खुडाला में श्री कल्पतरु पार्श्वनाथ जिनालय की अंजनशलाका प्रतिष्ठा ९ फरवरी को

खुडाला में श्री कल्पतरु पार्श्वनाथ जिनालय की अंजनशलाका प्रतिष्ठा ९ फरवरी को

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खुडाला। भारत के स्वर्णिम राज्य राजस्थान के श्री खुडाला नगर में सृष्टि सौंदर्य, विश्व वैभव, भव्यातिभव्य, दिव्यातिभव्य मनोवांछित श्री कल्पतरु पाश्र्वनाथ जिनालय की अंजनशलाका प्रतिष्ठा प.पू. तत्वचिंतक पन्यासप्रवर श्री चिदानंदविजयजी म.सा., प.पू. सेवाशील मुनिवर श्री लक्ष्मीचन्द्र विजयजी म.सा. की पावन निश्रा एवं प.पू. मुनिवर श्री विश्वोदय किर्तिविजयजी (वीके) म.सा. के पावन सानिध्य में श्रीमती भारतीबेन शांतिलालजी बोकडिया परिवार, देवशांति फाऊडेशन खुडाला मुंबई के तत्वाधान में ९ फरवरी २०१७ गुरुवार को आयोजित होगी। कार्यक्रम की जानकारी देते हुए देवशांति फाऊडेशन के अध्यक्ष शांतिलाल बोकडिया ने हमारे संवाददाता को बताया कि महोत्सव का शुभारंभ २ फरवरी गुरुवार से होगा। ४ फरवरी शनिवार को पूज्य गुरुदेव का प्रवेश भव्य सौमेया के साथ होगा।

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विरवेश्वर का भव्य वरघोडा ८ फरवरी बुधवार को, प्रतिष्ठा ९ फरवरी गुरुवार को एवं द्वारोद्घाटन १० फरवरी शुक्रवार को संपन्न होगा। इस नवाहिन्का महोत्सव में जलधारा विधान, कुंभस्थापना, स्नात्रपूजा, दस दिक्पालपूजन, नवग्रहपूजन, श्री च्यवनकल्याणक महोत्सव, प्रतिष्ठाचार्य धर्मचार्यपूजन, जन्म उद्घोषणा, ५६ दिग्गकुमारीयों का महोत्सव, प्रभुजी जन्मबधाई, विवाह महोत्सव, मेहंदी वितरण, मोमेरा गांव सांझी, दिक्षास्नान, दीक्षा वरघोडा, मंदिर में भगवान प्रवेश, प्रतिष्ठासह ध्वज दंड कलशारोहण के साथ धर्मसभा एवं बहुमान समारोह का आयोजन होगा प्रतिदिन सुबह का नाश्ता, सुबह की नवकारशी, एवं शाम की नवकारशी लाभार्थी परिवारो द्वारा होगी। प्रतिदिन श्री भक्तामर, गुरुदेव श्री के मुखार्विंद से प्रवचन, नयनरम्य आंगी, सुबह एवं शाम रात्रि भक्ति होगी। पूरे खुडाला नगर को  दुल्हन की तरह सजाया जा रहा है। समारोह में श्री खुडाला जैन संघ एवं समस्त ट्रस्टीगण, श्री धर्मसंस्कार ग्रुप, खुडाला युथ क्लब, एवं श्री खुडाला जैन महिला मंडल का पूरा सहयोग रहेगा। महोत्सव को महामहोत्सव बनाने में शांतिलाल बोकडिया, प्रियेश बोकडिया, भाविन बोकडिया, श्रीमती भारतीबेन बोकडिया, श्रीमती निक्की बोकडिया, श्रीमती हिना बोकडिया के साथ पूरा बोकडिया परिवार जुटा हुआ है। शांतिलाल बोकडिया ने सभी धर्मप्रेमीयों से अपील करते हुए कहा कि वे इस प्रतिष्ठा महोत्सव में उपस्थित रहकर इस यादगार बनाए।

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