रेरिका गोड़वाड दीपिका प.पू. साध्वीवर्या ललित प्रभा श्रीजी म.सा. (लहेरा म.सा.) का नाड़ोल में चातुर्मास प्रवेश हुआ। इस दौरान जैन समाज के लोगों द्वारा वाकल माता चौराहा से संतों का भव्य स्वागत कर ढोल, बाजों, रथ, घोड़े, कच्ची घोड़ी व गैर नृत्य के साथ-साथ १०१ कन्याओं द्वारा कलश यात्रा संतों के साथ शोभायात्रा नाड़ोल के मेन बस स्टैंड से होती हुई रवाना हुई। जहां पर चातुर्मास है वहां से जैन मंदिर तक पैदल चलकर संतजनों के साथ जन सैलाब में हजारों की तादाद में पहुंचे। साथ ही भवन में लोगों को प.पू. गुरुवर ने चातुर्मास के बारे में गुरुभक्तों को विस्तार से बताया।

गुरुदेव को कामली वहोराने का लाभ फालना निवासी सुखीबाई छगनलालजी धोका परिवार के महेन्द्र धोका ने लिया। गुरुपूजन का लाभ शिवगंज निवासी कनकराज हिराचंदजी जैन परिवार ने लिया। इस अवसर पर जैन पेढ़ी अध्यक्ष राजेन्द्रकुमार मंडलेशा, उपाध्यक्ष माणक मेहता, सचिव अशोककुमार राठौड, जयंतिलाल नाहर, कोषाध्यक्ष दिनेश मंडलेशा, प्रदिप पावेशा, मांगीलाल हिंगड, सुकनराज मंडलेशा, जब्बरमल मेहता, हेमराज सोनमलिया, बालचंद कोठारी, बसंत सोलंकी, पारसमल पारेख, अनेक संघ गणमान्य ट्रस्टी एवं गुरुभक्त, नाड़ोल सरपंच यशोदा वैष्णव, पंचायत कोरम, नाड़ोल के धार्मिक संघों सहित देव नगरी नाड़ोल के गणमान्य लोग भी उपस्थित थे।