भारत जैन महामंडल का ५५वां राष्ट्रीय अधिवेशन भव्य रुप से संपन्न, श्री...

भारत जैन महामंडल का ५५वां राष्ट्रीय अधिवेशन भव्य रुप से संपन्न, श्री के.सी. जैन ने संभाला राष्ट्रीय अध्यक्ष का पदभार

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मुंबई। समग्र जैन समाज की ११८ वर्षों से कार्यरत अ.भा. संस्था भारत जैन महामंडल के ५५वें राष्ट्रीय अध्यक्ष का पदभार सुप्रसिद्ध चार्टेड अकाउन्टेट श्री के. सी. जैन ने बिड़ला मातुश्री सभागृह, न्यू मरीन लाईन्स में विशाल उपस्थिति के बीच ग्रहण किया। परम पूज्य मुनि प्रवर ध्यान दिवाकर, १०८ मुनि श्री जयकिर्ती म.सा., प.पू. क्रातिकारी विनम्रसागर म.सा., प.पू. श्रमण संघीय सलाहकार वाणीभूषण श्री रमणीक मुनिजी म.सा., प.पू. गाडल संप्रदाय शासन चन्द्रिका साध्वी हस्तिताबाई म.सा., शान्तिदूत महायशस्वी आचार्य महाश्रमण की प्रबुद्ध सुशिष्या साध्वी अणिमा आदि साध्वी वृंद चारों सम्प्रदायों के पूज्य साधु-साध्वीवृंदो के पावन सानिध्य, गणमान्य अतिथियों के अतिरिक्त समाज के प्रमुख व्यवसायी एवं उद्योगपति उपस्थित थे। मुख्य अतिथि जीतो अपेक्स के प्रेसिडेंट शांतिलाल कवाड़ एवं स्वागताध्यक्ष तरुण जैन ने महामंडल के गौरवशाली इतिहास की जानकारी दी।

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के.सी. जैन को पदभार देते हुए निवृतमान अध्यक्ष रमेशकुमार एच. जैन (धाकड़) ने अपने तीन वर्र्षों के कार्यकाल के सेवाकार्यो की जानकारी दी एवं भविष्य में महामंडल को अपनी सेवाएं देते रहने का आश्वासन दिया। महामंत्री बाबूलाल बाफना, युवा विभाग अध्यक्ष बी.सी. भलावत जैन, महिला अध्यक्ष श्रीमती कुमुद कच्छारा ने भी तीन वर्ष के कार्यकाल की जानकारी प्रस्तुत की। इस अवसर पर अतिथियों का शाल-माला से सम्मान किया गया। श्री धाकड़ ने के.सी. जैन का साफा, माला से स्वागत किया तथा इसी प्रकार के.सी. जैन ने भी श्री धाकड़ का अभिनंदन किया। कार्यक्रम में विशेष अतिथि पराग जैन, सुनील कच्छारा, शंभूकुमार कासलिवाल, प्रभात जैन, विधायक राजेन्द्र पाटनी, मंगलप्रभात लोढ़ा, राज के. पुरोहित, मीरा भाईंदर की महापौर श्रीमती गीता जैन, नवनिर्वाचित नगर सेवक अतुल शाह, आकाश राज पुरोहित, रीटा मकवाना उपस्थित थे। जिनका संस्था द्वारा सम्मान किया गया।

साध्वी अणिमाश्री ने कहा दायित्व एक नया आकाश है, यह एक महत्वपूर्ण कार्य करने का अवसर है। आज हम सभी एक मंच पर है, जिसका श्रेय भारत जैन महामंडल को जाता है। मनुष्य अपने जीवन जीने के लिए नए रास्ते बनाने की कोशिश करता है। कभी हम स्वागत और कभी विदाई देखते है, परन्तु आज स्वागत और विदाई एक साथ देखने को मिला है। जहां गुरु का आशीर्वाद होता है, वहां कार्य सफल होता है। जब कार्यभार संभाला जाता है, तब कई कठिनाइयां आती है, पर गुरु पर विश्वास होना चाहिए। कुछ व्यक्ति होते हैं, जो तूफानों से घबराया नहीं करते हैं। जो कांटों से नहीं डरते हैं, वही फूलों को पाता है। जो व्यक्ति एक योजना के साथ आगे बढ़ता है, आगे चलकर वहीं कामयाब होता है।

बी.सी. भलावत ने कहा आज एक बहुत शुभ दिन है, पहला सुखद कारण रमेशकुमार धाकड़ का कार्यकाल का समापन हो रहा है। दूसरा के.सी. जैन का कार्यकाल शुरु हो रहा है। भारत जैन महामंडल के लिए पिछले ११८ वर्षों से कार्य कर रहा है। जो चारों संप्रदाय को जो एक साथ लाने का कार्य कर रही है।

नवनिर्वाचित अध्यक्ष के.सी. जैन ने कहा कि मैं मेरा सौभाग्य मानता हँ कि सकल जैन समाज की सर्वोच्च संस्था का नेतृत्व देने का अवसर मिल रहा है, मुझे गर्व एवं गौरव की अनुभूति हो रही है कि इस सर्वोच्च पद पर आसीन इसे न तो शब्दों में अभिव्यक्त किया जा सकता है, न ही इसे शब्दों की परिधि में बांधा जा सकता है। मैं मेरे सामाजिक जीवन का अहोभाग्य मानता हँू कि मुझे इस महामंडल के माध्यम से जैन समाज को सेवाएं देने का अवसर प्राप्त हो रहा है। कार्यक्रम में शिखरचंद पहाडिया, युवा शाखा महामंत्री विनोद वडाला, सम्पत पाटनी, संदीप जैन, शांतिलाल जैन (पिंकू), पारस गोलच्छा, सुरेश जैन, घनश्याम मोदी, किशन डागलिया, धनराज सिंघी, भूरिलाल जैन, रतनलाल दुग्गड, प्रशांत झवेरी, डा. रमणिक बक्षी, राजकुमार चपलोत, नरेश परमार, किशोर खाबिया, संजय राजा जैन, सुरेन्द्र दस्सानी, छत्तरमल लोढ़ा, अशोक शास्त्री सहित कई गणमान्य उपस्थित थे। अनेकों संस्थाओं के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ताओं का सहयोग सराहनीय रहा। गीतकार जितेन्द्र कोठारी ने अपनी मधुर स्वर लहरीयों से सबका मन मोह लिया। लगभग तीन घंटे तक चले कार्यक्रम का सुचारु संचालन युगराज जैन ने किया।