गोडीजी पार्श्वनाथ देरासर पायधुनी में राष्ट्रसंत आचार्य श्री चन्द्राननसागर सूरीश्वरजी का भव्यातिभव्य...

गोडीजी पार्श्वनाथ देरासर पायधुनी में राष्ट्रसंत आचार्य श्री चन्द्राननसागर सूरीश्वरजी का भव्यातिभव्य चातुर्मास प्रवेश

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मुंबई। धर्मनगरी मुम्बई के सरताज समान श्री गौडीजी पाश्र्वनाथ दादा की शीतल छाया में श्री विजय देवसूर तपागच्छ श्वेताम्बर श्री संघ उपाश्रय के प्रांगण में जाप-ध्यान निष्ठ, जन-जन की आस्था के केन्द्र महामांगलिक सम्राट, 252 सैकड़ों प्रतिष्ठाकारक, नाकोडा भैरव दर्शन धाम महातीर्थ प्ररेक, राष्ट्रसंत प. पू. आचार्य श्री चन्द्राननसागर सूरीश्वरजी म.सा. का भव्यातिभव्य चातुर्मास प्रवेश गाजे-बाजे और पुलीस बैंड की सलामी के साथ हुआ। पूज्य गुरूदेव श्री ने इस मंगलवेला में फरमाया धर्म, समाज और आत्मा का कल्याण करना चाहते हो तो चार महीने में समय निकालकर तप, आराधना और साधना में समय लगा कर पुण्यार्जन कर लेना यह अवसर वर्ष में सिर्फ चार महीने आता है जब देव और गुरू की एक साथ निश्रा मिलती है बाकि के आठ महीने तो हमारा भी विचरण ही रहता है। मुनि श्री निपुणचंद्रसागरजी ने कहा दान, शील, तप और भाव की उपकारी गुरूदेव की निश्रा में आराधना करने का अवसर मिल रहा है इसे मत गंवाना। मुनि श्री मननचंद्रसागर जी ने बताया जड़ बन चुके विश्वास को दृढ करने का अवसर यानि चातुर्मास होता है इस मंगलवेला का लाभ उठाने से मत चुकना। इस चातुर्मास में पूज्य गुरूदेव श्री के साथ मुनि श्री हरिशचंद्रसागर, मुनि श्री पुष्पचंद्रसागर,मुनि श्री मननचंद्रसागर एवं विदुषी पू. साध्वी श्री कल्पिताश्रीजी, साध्वी श्री चारूताश्रीजी, साध्वी आशिताश्रीजी, साध्वी श्री रिशिताश्रीजी म.सा. की निश्रा रहेंगी। चातुर्मास दरम्यान विभिन्न तरह की शिविरों का आयोजन किया जाएगा। इस मंगलवेला में विधायक राज पुरोहित, गौडीजी संघ के ट्रस्टीगण प्रशांत झवेरी, मेहुल चौकसी नाकोडा धाम के ट्रस्टीगण कांतीलाल शाह, दिनेश तेलीसरा, सुरेश जैन, अमरीश पीपाड़ा, राजू दर्शन, मोहनलाल ओटरमल, मनीष कोठारी, कनकराज लोढा, इन्दरमल राणावत, भंवरलाल कोठारी, साकलचंद संघवी, शैलेश झवेरी, शैलेश भाई, निरंजन चौकशी, जीतु रवासा, पोपटलाल सुंदेशा, पंकज जगावत, जयंतीलाल कोठारी, माणक कोठारी, जयंतीभाई (एमके), चम्पालाल दौलानी, नरेश एस. कपूर, रमेश मुत्ता, दानमल मुत्ता, अमृत हाडेचा, मनोज शोभावत, चंदनमल सिंघवी, सिद्धराज लोढ़ा, निरंजन परिहार, विमल रांका, सुकन परमार, मोती सेमलानी, मारवाड़ जंक्शन जैन संघ, रोहा जैन संघ, सर्वोदय जैन संघ मुलुंड, सिणधरी जैन संघ, कुर्ला जैन संघ, मांगलिक ग्रुप, नाकोडा भैरव दर्शन भक्त परिवार, दर्शन परिवार आदि के गुरू भक्तों की गरिमामय उपस्थिति रही। संगीतकार नरेन्द्र वाणीगोता एवं ग्रुप, निखिल सोनीगरा, महावीर देसाई ने गुरू भक्ति गीतों से कार्यक्रम को संगीतमय बनाया।

स्वामी वात्सल्य का लाभ नाकोड़ा दर्शन धाम ट्रस्ट मंडल द्वारा लिया गया।