साध्वी श्री रत्नदर्शिता म.सा. का दुर्घटना में कालधर्म

साध्वी श्री रत्नदर्शिता म.सा. का दुर्घटना में कालधर्म

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थाणे। वल्लभ समुदाय के वर्तमान गच्छाधिपति आचार्य विजय नित्यानंद सूरीश्वरजी म.सा. की आज्ञानुवर्ति साध्वीयों का भिवंडी से थाणा आते हुए एक्सीडेंट हो गया जिसमें साध्वी श्री रत्नदर्शिता म.सा. का देवलोक गमन हो गया। उनकी व्हील चेयर चलाने वाली महिला का भी घटना स्थलपर निधन हो गया। उनकी सहवर्तिनी साध्वीश्री रत्नशिलाजी म.सा. को गंभीर अवस्था में थाणे के ज्युपिटर हॉस्पिटल में भर्ती किया गया। जहां उन्हें गहन चिकित्साकक्ष में डॉक्टर की निगरानी में रखा गया है। ५७ वर्षीय दिवंगत साध्वी श्री रत्नदर्शिता श्रीजी म.सा. मूल सांडेराव (राजस्थान) के थे। साध्वीजी की पालखी थाणे टेंबीनाका राजस्थान श्वेताम्बर मूर्तिपूजक जैन संघ के मुनिसुव्रत जिनालय से निकाली गयी। जहा पर हजारों गुरुभक्तों ने उन्हें अश्रुपूर्ण श्रद्धांजली अर्पित की। जीतो थाणे के चेयरमेन महेन्द्र जैन (किंग) ने हमारे संवाददाता को बताया कि अस्पताल में भर्ती साध्वीजी का जीतो श्रमण आरोग्यम द्वारा इलाज कराया जा रहा है।