भारत जैन महामंडल द्वारा २६१६ वां भगवान महावीर जन्म कल्याणक महोत्सव भव्यरुप...

भारत जैन महामंडल द्वारा २६१६ वां भगवान महावीर जन्म कल्याणक महोत्सव भव्यरुप से संपन्न

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मुंबई। समग्र जैन समाज की ११८ वर्षों से कार्यरत अ.भा. संस्था भारत जैन महामंडल के तत्वाधान एवं समग्र जैन समाज द्वारा न्यू मरीन लाइन्स स्थित पाटकर हॉल में भगवान महावीर का २६१६वां जन्म कल्याणक महोत्सव भव्यरुप में सम्पन्न हुआ। दिगंम्बराचार्यश्री, पदमनंदजी म.सा., मुनिश्री निलेशचंद्र विजयजी म.सा., साध्वीजी हंसश्री प्रा. मुनिश्री महेन्द्रकमारजी आदि साधु-साध्वीवृंदों के पावन सानिध्य एवं मुख्य अतिथि महामहिम सी. विद्यासागर राव, एस.एस. मुदड़ा-डिप्टी गर्वनर रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया, स्वागताध्यक्ष पवन जैन के अतिरिक्त सम्मानीत अतिथि पृथ्वीराज कोठारी, के.सी. सेटी, प्रमोद कटारिया, विधायक राजेन्द्र पाटनी, राज के. पुरोहित एवं मंगलप्रभात लोढ़ा आदि गणमान्य अतिथि बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

bharat jain mahamandal1महामंत्री तरुण जैन ने भारत जैन महामंडल द्वारा ११८ वर्षों से हो रहे सेवाभावी कार्यों की जानकारी दी और अधिक से अधिक भाई-बहनों को मंडल से जुडने का आग्रह किया। पवन जैन ने सभी उपस्थित जन समुदाय का स्वागत करते हुए भगवान महावीर के बताये हुए अहिंसा के मार्ग पर चलने का आग्रह किया।

महामंडल के राष्ट्रीय अध्यक्ष के. सी. जैन ने विशाल उपस्थित जन समूदाय का स्वागत करते हुए कहा कि – महामंडल सकल जैन समाज की शीर्ष संस्था है। आज के इस पावन प्रसंग पर मेने मन की भावना है कि एक छात्रावास मेरे कार्यकाल में महानगर या उपनगरों में जहां भी संभव हो, बनाया जाये। मैं आशा एवं विश्वास करता हूं। कि समाज का इस जन उपयोगी कार्य में हमें पूर्ण सहयोग प्राप्त होगा।

राज्यपाल ने अपने भाषण में महामंडल के कार्यो के साथ भी जैन समाज द्वारा होनेवाले सेवाभावी कार्यों की सराहना की तथा कि कहा आज देशभर में अहिंसारूपी पावन धारा बह रही है। जहां यह धारा बहेगी वहां करुणा, दया, सुख समृद्धि एवं शांति की स्थापना अवश्य ही होगी। अहिंसा जैन सिद्धांतों की मुख्य देन है अत: यह संस्था इसे अवश्य ही जन-जन तक पहुंचाने का कार्य करेगी।

इस अवसर पर सम्मानीत अतिथियों को मोमेंटों, शॉल एवं माला से स्वागत किया गया। कार्यक्रम में रमेश एच. जैन, चम्पालाल वर्धन, शिखरचंद पहाडिया, सम्पत पाटनी, सुरेश जैन, डा. रमणिक बक्षी, बाबूलाल बाफना, विनोद बड़ाला, शांतिलाल जैन, सुरेन्द्र दस्सानी, जगदीश प्रसाद उमरिया, मीठालाल सिंघवी, सिद्धराज लोढ़ा, नरेश परमार, मदन मुठलिया, बिपिन मेहता, प्रशांत झवेरी, सी.एन.जैन, रोशनलाल वडाला, मांगीलाल मेहता, मदनराज शाह, भरत जैन, राकेश जैन, राजकुमार चपलोत, अशोक जैन आदि बड़ी संख्या में गणमान्य लोग उपस्थित थे। लगभग २.३० लगभग घंटे तक चले इस अहिंसामय कार्यक्रम का सुचारु संचालन कविश्री युगराज जैन ने किया।