घाणेराव पांजरापोल गौशाला को आधुनिक बनाने 2 साल में खर्च किए 10...

घाणेराव पांजरापोल गौशाला को आधुनिक बनाने 2 साल में खर्च किए 10 करोड़ रुपए

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घाणेराव। श्री ओसवाल संघ घाणेराव द्वारा संचालित पांजरापोल गौशाला में गायों को आधुनिक सुविधा देने के उद्देश्य से दानदाताओं ने पिछले 2 वर्षो में 10 करोड़ से अधिक रुपए खर्च कर दिए हैं, जिसके कारण गौशाला में बेसहारा मवेशियों की संख्या अब तक 503 तक पहुंच चुकी है। वहीं गौशाला संचालक द्वारा गौशाला भूमि पर ही पशुओं के लिए पिछले दो वर्षों से हरे घास सहित चारे की पैदावार की जा रही है। घाणेराव के जैन समाज के भामाशाहों द्वारा लगातार गौशाला विकास में कई वर्षों से सहयोग किया जा रहा है। ज्ञातव्य है कि घाणेराव श्री ओसवाल जैन संघ पेढ़ी द्वारा गांव से करीब 5 किमी दूरी पर स्थित पांजरापोल गौशाला का वर्षों से संचालन किया जा रहा है। इस गौशाला के विकास में गोडवाड़ के भामाशाह कनकराज लोढ़ा का मुख्य योगदान रहा है। करीब एक हजार बीघा भूमि में फैली इस गौशाला में चारों तरफ छोटी-छोटी कांटेदार झांडियों के कारण पशुओं को पर्याप्त चारा नहीं मिल पाता था। ऐसे में श्री ओसवाल संघ घाणेराव ने इस गौशाला को आधुनिक गौशाला बनाने का निर्णय लेते हुए 2014 में इसकी जिम्मेदारी गौशाला अध्यक्ष जीतेंद्र पुनमिया, संदीप कांठेर उपाध्यक्ष प्रवीण परमार सचिव सदस्यों की दी गई। जिसके बाद गौशाला में पशुओं को बरसात, सर्दी गर्मी से बचाने के लिए 8 करोड़ रुपए की लागत से बडे-बडे दस शेड का निर्माण करवाया गया। वहीं पशुओं के लिए अलग-अलग पानी के हौद बनाए गए। शेड की हमेशा कार्मिकों द्वारा सफाई की जाती है। गौशाला में मौजूद पशुओं के लिए संचालक सदस्यों को बाहर से घास खरीदनी पड़ती थी, जिसके कारण लाखों रुपए हर वर्ष घास पर खर्च हो जाते थे। ऐसे में गौशाला संचालक पदाधिकारियों सदस्यों ने पशुओं के लिए चारा इसी भूमि पर तैयार करने का निर्णय लिया गया। जिसके बाद भूमि को उपजाऊ बनाने के लिए दो करोड़ के करीब राशि खर्च हो गई। आज इस गौशाला भूमि पर पशुओं के खाने के लिए चारा तैयार किया जा रहा है। इतना ही नहीं पशुओं की सुरक्षा को लेकर गौशाला प्रांगण में 32 सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं। यही कारण है कि पिछले एक वर्ष में गौशाला में एक भी पशु की मौत नहीं हुई है।