दक्षिण भारत के सर्वप्रथम विशाल श्री लक्ष्मीनारायण मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा समारोह...

दक्षिण भारत के सर्वप्रथम विशाल श्री लक्ष्मीनारायण मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा समारोह 17 व 18 जनवरी को

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तिरुपति। देश के दक्षिण भाग में स्थित है पावन तीर्थस्थली तिरुपति। जहां एक ओर नया इतिहास बनने वाला है। तिरुपति से लगभग 15 किलोमीटर दूर सी.रामापुरम, आर.सी. रोड़ स्थित श्री सिद्धेश्वर तीर्थ स्थल, श्री ब्रह्मर्षि आश्रम, तिरुपति की पावन भूमि पर दिनांक 17-18 जनवरी, 2017 को दक्षिण भारत के सर्वप्रथम विशाल श्री लक्ष्मीनारायण मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा होने जा रही है। सफेद संगमरमर से बने इस भव्य मंदिर में भगवान श्री लक्ष्मीनारायण की प्राण प्रतिष्ठा समारोह 10 जनवरी, 2017 से प्रारम्भ हो गया है। श्री ब्रह्मर्षि आश्रम, तिरुपति के महामंत्री श्री प्रताप जैन ने बताया कि विख्यात धर्मनगरी तिरुपति जहां ऊपर तिरुमाला में भगवान वेंकटेश बालाजी है और तिरुपति में माता पद्मावती विराजमान है, वहीं तिरुपति की इस पावन धरा पर भगवान श्री लक्ष्मीनारायण का भव्य मंदिर तैयार हो गया है। तिरुमाला पर्वत में स्थित भगवान बालाजी के मंदिर की महत्ता से सभी विदित ही है। वहीं भगवान श्री लक्ष्मीनारायण की प्राण-प्रतिष्ठा का मुख्य समारोह 18 जनवरी, 2017 को होगा।

मंदिर निर्माण से जुड़े श्री किरण जामड़ ने बताया कि इससे पूर्व 17 जनवरी, 2017 को एक दिव्य आलौकिक दर्शन का लाभ भक्तों को मिलने वाला है। प्रकृति के आलौकिक सौन्दर्य के साथ चारों ओर पवर्तमालाओं से घिरा, दुर्लभ वृक्ष श्रृंखलाओं से आच्छादित सप्तगिरी के श्री सिद्धेश्वर तीर्थ जहां ब्रह्मर्षि श्री गुरुदेव ने अनेक साधनाएं की है और आज भी उनकी साधनाओं का क्रम अनवरत जारी है। इसी क्रम में 17 जनवरी, 2017 को ब्रह्मर्षि श्री गुरुदेव 93 दिवस की गहन साधना पूर्ण कर भक्तों को दर्शन देंगे। मंदिर निर्माण कमेटी सदस्य श्री गोविन्द अग्रवाल ने बताया कि सर्वोत्तम सिद्धियों से सिद्ध, महापुरूषों में से एक सिद्ध आत्मा ब्रह्मर्षि श्री गुरुदेव एक ऐसे सिद्धित महामानव है जिनमें एक तरफ  साधना एवं शक्ति की गंगा प्रवाहित होती है तो दूसरी तरफ  ज्ञान की यमुना, जिनकी सिद्धियों में ऊंचाईयां है तो साधना में गहराईयां है। आश्रम आचार्य पंडित श्री श्रीनिवास श्रीमाली़ ने बताया कि श्री ब्रह्मर्षि आश्रम, तिरुपति में 17 व 18 जनवरी, 2017 को होने वाले विशाल आयोजन की व्यापक तैयारियां चल रही है। इस समारोह में भाग लेने के लिए देश-विदेश से हजारों की संख्या में भक्त श्री ब्रह्मर्षि आश्रम, तिरुपति पहुंच रहे है। ब्रह्मर्षि आश्रम के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री घनश्यामजी मोदी ने सभी गुरुभक्तों से ज्यादा से ज्यादा संख्या में उपस्थित रह कर इस समारोह को भव्य बनाने की अपील की है।