समकित सम्राट प.पू. आचार्य श्री विजय प्रभाकर सूरीश्वरजी म.सा. का दादर में...

समकित सम्राट प.पू. आचार्य श्री विजय प्रभाकर सूरीश्वरजी म.सा. का दादर में भव्य चातुर्मास प्रवेश

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आत्मा को शुद्ध करने का अवसर एवं धर्म धन प्राप्त करने का प्रसंग – चातुर्मास

मुंबई। दादर स्थित श्री आगरतड़ श्री शांतिनाथजी महाराज जैन देरासर ट्रस्ट, संघ परिसर में अगासी तीर्थ श्री समवसरण महामंदिर प्रेरणादाता लब्धिधारी संयम सम्राट परम पूज्य आचार्य श्री विजय दक्ष सुरीश्वरजी म.सा. के प्रभावक पट्टालंकार समकित सम्राट, प्रसिद्ध प्रवचनकार परम पूज्य आचार्य श्री विजय प्रभाकर सूरीश्वरजी म.सा. आदि ठाणा एवं पूज्य साध्वीजी श्री कल्प पूर्णाश्रीजी म. आदि ठाणा का भव्यातिभव्य चातुर्मास मंगल प्रवेश हुआ। दादर के राजमार्ग पर रंगबिरंगे कपड़े में सज्ज साजन – महाजन- चतुर्विंध श्रीसंघ शोभायमान बना था। मंगल कलश एवं अक्षत के द्वारा गुरुदेवश्री का स्वागत किया गया था। मुंबई शहर एवं उपनगर के कई जगह से वह अहमदाबाद-पूना-कोल्हापूर-बेंगलुरू आदि स्थलों से विशाल संख्या में गुरुभक्तों ने उपस्थित रहकर गुरुभक्ती का आदर्श दिखाया। जनभेदनी से भरे हुए वर्तक हॉल में पूज्यश्रीने अपने मांगलिक प्रवचन में कहा कि, चातुर्मास आत्मा को लगे हुए क्रोध-मान-माया और लोभ रुपी कर्म मल को लगे स्वच्छ करने का अवसर है। चातुर्मास में व्यक्ति को चतुर बनकर चार प्रकार से धर्म साधना करना है। मन में संग्रहित किए हुए द्वेष को दूर करेंगे तो ही धर्म नाम का तत्व हृदय में प्रवेश करेगा। घर-घर में बसा हुआ क्रोध अहंकार और लोभ का स्वार्थ भावना को दूर करने की खास प्रेरणा की थी। घर को नंदनवन बनाईये। शाश्वत शांति प्राप्त करें ऐसा १६वें श्री शांतिनाथ परमात्मा का वचन है। मार-मार करते आये देव पक्षी को शांत ऊपशांत किया था राजा मेघरथ ने, वह शांतिनाथ भगवान का ही जीव था। घर को प्रसन्न बनाओ। घर को आनंदित बनाओ। पिछे धर्मसाधना द्वारा पूण्य ऊपार्जन करो। चोक्कस कर्मक्षय होगा और कार्य सिद्धि मिलेगी। पूज्यश्री का गुुरुपूजन एवं कामली बोहराने का एवं पयुर्षण के पूजा – इत्यादि बोली में सभी ने आनंदपूर्वक लाभ लिया पूना के संगीतकार तरुण मोदीने गुरुभक्ति में सभी को मंत्र मुग्ध किया। ट्रस्टी श्री निर्मलभाई ने ट्रस्ट द्वारा सभी का भावभरा स्वागत किया। समारोह में आगाशी तीर्थ के मेनेजिंग ट्रस्टी मुकुन्दभाई जे. शाह, युवा संघ भीवंडी के अध्यक्ष राजेन्द्रभाई के. जैन, शताब्दी गौरव के सिद्धराज लोढा विशेष अतिथि थे, सभी का ट्रस्ट द्वारा बहुमान किया गया।  समारोह में राजस्थान जैन संघ कल्याण के उपाध्यक्ष शांतिलाल पी. संघवी, ट्रस्टी हस्तीमल बाफना, एडवोकेट के. टी. जैन, एडवोकेट किरण जैन, नेरल जैन संघ के ट्रस्टी रमेशभाई सिरोहिया, सुरेशभाई सुंदेशा, शंखेस गदिया, किशोर शिसोदिया, थाणे जैन संघ के बाबुभाई नानावटी, महेन्द्र बल्दोठा, ट्रस्टी सुरेश छाजेड, राजस्थान मीटर गेज प्रवासी संघ के महामंत्री विमल रांका, रमेश चौपड़ा, सज्जन रांका सहित कई गणमान्य उपस्थित थे। समारोह को सफल बनाने में ट्रस्ट के अध्यक्ष पारसमल रांका, विजयराज परमार, सुरेश लोढ़ा, डा. केवलचंद रांका, सुरेश परमार, संपतराज जैन, निर्मल संचेती, जयंतिलाल परमार एवं देवराज लोढ़ा की महत्वपूर्ण भूमिका रही। दादर में ऐतिहासिक और भव्य आयोजन श्री पाश्र्व पद्मावती महादेवी महापूजन दि. १३.८.१७, रविवार के दिन आयोजित है। महापूजन के विशिष्ट आदेशों की बोली ऊछामणी का कार्यक्रम दि. १६.७.२०१७, रविवार को होंगे। प्रतिदिन प्रवचन का शुभ प्रारंभ दि. ८.७.२०१७ से होगा। समय सुबह ९.१५ से १०.१५। सभी को लाभ लेने का जाहिर आमंत्रण ट्रस्ट द्वारा दिया गया।