जीएसटी को सीए समझें व समझाएं – अर्जुनराम मेघवाल

जीएसटी को सीए समझें व समझाएं – अर्जुनराम मेघवाल

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भायंदर। अधूरी जानकारी होने पर लोग जीएसटी के बारे कुप्रचार करने लगते हैं। ऐसे में सीए लोगों की जिम्मेदारी बनती है कि वे जीएसटी के बारे में खुद अच्छी तरह समझें और लोगों को समझाएं, क्योंकि कर से संबंधित परेशानी को दूर करने में लोग सीए की मदद ही लेते हैं। इस तरह का आव्हान केन्द्रीय वित्त राज्यमंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने दि इंस्टिट्यूट ऑफ चार्टर्ड एकाउंट्स ऑफ इंडिया वसई ब्रांच डब्ल्यूआईआरसी की तरफ से जीसीसी इंटरनेशनल स्कूल हॉल में जीएसटी पर आयोजित दो दिवसीय नेशनल कॉफ्रेंस में आव्हान किया। कार्यक्रम में ७०० से ज्यादा सीए व गणमान्य व्यक्तियों को संबोधित करते हुए मेघवाल ने कहा कि जीएसटी के रुल्स का ड्राफ्ट बनाया जा रहा है। १८-१९ मई को जीएसटी काउंसिल की बैठक जम्मू-कश्मीर में होने जा रही है। तीन दिन का वक्त है, इन तीन दिनों में रुल्स का अच्छी तरह से अध्ययन कर आप फीडबैंक भेजें। उन्होंने कहा कि इनडायरेक्ट करों के मकडज़ाल से छुटकारा पाने के लिए जीएसटी जरुरी है। जीएसटी लागू करने के लिए सभी राज्य माने है। जीएसटी के नियम और दर में बदलाव किया जा सके, इसके लिए हमने को-ऑपरोटिव फेड्रलिज्म बनाया है। कांफ्रेंस में दि इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ चार्टेड एकाउंटेंट्स के राष्ट्रीय अध्यक्ष सी.ए. नीलेश विकमसे ने भी अपने विचार रखे। दो दिवसीय कांफ्रेंस का उद्घाटन डब्ल्यूआयआरसी के चेयरमैन सीए. विष्णू अग्रवाल ने किया। उपस्थित मेहमानों का स्वागत वसई ब्रांच के चेयरमैन सीए. नीतेश कोठारी ने किया। इस अवसर पर सीए. प्रफुल छाजेड़, सीए सुनील पटोदिया आदि उपस्थित थे। कार्यक्रम को सफल बनाने में विमल अग्रवाल, हेमंत शा, सुमीत दोशी, भंवर बोराणा, जेवियर राजन, मुकेश शर्मा, अंकित राठी, ललित बजाज आदि का सराहनीय योगदान रहा।