स्नेहालय मनुष्य को सक्षम करने वाली संस्था: पोर्णिमा चौगुले-श्रींगी (पुलिस उपायुक्त)

स्नेहालय मनुष्य को सक्षम करने वाली संस्था: पोर्णिमा चौगुले-श्रींगी (पुलिस उपायुक्त)

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सोलापुर। स्नेहालय उपेक्षित महिला एवं उनके सक्षमीकरण हेतु महत्वपूर्ण कार्य करते हुए उनमें से भारत के आदर्श नागरिक बनाने का उत्कृष्ट सेवा कार्य कर रही है। उपरोक्त उद्गार स्नेहालय द्वारा अन्र्तराष्ट्रीय जागृत महिला दिवस पर आयोजित श्रमवंत महिला सम्मान गोष्टी में सोलापूर पुलीस उपायुक्त पोर्णिमा चौगुले-श्रींगी ने व्यक्त किये। कार्यक्रम के अध्यक्ष कुर्दुवाडी संत मंडल के अध्यक्ष डा. जयंत करंदिकर ने अपने संबोधन में कहा कि स्नेहालय एक सामाजिक विश्वस्थ संस्था समाज के उपेक्षित बालकों के लिए पिछले १८वर्षों से जिजामाता की भूमिका निभा रही है। जिजामाता ने जिस प्रकार छत्रपति शिवाजी महाराज का निर्माण किया था उसी प्रकार स्नेहालय भी अनेक बालकों को शिवाजी जैसा बनाने का कार्य कर रही है।

जनकल्याण की संचालिका सौ. आशा हजारे चपलगांव शिक्षण विभाग की केंद्रप्रमुखा नलुबाई जाधव, तुलजापुर नवोदय विद्यालय के प्राचार्य विजय बोस, अहमदनगर के डा. जीवन जाधव आदि गणमान्यों ने बचतगट, आरोग्य, संस्कार एवं अन्य विषयों पर महिलाओं का मार्गदर्शन किया। कार्यक्रम में भैरूसेठ कोठारी, उस्मानाबाद के नंदकिशोर भंसाली, अॅड विद्या कटकधोंड आदि मान्यवर उपस्थित थे। बालाजी डिजीटल की अपर्णा कोंडाबत्तीनी रात्री महाविद्यालय की प्रा. सुरय्या पटेल, शिक्षिका वंदना कोपकर, लघुव्यवसायी तालाबी पटेल, श्रमवंत कोंडाबाई शिंदे, पारुबाई जाधव, क्रांती महिला संघ की काशीबाई जाधव, लक्ष्मी जाधव, कु. भारती मिसाल सहित ९ विशिष्ठ महिलाओं का सम्मान स्नेहालय द्वारा सम्मानपत्र, शॉल, श्रीफल देकर पोलीस उपायुक्ता पौर्णिमा चौगुले के हाथों किया गया।

इस कार्यक्रम में स्नेहालय के प्रथम मासिक प्रकाशन अंक का इस कार्यक्रम में मान्यवरों के हाथों किया गया। उपस्थित सभी महिलाओं को साडी देकर सम्मानित किया गया। मान्यवरों द्वारा दीप प्रज्वलन, प्रमिमा पूजन एवं स्नेहालय के बालकों द्वारा स्वागत गीत के साथ शुभारंभ हुआ। स्नेहालय के अध्यक्ष प्रदिपकुमार शिंगवी, सौ. चंदाबेन शिंगवी ने अतिथियों का स्वागत किया। स्नेहालय की कन्या कु. प्रियांका के पसायदान से कार्यक्रम का समापन किया। कार्यक्रम का सुत्रसंचालन शैलेद्र मसलेकर एवं शिरीष मते ने किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में विकास वाघमोडे, वैशाली अकोलकर, दिनेश झालटे, अतुल मलमे, रवींद्र गडदे, विनायक मदने, अर्चना शिंदे के साथ शेठ र. जे. शिंगवी विद्यालय के सभी शिक्षकों का सराहनीय योगदान रहा।